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Delhi Jal Board Scam: सत्येंद्र जैन को राउज एवन्यू कोर्ट से मिली जमानत, DJB टेंडर घोटाले में 27 महीने बाद हुई थी गिरफ्तारी

3 सितंबर 2026
Delhi Jal Board Scam
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Delhi Jal Board Scam: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व जल मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन को अदालत से बड़ी राहत मिली है। राउज एवन्यू कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है, जिसके बाद पार्टी और उनके समर्थकों के बीच राहत का माहौल है। लेकिन यह गिरफ्तारी हुई ही क्यों थी और अदालत में आखिर ऐसी कौन सी दलीलें दी गईं जिनके आधार पर बेल मिल गई, यह जानना भी उतना ही जरूरी है।

सत्येंद्र जैन को दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा यानी ACB ने दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी STP से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और टेंडर में गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था। मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कुल छह लोगों को आरोपी बनाया गया था। आइए पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं।

Delhi Jal Board Scam: दो लाख के मुचलके पर मिली जमानत

राउज एवन्यू कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को दो लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी है। अदालत ने इसके साथ ही दो लाख रुपये की दो श्योरिटी जमा करने का भी निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष, दोनों तरफ से अपनी-अपनी दलीलें पेश की गईं, जिनके बीच का फर्क इस मामले को समझने के लिए काफी अहम है।

सत्येंद्र जैन की तरफ से पेश हुए वकील एन हरिहरन ने अदालत में यह अहम बिंदु उठाया कि उनकी गिरफ्तारी मामला दर्ज होने के करीब 27 महीने बाद की गई। इस बीच उन्हें सिर्फ एक बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था, और जब दोबारा बुलाया गया, तो सीधे गिरफ्तार कर लिया गया। यही देरी वाला पहलू बचाव पक्ष की दलील का मुख्य आधार बना।

जांच एजेंसी ने उठाए अलग सवाल

हालांकि ACB का पक्ष बिल्कुल अलग रहा। एजेंसी ने अदालत में यह दलील दी कि सत्येंद्र जैन आदतन अपराधी हैं, और जमानत अर्जी पर फैसला लेते वक्त इस पहलू को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। वहीं बचाव पक्ष ने इसके जवाब में कहा कि मामले से जुड़ी सारी सामग्री दस्तावेजी प्रकृति की है, और जांच एजेंसियां पहले ही सारे प्रासंगिक दस्तावेज अपने कब्जे में ले चुकी हैं।

देखने पर लगता है कि यहीं पर अदालत ने बचाव पक्ष की दलील को ज्यादा वजन दिया। जब सबूत पहले से ही दस्तावेजी रूप में जांच एजेंसी के पास मौजूद हों, तो आरोपी को लंबे समय तक हिरासत में रखने का औचित्य कमजोर पड़ जाता है, और यही तर्क शायद जमानत मिलने की एक बड़ी वजह बना।

18 अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी, छह लोग थे आरोपी

इस पूरे मामले में सत्येंद्र जैन अकेले आरोपी नहीं थे। ACB ने कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें सत्येंद्र कुमार जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ और IAS अधिकारी उदित प्रकाश राय, दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव, एएन एंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के मालिक पंकज वर्मा शामिल थे।

यानी यह मामला सिर्फ एक नेता तक सीमित नहीं, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टरों तक फैला हुआ है। सभी छह आरोपियों को 18 अगस्त 2026 को कानून के मुताबिक गिरफ्तार किया गया था।

FIR से लेकर गिरफ्तारी तक का पूरा घटनाक्रम

इस मामले की जड़ें 11 मई 2024 को दर्ज हुई FIR संख्या 10/2024 से जुड़ी हैं। यह प्राथमिकी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 409, 418 और 120-बी के तहत दर्ज की गई थी। मामला कुछ इस तरह से है कि यह पूरी कार्रवाई दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच का नतीजा है।

जानकार बताते हैं कि जांच के दौरान ACB ने दस्तावेजी, इलेक्ट्रॉनिक और वित्तीय, तीनों तरह के सबूत जुटाए थे। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर सभी छह आरोपियों से लंबी पूछताछ की गई, और उसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

Delhi Jal Board Scam: आगे क्या होगा इस मामले में

जमानत मिलने के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि मामले की आगे की सुनवाई और जांच किस दिशा में बढ़ती है। भले ही सत्येंद्र जैन को फिलहाल राहत मिल गई हो, लेकिन मामला अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ट्रायल कोर्ट में आगे की प्रक्रिया जारी रहेगी, और बाकी पांच आरोपियों के मामलों पर भी अदालत का फैसला आना बाकी है।

दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ा यह पूरा मामला प्रशासनिक भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियों की तरफ इशारा करता है, जो सीधे तौर पर आम जनता को मिलने वाली सुविधाओं से भी जुड़ा है। सत्येंद्र जैन की जमानत को कानूनी प्रक्रिया के तहत मिली राहत के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन मामले की अंतिम सुनवाई अभी बाकी है। आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े और पहलू सामने आ सकते हैं, जिन पर सबकी निगाहें टिकी रहेंगी।

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Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

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कवरेज: Sanjna Gupta, News Media Kiran

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