Indian Railways: भारतीय रेलवे ने स्टेशन परिसर और ट्रेनों में स्वच्छता को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत गंदगी फैलाने वाले यात्रियों पर अब पहले से कहीं ज्यादा भारी जुर्माना लगाया जाएगा। पहले जहां स्टेशन या ट्रेन में कचरा फेंकने और गंदगी फैलाने पर 100 से 500 रुपये तक का फाइन वसूला जाता था, वहीं संशोधित नियमों के तहत यह राशि अब बढ़कर दो हजार रुपये तक हो सकती है। रेल मंत्रालय ने इसके लिए भारतीय रेल के 2012 के स्वच्छता संबंधी नियमों में संशोधन किया है, जिसकी अधिसूचना 25 अगस्त 2026 को जारी की गई थी। इस फैसले का मकसद यात्रियों में स्वच्छता को लेकर जिम्मेदारी की भावना पैदा करना और स्टेशन परिसर के साथ-साथ ट्रेनों के भीतर साफ-सुथरा माहौल बनाए रखना है। रेलवे बोर्ड ने इन नए नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार के भी निर्देश दिए हैं, ताकि हर यात्री तक यह जानकारी समय रहते पहुंच सके।
Indian Railways: पहले की तुलना में कई गुना बढ़ा जुर्माने का आंकड़ा
रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते समय या सफर के दौरान गंदगी फैलाना अब यात्रियों की जेब पर सीधा असर डालने वाला है। पुराने नियमों के तहत इस तरह की गतिविधियों पर महज 100 से 500 रुपये तक का जुर्माना तय था, जो कई बार यात्रियों को गंभीरता से लेने के लिए पर्याप्त नहीं माना जाता था। अब संशोधित व्यवस्था के अनुसार यह राशि बढ़ाकर दो हजार रुपये तक कर दी गई है। रेलवे का मानना है कि जुर्माने की राशि में यह इजाफा यात्रियों के व्यवहार में बदलाव लाने और स्वच्छता के प्रति गंभीरता बढ़ाने में कारगर साबित होगा।
किन गतिविधियों पर लगेगा भारी जुर्माना

नए नियमों के दायरे में वे सभी गतिविधियां शामिल की गई हैं, जो स्टेशन परिसर या ट्रेन के भीतर स्वच्छता को प्रभावित करती हैं। प्लेटफॉर्म पर कचरा फेंकना, यात्री परिसर को गंदा करना या फिर ट्रेन के डिब्बों के भीतर गंदगी फैलाना, इन सभी गतिविधियों को अब जुर्माने के दायरे में रखा गया है। चाहे कोई यात्री स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने के लिए थोड़ी देर के लिए पहुंचा हो या लंबी दूरी की यात्रा पर निकला हो, सभी को स्वच्छता के इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।
रेल अधिनियम की धारा 60 के तहत हुआ संशोधन
रेल मंत्रालय ने यह बदलाव भारतीय रेल यानी रेल परिसर में स्वच्छता को प्रभावित करने वाले क्रियाकलापों हेतु शास्तियां नियम, 2012 में किया है। इस संशोधन के लिए रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 60 के तहत प्राप्त शक्तियों का इस्तेमाल किया गया है। इससे जुड़ी आधिकारिक अधिसूचना 25 अगस्त 2026 को जारी की गई, जिसके बाद रेलवे बोर्ड ने इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
यात्रियों तक पहुंचाई जाएगी जानकारी, चलेगा जागरूकता अभियान
रेलवे बोर्ड ने 18 सितंबर 2026 को एक वाणिज्य परिपत्र जारी करते हुए सभी क्षेत्रीय रेलों को संशोधित नियमों का व्यापक प्रचार करने का निर्देश दिया है। इसके तहत रेलवे स्टेशनों पर जागरूकता से जुड़े पोस्टर लगाए जाएंगे, साथ ही यात्री डिब्बों के भीतर भी संबंधित सूचनाएं चस्पा की जाएंगी। इसके अलावा जन उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से भी यात्रियों को समय-समय पर सचेत किया जाएगा। रेडियो, टीवी और समाचार पत्रों जैसे पारंपरिक माध्यमों का भी सहारा लिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक यात्रियों तक यह संदेश पहुंच सके।
स्थानीय स्तर पर तय होगी जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया
रेलवे बोर्ड ने सभी क्षेत्रीय रेलों को यह छूट दी है कि वे अपनी स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया तय करें। इसके लिए संबंधित क्षेत्रीय रेलों को अधिकारियों को नामित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, जो इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अलग-अलग रेलवे जोन अपनी जरूरत और स्थिति के हिसाब से इस व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू कर सकें।
जुर्माने की राशि का रखा जाएगा पूरा हिसाब-किताब
नए नियमों के तहत वसूली गई जुर्माने की राशि का पूरा लेखा-जोखा रखा जाएगा। रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस राशि को संबंधित मदों में सही तरीके से दर्ज किया जाए। इसके साथ ही मुख्य वाणिज्य प्रबंधक को जिम्मेदारी दी गई है कि वे जुर्माने से जुड़ा पूरा विवरण एमसीडीओ में दर्शाते हुए इसकी जानकारी नियमित रूप से रेलवे बोर्ड को भेजें, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ा है यह कदम
रेलवे का यह फैसला देशभर में स्वच्छता को लेकर चल रहे प्रयासों की एक कड़ी माना जा रहा है। स्टेशन और ट्रेन जैसी सार्वजनिक जगहों पर रोजाना लाखों यात्रियों की आवाजाही होती है, ऐसे में वहां स्वच्छता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। जुर्माने की राशि बढ़ाकर रेलवे यह संदेश देना चाहता है कि सार्वजनिक स्थानों की सफाई केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर यात्री की भी जिम्मेदारी है। यह कदम आने वाले समय में स्टेशनों और ट्रेनों के भीतर बेहतर स्वच्छता व्यवस्था स्थापित करने में मददगार साबित हो सकता है।
रेलवे द्वारा जुर्माने की राशि में की गई यह बढ़ोतरी यात्रियों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है। पहले की तुलना में चार गुना तक बढ़ाया गया यह जुर्माना यात्रियों को स्वच्छता के प्रति अधिक जिम्मेदार बनाने का प्रयास है। पोस्टर, उद्घोषणा और मीडिया अभियान के जरिए इन नियमों की जानकारी हर यात्री तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नई व्यवस्था स्टेशनों और ट्रेनों की स्वच्छता में कितना बदलाव ला पाती है, लेकिन फिलहाल रेलवे का यह कदम एक सकारात्मक शुरुआत जरूर माना जा रहा है।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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