Petrol-Diesel Rate 28 Sep 2026: 28 सितंबर 2026 की सुबह दिल्ली के इंडियन ऑयल पंप पर पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध रहा। दोनों ईंधनों के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ। प्रीमियम पेट्रोल XP95 109.24 रुपये, XP100 167.35 रुपये और XG 100.52 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।
एलपीजी के रेट भी स्थिर हैं। दिल्ली में 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर 942 रुपये और 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर 2747.50 रुपये में मिल रहा है। एलपीजी के दाम 1 अक्टूबर को अपडेट होने वाले हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद घरेलू पंप रेट अपरिवर्तित रहना उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात है। एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसीएल ने 28 सितंबर के रेट जारी कर दिए हैं।
आज दिल्ली में पेट्रोल डीजल और एलपीजी के कितने रेट हैं?
सुबह 6:06 बजे दिल्ली में इंडियन ऑयल के पंप पर पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया। पिछले दिन की तुलना में इनमें कोई वृद्धि या कमी नहीं हुई।
प्रीमियम वेरिएंट में XP95 109.24 रुपये, XP100 167.35 रुपये और XG 100.52 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। ये रेट भी स्थिर बताए गए हैं।
एलपीजी की बात करें तो दिल्ली से चेन्नई तक दाम नहीं बदले। 14.2 किलो वाला घरेलू सिलेंडर दिल्ली में 942 रुपये में उपलब्ध है। 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर 2747.50 रुपये में बिक रहा है। कंपनी के अनुसार एलपीजी रेट 1 अक्टूबर को संशोधित होंगे।
भारी बारिश के बावजूद एलपीजी सप्लाई जारी है। उपभोक्ताओं को मौजूदा दरों पर सिलेंडर मिल रहा है।
कच्चे तेल की कीमतें क्यों बढ़ीं?
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत को लेकर अनिश्चितता बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए सात दिन का प्रस्ताव रखा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
इसके बाद बाजार में इस जलमार्ग के जल्द खुलने को लेकर चिंता बढ़ी। मध्य पूर्व में तनाव अभी भी बना हुआ है। यमन में हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब की तरफ भेजे गए ड्रोन और मिसाइल को लेकर सुरक्षा अलर्ट भी जारी हुए हैं।
सोमवार सुबह ब्रेंट क्रूड 106 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई 93 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा था।
ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अपनी मांगों को जरूरत से ज्यादा बढ़ा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच बातचीत इस सप्ताह फिर शुरू हो सकती है।
बाजार विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं?
ब्लूमबर्ग के हवाले से डीबीएस बैंक के एनर्जी रिसर्च प्रमुख सुव्रो सरकार का कहना है कि तेल बाजार में तेजी सीमित रह सकती है। बाजार को पहले से यह उम्मीद नहीं थी कि होर्मुज सात दिन में पूरी तरह खुल जाएगा। इसलिए ट्रंप द्वारा प्रस्ताव खारिज किए जाने से मौजूदा स्थिति में बहुत बड़ा बदलाव नहीं माना जा रहा।
पिछले सप्ताह भी तेल की कीमतों में उतार चढ़ाव देखने को मिला। वजह अमेरिका ईरान बातचीत के अलग अलग संकेत, मध्य पूर्व से आपूर्ति और अमेरिका में डीजल कीमतों को नियंत्रित करने की संभावित कार्रवाई रही।
इस साल ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 75 फीसदी बढ़ चुकी है। यह लगातार तीसरे महीने बढ़त की राह पर है।
होर्मुज जलमार्ग क्यों अहम है?
संघर्ष शुरू होने से पहले दुनिया के करीब पांचवें हिस्से का कच्चा तेल और एलएनजी इसी रास्ते से गुजरता था। इसलिए होर्मुज को लेकर बाजार की चिंता ज्यादा है। ट्रेडर्स अब इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि वास्तव में इस जलमार्ग से कितनी आपूर्ति हो पा रही है।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान अगले दो सप्ताह में चीन को अपने आखिरी तेल शिपमेंट कर सकता है। चीन ने ईरान को मिलने वाला समर्थन काफी कम कर दिया है। उनके अनुसार समुद्र में करीब 1.5 करोड़ बैरल ईरानी तेल ही बचा है। इससे ईरान पर अमेरिका के साथ समझौते के लिए दबाव बढ़ सकता है।
यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार को प्रभावित कर रही है। भारत जैसे आयातक देश के लिए कच्चे तेल की कीमत सीधे ईंधन लागत से जुड़ी होती है। फिर भी 28 सितंबर को घरेलू पेट्रोल डीजल रेट नहीं बढ़े।
उपभोक्ताओं पर इसका क्या असर पड़ रहा है?
कच्चे तेल में तेजी के बावजूद पंप पर दाम स्थिर रहना आम आदमी के लिए फिलहाल राहत है। दिल्ली जैसे शहर में रोजाना लाखों वाहन पेट्रोल डीजल पर निर्भर हैं। रेट न बढ़ने से परिवहन और घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा।
एलपीजी सिलेंडर के दाम भी 1 अक्टूबर तक नहीं बदलेंगे। रसोई गैस पर निर्भर परिवारों के लिए यह महत्वपूर्ण है। भारी बारिश के बावजूद सप्लाई जारी रहने से उपलब्धता पर असर नहीं दिखा।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने रेट समय पर जारी कर दिए। उपभोक्ता अपने शहर के पंप पर यही दरें देख सकते हैं। प्रीमियम पेट्रोल के दाम भी अपरिवर्तित हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट 106 डॉलर पार करने के बावजूद भारत में दैनिक संशोधन में स्थिरता बनी रही। यह स्थिति आगे की बातचीत और आपूर्ति पर निर्भर करेगी। अगर होर्मुज से आवाजाही सुधरती है तो दबाव कम हो सकता है। अगर तनाव बना रहता है तो आने वाले दिनों में घरेलू रेट प्रभावित हो सकते हैं।
अभी के लिए 28 सितंबर को दिल्ली समेत कई शहरों में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये के आसपास स्थिर दिखा। एलपीजी 942 रुपये पर है। उपभोक्ताओं को मौजूदा दरों पर ईंधन और गैस मिल रही है।
बाजार की नजर अब इस सप्ताह संभावित अमेरिका ईरान बातचीत और वास्तविक तेल आपूर्ति पर है। भारत में दैनिक रेट संशोधन की व्यवस्था के कारण अंतरराष्ट्रीय उतार चढ़ाव का असर तुरंत या देर से दिख सकता है। फिलहाल 28 सितंबर की सुबह स्थिरता बनी हुई है।
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