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Shani Gochar 2027: 30 साल बाद मेष राशि में आएंगे शनिदेव, इन 3 राशियों की बढ़ेगी मुश्किलें, जानें बचाव के उपाय

Shani Gochar 2027: ज्योतिष जगत में एक बड़ी खगोलीय घटना की तैयारी हो रही है, जिसका असर सीधे तौर पर कई राशियों की जिंदगी पर पड़ने वाला है। न्याय के देवता शनि अगले साल यानी 2027 में राशि परिवर्तन करते हुए मेष राशि में प्रवेश करेंगे, और खास बात यह है कि यह गोचर करीब 30 साल बाद हो रहा है। सवाल यह उठता है कि आखिर इतने लंबे अंतराल के बाद हो रहा यह परिवर्तन किन राशियों के लिए मुश्किलें खड़ी करने वाला है?

मेष राशि के स्वामी मंगल हैं, और मंगल तथा शनि के बीच परंपरागत रूप से शत्रुता का भाव माना जाता है। यही वजह है कि जब शनि मंगल की राशि में प्रवेश करेंगे, तो इसका असर सामान्य नहीं, बल्कि तीन राशियों पर विशेष रूप से गहरा पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

Shani Gochar 2027: फिलहाल कहां हैं शनि, कब बदलेंगे राशि

इस समय शनि देवगुरु बृहस्पति की मीन राशि में विराजमान हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक शनि हर करीब ढाई साल में अपनी राशि बदलते हैं, लेकिन साल 2026 में शनि किसी भी तरह का राशि परिवर्तन नहीं करेंगे। हालांकि इस दौरान नक्षत्र परिवर्तन और नक्षत्र पद गोचर जरूर होते रहेंगे, जिनका असर अलग-अलग स्तर पर महसूस किया जा सकता है।

असली बड़ा बदलाव अगले साल यानी 2027 में होगा, जब शनि मेष राशि में गोचर करेंगे। जानकार बताते हैं कि शनि का यह गोचर सामान्य नहीं है, क्योंकि शनि करीब 30 साल के लंबे अंतराल के बाद मेष राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जो इस घटना को ज्योतिषीय दृष्टि से और भी खास बना देता है।

शनि के मेष गोचर की सटीक तारीख

पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार शनि का मेष राशि में पहला गोचर 3 जून 2027 को होगा। लेकिन यहीं पर एक दिलचस्प मोड़ आता है, शनि सीधे स्थायी रूप से मेष राशि में नहीं टिकेंगे। इसके बाद शनि वक्री अवस्था में आकर एक बार फिर वापस मीन राशि में लौट जाएंगे।

शनि का यह वक्री सफर पूरा होने के बाद 23 फरवरी 2028 को शनि स्थायी रूप से मेष राशि में गोचर करेंगे। यानी इस पूरे परिवर्तन को महसूस होने में करीब आठ-नौ महीने का वक्त लगेगा, और तभी इसका पूरा असर सामने आना शुरू होगा।

वृषभ राशि पर शुरू होगा साढ़ेसाती का पहला चरण

शनि के इस गोचर से सबसे पहले जिस राशि पर असर पड़ेगा, वह है वृषभ राशि। पंडित उपाध्याय के मुताबिक वृषभ राशि वालों पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू होने जा रहा है, जिससे इस राशि के जातकों की नई परेशानियां शुरू हो सकती हैं। इस दौरान आर्थिक, मानसिक और शारीरिक स्तर पर सतर्क रहने की जरूरत बताई जा रही है।

देखने पर लगता है कि वृषभ राशि वालों के लिए बाहरी रिश्तों में भी तनाव बढ़ सकता है। सिरदर्द या नेत्र से जुड़ी परेशानी, पार्टनरशिप में दिक्कतें और अनाप-शनाप खर्च होने की आशंका जताई गई है। अगर किसी ने कर्ज लिया है, तो वह भी इस दौरान बढ़ सकता है, साथ ही परिवार से जुड़ी दिक्कतें भी बनी रह सकती हैं।

मीन राशि की डगमगाएगी आर्थिक स्थिति

शनि के मेष गोचर का सबसे ज्यादा आर्थिक असर मीन राशि वालों पर पड़ने की संभावना जताई गई है। इस दौरान आर्थिक बजट हिल सकता है और कुटुंब में झगड़े होने की आशंका रहेगी। परिवार के सदस्यों के बीच तालमेल की कमी भी महसूस हो सकती है।

मामला कुछ इस तरह से है कि व्यवसाय में उतार-चढ़ाव के साथ-साथ मानसिक स्थिति भी प्रभावित हो सकती है। आय से अधिक खर्च होने से मन परेशान रहेगा, और मेहनत के अनुरूप परिणाम न मिलने पर आत्मविश्वास में भी कमी आ सकती है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां भी इस दौरान परेशान कर सकती हैं।

मेष राशि वालों को सेहत को लेकर रहना होगा सतर्क

चूंकि शनि खुद मेष राशि में ही गोचर कर रहे हैं, इसलिए इस राशि के जातकों पर सीधा प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है। पंडित उपाध्याय के मुताबिक इस दौरान मेष राशि वालों की शारीरिक परेशानियां बढ़ सकती हैं, खासकर हृदय से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

धन से जुड़ी समस्याएं भी इस दौरान बनी रह सकती हैं, जहां आय कम और खर्च ज्यादा होने की आशंका है। परिवार में कलह के संकेत भी मिल रहे हैं, और व्यापार में मुनाफे के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। जानकार सलाह देते हैं कि इस दौरान वाद-विवाद से बचने के लिए अपने गुस्से पर विशेष नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

Shani Gochar 2027: शनि की कृपा पाने के लिए क्या करें उपाय

शनि के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिष शास्त्र में कुछ आसान उपाय बताए गए हैं। हर शनिवार को शनि मंदिर जाकर दर्शन करना चाहिए, और शनिवार के दिन व्रत रखना भी लाभकारी माना जाता है।

इसके अलावा शनिवार को पीपल के पेड़ के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ बताया गया है। हर शनिवार हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शनि कृपा पाने का एक कारगर तरीका माना जाता है, साथ ही शिव आराधना को भी इस दौरान लाभकारी बताया गया है।

शनि का मेष राशि में यह गोचर 30 साल बाद हो रहा है, इसलिए ज्योतिष जगत में इसे लेकर खासा उत्साह और सतर्कता दोनों देखी जा रही है। वृषभ, मीन और मेष राशि वालों को इस दौरान अपने स्वास्थ्य, धन और पारिवारिक रिश्तों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। हालांकि नियमित पूजा-पाठ और सही आचरण से शनि के इस प्रभाव को काफी हद तक संतुलित किया जा सकता है, ऐसा ज्योतिषाचार्यों का मानना है।

(डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारी की पूर्ण सत्यता का दावा नहीं किया जाता। अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।)

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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