Odisha News: बिजू जनता दल ने मंगलवार को ओडिशा के भाजपा सांसदों पर गंभीर आरोप लगाया है। पार्टी का कहना है कि उन्होंने खान और खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन अधिनियम 2026 का समर्थन किया जबकि उन्हें पता था कि इससे राज्य को लगभग एक लाख करोड़ रुपये के बकाया से वंचित किया जा सकता है।
राज्यसभा सांसद संतृप्त मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ओडिशा सरकार ने स्वयं सुप्रीम कोर्ट में यह राशि राज्य का वैध हक बताया था। महाधिवक्ता पितांबर आचार्य के हलफनामे का हवाला देते हुए बीजेडी ने आरोप लगाया कि राशि न मिलने पर राज्य को बड़ा वित्तीय नुकसान होगा। भाजपा सांसदों पर राज्य के हित से समझौता करने का आरोप लगाया गया है।
Odisha News: बीजेडी ने क्या आरोप लगाया
संतृप्त मिश्रा ने कहा कि ओडिशा के भाजपा सांसद संशोधन का समर्थन करने से पहले इसके प्रभाव से वाकिफ थे। उनके अनुसार यह कानून राज्य को बड़े बकाया से वंचित कर सकता है। पार्टी ने इसे राज्य के हित के खिलाफ कदम बताया। प्रेस वार्ता में उन्होंने सरकार के सुप्रीम कोर्ट वाले रुख का जिक्र किया। आरोप है कि सांसदों ने केंद्र के प्रस्ताव के साथ खड़े होकर स्थानीय हक को नजरअंदाज किया।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हलफनामा दिया गया
ओडिशा के महाधिवक्ता पितांबर आचार्य ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था। उसमें कहा गया कि एक लाख करोड़ रुपये का बकाया राज्य का वैध हक है। अगर यह राशि राज्य को नहीं मिलती तो उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। बीजेडी ने इसी हलफनामे को अपने आरोप का आधार बनाया है। पार्टी का तर्क है कि सरकार का आधिकारिक रुख साफ था फिर भी सांसदों ने संशोधन का समर्थन किया।
Odisha News: खनन संशोधन से जुड़ा विवाद क्या है
खान और खनिज विकास एवं विनियमन संशोधन अधिनियम 2026 को लेकर राज्य में सवाल उठे हैं। बीजेडी का आरोप है कि इसमें ऐसे प्रावधान हैं जिनसे ओडिशा का बकाया प्रभावित हो सकता है। पार्टी ने कहा कि खनिज संपन्न राज्य होने के नाते ओडिशा का हक सुरक्षित रहना चाहिए था। विपक्ष का कहना है कि सांसदों को राज्य के वित्तीय हित को प्राथमिकता देनी चाहिए थी। मामला अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
राज्य के वित्तीय हित पर क्या चिंता जताई गई
बीजेडी का दावा है कि एक लाख करोड़ जैसी बड़ी राशि राज्य की विकास योजनाओं के लिए अहम है। अगर यह बकाया नहीं मिलता तो राजस्व पर असर पड़ेगा। पार्टी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने खुद नुकसान की आशंका जताई थी। ऐसे में सांसदों का समर्थन समझ से परे है। विपक्ष राज्य सरकार और केंद्र दोनों से स्पष्टीकरण चाहता है।
Odisha News: राजनीतिक प्रतिक्रिया कैसी रही
बीजेडी ने भाजपा सांसदों पर राज्य के हित से समझौता करने का आरोप लगाया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में संतृप्त मिश्रा ने इस मुद्दे को जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों से जुड़ी राशि पर राज्य का हक बनता है। विपक्ष इसे चुनावी और शासन दोनों स्तर पर उठाने की तैयारी में है। भाजपा की ओर से इस आरोप का तत्काल जवाब उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।
ओडिशा में खनन कानून संशोधन को लेकर बीजेडी का यह आरोप राज्य के बड़े वित्तीय दावे से जुड़ा है। पार्टी का कहना है कि लगभग एक लाख करोड़ रुपये के बकाया को सुप्रीम कोर्ट में राज्य का वैध हक बताया गया था फिर भी भाजपा सांसदों ने संशोधन का समर्थन किया। महाधिवक्ता के हलफनामे का हवाला देकर विपक्ष ने राज्य हित से समझौते का मुद्दा उठाया है।
अब इस आरोप पर सत्ता पक्ष क्या रुख अपनाता है यह देखना होगा। खनिज संपन्न राज्य के राजस्व और विकास कार्यों पर इसका असर पड़ सकता है इसलिए मामला सिर्फ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहेगा। आगे संसद और अदालत दोनों जगह इस मुद्दे की चर्चा संभव है।
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