Hydrabad: तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में लिफ्ट हादसे का एक खौफनाक मामला सामने आया है। मूसापेट के अंजनैया नगर स्थित तीन मंजिला इमारत में 40 वर्षीय मुरली लिफ्ट और दीवार के बीच फंस गए। वह दूसरी और तीसरी मंजिल के बीच खतरनाक स्थिति में लटके रहे। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद HYDRAA और फायर विभाग की टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ है।
दूसरी मंजिल पर उतरते समय अचानक ऊपर चली लिफ्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, मुरली अपनी पत्नी के साथ ग्राउंड फ्लोर से दूसरी मंजिल पर पहुंचे थे। जैसे ही वह लिफ्ट से बाहर निकल रहे थे, उसी दौरान तीसरी मंजिल से किसी ने लिफ्ट का बटन दबाया। पुरानी ग्रिल वाली लिफ्ट अचानक ऊपर की ओर चल पड़ी। इससे मुरली का एक पैर लिफ्ट के अंदर और दूसरा दूसरी मंजिल की लैंडिंग पर रह गया और उनका पैर लिफ्ट की ग्रिल तथा दीवार के बीच फंस गया।
पत्नी ने मचाया शोर, पहुंची रेस्क्यू टीम
मुरली की पत्नी ने घटना के बाद मदद के लिए शोर मचाया। आसपास के लोगों ने उन्हें निकालने की कोशिश की, लेकिन स्थिति बेहद मुश्किल होने के कारण वे सफल नहीं हो सके। इसके बाद HYDRAA कंट्रोल रूम को सुबह करीब 9:15 बजे सूचना दी गई। DRF टीम करीब 9:30 बजे मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
हाइड्रॉलिक कटर से काटकर निकाला
मुरली को निकालने के लिए रेस्क्यू टीम को लिफ्ट के हिस्से को तोड़ना पड़ा। सनतनगर फायर स्टेशन की टीम ने हाइड्रॉलिक कटर की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया। करीब 90 मिनट की मशक्कत के बाद सुबह 10:50 बजे मुरली को बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनके पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि की।
पुराने लिफ्ट सिस्टम पर उठे सवाल
अधिकारियों के अनुसार, हादसे में इस्तेमाल की जा रही लिफ्ट पुरानी ग्रिल वाली थी और सेंसर के ठीक से काम नहीं करने की बात सामने आई है। हालांकि, हादसे के तकनीकी कारणों की जांच से ही पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
हैदराबाद में हाल के महीनों में लिफ्ट से जुड़े कई हादसे सामने आए हैं। जून 2026 में मेरपेट में एक लिफ्ट के अचानक नीचे गिरने से आठ लोग घायल हुए थे, जबकि इसी अवधि में एक स्काईवॉक लिफ्ट में युवक के फंसने की घटना भी सामने आई थी।

