Kal Ka Mausam 20 September 2026: देश में मानसून एक बार फिर पूरे जोर पर लौट आया है और मौसम विभाग ने कल यानी 20 सितंबर के लिए एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान समेत कुल 18 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ तेज आंधी चलने की आशंका जताई गई है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़-पौधे उखड़ने और फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ गया है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन को लेकर भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने इसके पीछे कई मौसमी कारण गिनाए हैं, जिनमें उत्तरी गुजरात के पास बना चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिम बंगाल-ओडिशा-झारखंड क्षेत्र में सक्रिय एक अन्य सिस्टम शामिल है। इसके अलावा दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों की तरफ एक निम्न दबाव क्षेत्र भी आगे बढ़ रहा है, जो आने वाले दिनों में मौसम को और प्रभावित कर सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं किस राज्य में कैसा रहेगा कल का मौसम।
18 राज्यों में क्यों जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग की मानें तो मौजूदा मौसमी हलचल के पीछे मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी और अरब सागर की तरफ से उठ रही नमी भरी हवाएं हैं। उत्तरी गुजरात के आसपास बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण इस पूरे सिस्टम को और मजबूत बना रहा है। इसी तरह पश्चिम बंगाल, उत्तरी तटीय ओडिशा और झारखंड के ऊपर भी एक चक्रवातीय गतिविधि सक्रिय हो चुकी है। इन दोनों सिस्टम के आपस में मिलने से देश के बड़े हिस्से में बारिश की तीव्रता बढ़ने की आशंका है। इसके साथ ही दक्षिण ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर एक निम्न दबाव क्षेत्र भी सक्रिय हो रहा है, जिसका असर पूर्वी भारत के मौसम पर सीधे तौर पर पड़ेगा। यही वजह है कि मौसम विभाग ने सामान्य से कहीं अधिक व्यापक क्षेत्र को अलर्ट के दायरे में रखा है।
दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा कल का मौसम

राजधानी दिल्ली में कल भारी बारिश के साथ तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रह सकती है, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। तापमान की बात करें तो अधिकतम पारा 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा सकता है। बारिश के चलते उमस भरी गर्मी से लोगों को कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन तेज हवाओं के कारण एहतियात बरतने की जरूरत रहेगी।
यूपी और बिहार में भारी बारिश का असर
उत्तर प्रदेश में मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, मोरादाबाद, आगरा, मथुरा, कानपुर, अलीगढ़ और प्रयागराज समेत कई जिलों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है। यह स्थिति 20 और 21 सितंबर दोनों दिन बनी रह सकती है। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। वहीं बिहार में भी मौसम का मिजाज कुछ ऐसा ही रहने वाला है। पटना, गया, भोजपुर, दरभंगा, मधुबनी, भागलपुर और मुंगेर जैसे जिलों में तेज बारिश और तूफानी हवाओं की चेतावनी दी गई है। पटना में अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इन दोनों ही राज्यों में किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
झारखंड और पश्चिम बंगाल में मौसम का हाल
झारखंड में देवघर, जमशेदपुर, रांची, बोकारो, धनबाद और गिरिडीह समेत कई जिलों में 20 से 22 सितंबर तक भारी बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। रांची में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। मालदा, बीरभूम, हावड़ा, कोलकाता, दार्जिलिंग और मुर्शिदाबाद जैसे इलाकों में भारी बारिश के साथ 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी दी गई है। कोलकाता में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है। दोनों राज्यों में तेज हवाओं के चलते बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी आशंका जताई जा रही है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए यह अलर्ट खासतौर पर चिंता बढ़ाने वाला है। उत्तराखंड में बागेश्वर, हरिद्वार, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और चमोली में भारी बारिश के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी है। देहरादून में अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा, किन्नौर, मंडी, कुल्लू और सोलन जैसे जिलों में तेज बारिश-तूफान का असर रहेगा, जबकि मनाली में तापमान गिरकर अधिकतम 13 डिग्री और न्यूनतम 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। जम्मू-कश्मीर में अनंतनाग, बारामूला, पुंछ और श्रीनगर समेत कई इलाकों में भारी बारिश और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की आंधी का अलर्ट है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।
राजस्थान, पंजाब और मध्य भारत में मौसम की चाल
राजस्थान में जैसलमेर, जयपुर, झुंझुनू, सीकर, बीकानेर और भरतपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज आंधी चलने की चेतावनी है। जयपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। पंजाब में चंडीगढ़, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और पटियाला में भी तूफान की आशंका जताई गई है, जहां हवा की रफ्तार 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, सागर, कटनी और उज्जैन समेत कई जिलों में तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिलेगा। भोपाल में अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। इन राज्यों में भी किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा में तेज हवाओं का अलर्ट
छत्तीसगढ़ में बलरामपुर, सरगुजा, रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे जिलों में भारी बारिश के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी दी गई है। वहीं ओडिशा में भद्रक, जाजपुर, भुवनेश्वर, पुरी और बालासोर समेत कई इलाकों में भारी बारिश और 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की आंधी का असर रह सकता है। तटीय इलाकों में रहने वाले मछुआरों को समुद्र में न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। पूर्वी भारत के कई राज्यों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी विशेष चेतावनी जारी की गई है, जिसे देखते हुए खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी जा रही है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हुए ये मौसमी सिस्टम आने वाले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियों को तेज बनाए रखेंगे। एक तरफ जहां भारी बारिश खेती-किसानी के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, वहीं तेज आंधी और वज्रपात की चेतावनी से जान-माल के नुकसान का खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन ने आम नागरिकों, किसानों और यात्रा करने वाले लोगों से मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की अपील की है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और मैदानी इलाकों में जलभराव जैसी स्थितियों से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन को भी अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। अगले 24 से 48 घंटे मौसम के लिहाज से देश के कई राज्यों के लिए काफी अहम साबित होने वाले हैं।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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