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CBI Action: ₹11.42 करोड़ के डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड में दो गिरफ्तार, 10 राज्यों में 22 जगह छापेमारी

मुख्य बातें

  • 10 राज्यों में 22 ठिकानों पर छापेमारी
  • तीन महीने तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा
  • ₹2.5 करोड़ की रकम एक कंपनी के खाते में पहुंची
  • डिजिटल डिवाइस से अहम सुराग
28 सितंबर 2026
Digital Arrest Raid: Two Arrested

New Delhi: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। CBI ने गुजरात में सामने आए ₹11.42 करोड़ के कथित डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड मामले में दो आरोपियों हिमांशु प्रसाद और यूनिस बिस्वास को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एजेंसी के ऑपरेशन चक्र-VI के तहत की गई।

10 राज्यों में 22 ठिकानों पर छापेमारी

CBI ने इस मामले की जांच के तहत 10 राज्यों में 22 स्थानों पर एक साथ तलाशी ली। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी के दौरान बैंकिंग दस्तावेज, खातों से जुड़े रिकॉर्ड, डिजिटल डिवाइस और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई है। इन डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

तीन महीने तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा

जांच के मुताबिक, गुजरात के पीड़ित को साइबर अपराधियों ने कथित तौर पर करीब तीन महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखा। आरोपियों ने खुद को पुलिस अधिकारियों और भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के अधिकारी बताकर पीड़ित पर दबाव बनाया। इसके बाद पीड़ित से अलग-अलग खातों में कुल ₹11.42 करोड़ ट्रांसफर कराए गए।

₹2.5 करोड़ की रकम एक कंपनी के खाते में पहुंची

CBI के अनुसार, हिमांशु प्रसाद और यूनिस बिस्वास की कथित भूमिका ठगी की रकम को प्राप्त करने, कई खातों में घुमाने और आगे ट्रांसफर करने में सामने आई है। जांच में पता चला कि Hexaquest Global Pvt Ltd के बैंक खाते का इस्तेमाल कथित तौर पर ठगी की रकम में से करीब ₹2.5 करोड़ प्राप्त करने के लिए किया गया। इसके बाद रकम को कई अन्य खातों में भेजा गया, जिससे मनी ट्रेल को छिपाया जा सके।

डिजिटल डिवाइस

डिजिटल डिवाइस से अहम सुराग

CBI के मुताबिक, आरोपियों से जुड़े डिजिटल उपकरणों की जांच में कथित तौर पर मनी-म्यूल खातों और APK फाइलों के इस्तेमाल से जुड़े सुराग मिले हैं। एजेंसी को चैट, मैसेज और बैंकिंग रिकॉर्ड समेत अन्य सामग्री भी मिली है। जांच का उद्देश्य इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और पैसे के पूरे प्रवाह का पता लगाना है।

CBI की साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई तेज

यह कार्रवाई CBI के देशभर में चल रहे साइबर अपराध विरोधी अभियान का हिस्सा है। रिपोर्टों के अनुसार, एजेंसी ने हाल के अभियान के दौरान कई राज्यों में समन्वित तलाशी और गिरफ्तारियां की हैं। जांच एजेंसी अब कथित डिजिटल अरेस्ट नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके वित्तीय ढांचे की पड़ताल कर रही है।

नोट: मामले में आरोपियों की भूमिका फिलहाल जांच एजेंसी के आरोपों और जांच पर आधारित है। अंतिम दोष सिद्धि अदालत की प्रक्रिया के बाद ही तय होगी।

Ragav Kalia
Author: Ragav Kalia

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कवरेज: Ragav Kalia, News Media Kiran

Ragav Kalia

News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

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