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Black Opal Consultants IPO: अयोध्या प्रोजेक्ट में ₹26 करोड़ लगाएगी कंपनी, MD प्रसून चौहान ने बताई रणनीति

Gurugram: रियल एस्टेट और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में काम करने वाली Black Opal Consultants अपने IPO के जरिए जुटाई गई पूंजी का इस्तेमाल कारोबार के विस्तार और चुनिंदा प्रोजेक्ट्स में भागीदारी के लिए करने की तैयारी में है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रसून चौहान के मुताबिक, IPO से मिलने वाली राशि में से ₹26 करोड़ अयोध्या के एक RERA-अप्रूव्ड कमर्शियल प्रोजेक्ट में लगाया जाएगा, जबकि करीब ₹7 करोड़ नए सेल्स और मार्केटिंग मैंडेट हासिल करने में खर्च किए जाएंगे।

कंपनी के मुताबिक, उसका ऑपरेशनल रेवेन्यू FY24 के ₹19.75 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹41.97 करोड़ हो गया है। यानी दो वर्षों में कंपनी का राजस्व दोगुने से अधिक हुआ है। FY26 में कंपनी का EBITDA ₹16.67 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन 39.73 प्रतिशत था। इसी अवधि में कंपनी का PAT ₹12.22 करोड़ रहा।

दो दशकों के अनुभव से बनी बिजनेस रणनीति

प्रसून चौहान ने बताया कि रियल एस्टेट और फाइनेंशियल सर्विसेज में दो दशक से अधिक के अनुभव ने उन्हें यह समझने में मदद की कि रियल एस्टेट ट्रांजैक्शन और रिलेशनशिप को ज्यादा व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की जरूरत है।

Black Opal की शुरुआत इसी सोच के साथ हुई थी कि डेवलपर्स, चैनल पार्टनर्स, निवेशकों और खरीदारों के बीच होने वाले लेन-देन को एक व्यवस्थित प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जाए। समय के साथ कंपनी ने व्यक्तिगत ट्रांजैक्शन से आगे बढ़कर एक ऐसा नेटवर्क और बिजनेस मॉडल विकसित किया, जिसे अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में दोहराया जा सके।

कंपनी के अनुसार, फिलहाल उसका नेटवर्क 25 से अधिक डेवलपर्स, करीब 300 ब्रोकर पार्टनर्स और 2,200 से अधिक ग्राहकों तक फैला हुआ है। कंपनी ने स्थापना के बाद से अब तक ₹4,000 करोड़ से अधिक की रियल एस्टेट बिक्री में मदद करने का दावा किया है।

अयोध्या प्रोजेक्ट में ₹26 करोड़ का निवेश

IPO से प्राप्त राशि के इस्तेमाल पर प्रसून चौहान ने कहा कि ₹26 करोड़ Aurika Developers LLP को दिए जाएंगे। इस राशि का इस्तेमाल अयोध्या में उसके RERA-अप्रूव्ड कमर्शियल प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट-लेवल डेवलपमेंट कंपनी की रणनीति का एक अतिरिक्त हिस्सा है। हालांकि, Black Opal अपने मुख्य एडवाइजरी, सेल्स और डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार से दूर नहीं जा रही है।

उनके अनुसार, कंपनी किसी भी प्रोजेक्ट में शामिल होने से पहले उसकी लोकेशन, मांग, डेवलपमेंट पार्टनर, प्रोजेक्ट इकनॉमिक्स और अपनी डिस्ट्रीब्यूशन क्षमता जैसे पहलुओं का आकलन करेगी।

₹7 करोड़ नए सेल्स और मार्केटिंग मैंडेट के लिए

IPO फंड में से करीब ₹7 करोड़ दिल्ली-NCR में नए सेल्स और मार्केटिंग मैंडेट हासिल करने के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। कंपनी का मानना है कि इससे उसके एडवाइजरी और सेल्स प्लेटफॉर्म का विस्तार होगा और नए डेवलपर्स के साथ कारोबार के अवसर बढ़ेंगे।

प्रसून चौहान ने कहा कि कंपनी का मुख्य कारोबार अपेक्षाकृत एसेट-लाइट है। इससे कंपनी को बाजार में मांग, प्रोजेक्ट पोजिशनिंग और ग्राहकों के व्यवहार को समझने में मदद मिलती है।

‘Growth at any cost’ नहीं, अनुशासित विस्तार पर जोर

कंपनी के प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए प्रसून चौहान ने स्पष्ट किया कि Black Opal का लक्ष्य केवल तेजी से विस्तार करना नहीं है। कंपनी पूंजी का इस्तेमाल उन अवसरों पर करना चाहती है, जहां उसे बाजार की समझ और अपने नेटवर्क के जरिए वास्तविक मूल्य जोड़ने की क्षमता दिखाई देती है।

उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट कारोबार चक्रीय होता है, इसलिए कंपनी ‘growth at any cost’ की रणनीति के बजाय अनुशासित तरीके से विस्तार करना चाहती है।

कंपनी फिलहाल अपने मौजूदा बाजारों में गहराई बढ़ाने के साथ-साथ नए भौगोलिक क्षेत्रों में भी चुनिंदा तरीके से प्रवेश करने की योजना पर काम कर रही है।

Board of Directors Carousel

मार्जिन को लेकर क्या है कंपनी की रणनीति?

FY26 में 39.73 प्रतिशत EBITDA मार्जिन के सवाल पर प्रसून चौहान ने कहा कि यह प्रदर्शन कंपनी के एडवाइजरी और सेल्स बिजनेस में मौजूद ऑपरेशनल लीवरेज को दर्शाता है।

हालांकि, प्रोजेक्ट-लेवल कारोबार का कैपिटल और एग्जीक्यूशन प्रोफाइल एडवाइजरी बिजनेस से अलग है। इसलिए कंपनी केवल अल्पकालिक मार्जिन में बदलाव के बजाय पूरे प्लेटफॉर्म के प्रदर्शन पर ध्यान देगी।

कंपनी का फोकस स्वस्थ ऑपरेटिंग इकनॉमिक्स, पूंजी के अनुशासित इस्तेमाल और मुख्य एसेट-लाइट कारोबार के साथ चुनिंदा प्रोजेक्ट भागीदारी के जरिए आगे बढ़ने पर है।

प्रसून चौहान ने फिलहाल भविष्य के राजस्व या रिटर्न को लेकर कोई निश्चित गाइडेंस देने से परहेज किया है। उनका कहना है कि कंपनी का प्राथमिक लक्ष्य पहचाने गए अवसरों में पूंजी का अनुशासित इस्तेमाल करते हुए लंबी अवधि में वैल्यू तैयार करना है।

Manpreet Singh
Author: Manpreet Singh

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