Flydubai Flight Hijack Suspect: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय कप्तान स्मित मच्छार पर हमला करने वाले को-पायलट की पहचान सामने आने का दावा किया जा रहा है। अल अरबिया इंग्लिश और सीएनएन की रिपोर्टों के मुताबिक आरोपी ओमान का नागरिक है और उसका नाम हमाम अल-हमामी है। वह पहले ओमान एयर में भी काम कर चुका है। घटना 30 सितंबर की है। विमान में 174 यात्री सवार थे।
रिपोर्टों में कहा गया है कि अल-हमामी को संयुक्त अरब अमीरात भेज दिया गया है, जहां जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। उसके संभावित संपर्कों, मकसद और पिछली नौकरी के रिकॉर्ड की भी पड़ताल चल रही है। एयरलाइन और संबंधित देशों की ओर से आधिकारिक पुष्टि अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
हमाम अल-हमामी कौन है और ओमान में उस पर क्या रोक थी?
अल अरबिया इंग्लिश ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि हमाम अल-हमामी को पहले ओमान में उड़ान भरने से रोक दिया गया था। रिपोर्ट में दावा है कि यह फैसला उसके कट्टरपंथी विचारों के चलते लिया गया था। बताया जाता है कि सीरिया में रहने के दौरान वह ऐसे विचारों के संपर्क में आया था। रोक के बाद वह ओमान छोड़कर संयुक्त अरब अमीरात चला गया और बाद में फ्लाईदुबई में नौकरी पा गया।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उसका जन्म संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था। पिता ओमान के रहने वाले हैं और मां सीरियाई मूल की हैं। उसने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा यूएई में बिताया। इन जानकारियों को अभी आधिकारिक दस्तावेजों से सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं किया गया है।
फ्लाईदुबई ने भर्ती से पहले बैकग्राउंड क्यों नहीं जांचा, क्या कहती है रिपोर्ट?
अल अरबिया की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि फ्लाईदुबई ने उसे नौकरी पर रखने से पहले पृष्ठभूमि की पूरी जांच नहीं की। यदि यह बात सही साबित होती है, तो एयरलाइन की भर्ती प्रक्रिया और पायलटों की सुरक्षा जांच पर सवाल उठेंगे। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कॉकपिट क्रू की पृष्ठभूमि जांच सामान्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का हिस्सा मानी जाती है।
ओमान एयर से जुड़ा पुराना रिकॉर्ड और उड़ान पर लगी रोक की जानकारी अगर भर्ती के समय उपलब्ध थी, तो उसे नजरअंदाज करने के कारणों की भी जांच हो सकती है। एयरलाइन की ओर से इस दावे पर अभी कोई विस्तृत बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है।
क्या को-पायलट का इरादा विमान को इजरायल में क्रैश करने का था?
इजरायल के i24NEWS ने जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया है कि को-पायलट ने जांचकर्ताओं से कहा कि उसका इरादा विमान को इजरायल में क्रैश करने का था। रिपोर्ट में इस इरादे की तुलना 11 सितंबर 2001 के हमलों से की गई है, जिनमें अपहृत विमानों का इस्तेमाल किया गया था। यह बयान सूत्रों पर आधारित है और अदालती रिकॉर्ड में अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
जांच एजेंसियां उसके आतंकी नेटवर्क से संभावित संबंध, मकसद और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं। यूएई में पूछताछ जारी है। अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे।
30 सितंबर की उड़ान में कॉकपिट में क्या हुआ था?
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में को-पायलट ने कप्तान स्मित मच्छार पर हमला किया। कप्तान ने विरोध किया और एयर ट्रैफिक कंट्रोल को हाईजैक का संकेत भेजा। हमलावर ने विमान को क्रैश कराने की कोशिश की। कप्तान ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। अन्य क्रू सदस्यों और यात्रियों ने हमलावर को काबू किया।
इस दौरान विमान करीब 16 हजार फीट नीचे आ गया था। इसके बाद नियंत्रण उन दो अन्य पायलटों ने संभाला, जो उसी विमान में यात्री के रूप में यात्रा कर रहे थे। गंभीर चोटों के बावजूद कप्तान स्मित मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिससे बाकी चालक दल अंदर पहुंच सका।
कप्तान स्मित मच्छार की भूमिका पर क्या प्रतिक्रियाएं आईं?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कप्तान स्मित मच्छार के साहस और सूझबूझ की तारीफ की। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा कि एक भारतीय पायलट ने 11 सितंबर जैसी त्रासदी को रोका। इजरायल में उन्हें सम्मानित करने की तैयारी की खबरें भी आई हैं और उनके स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
यह घटना कॉकपिट सुरक्षा, क्रू की पृष्ठभूमि जांच और मध्य-पूर्व मार्गों पर उड़ानों के जोखिम को फिर चर्चा में ले आई है। 174 यात्रियों की जान बचने में कप्तान, अन्य क्रू और यात्रियों की संयुक्त भूमिका रही। आगे की जांच से ही यह साफ होगा कि भर्ती प्रक्रिया में कहां चूक हुई और आरोपी के इरादे क्या थे।
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