हादसा किस कैंप के पास और कैसे बताया गया?
8 अक्टूबर को सीआरपीएफ की एम्युनिशन टेक्नीशियन टीम जगदलपुर से सुकमा जिले के कोन्टा रेंज के एलार्मडगु कैंप पहुंची थी। मकसद विभिन्न कैंपों का निरीक्षण और वहां रखे अनुपयोगी या बचे विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से नष्ट करना था। भेज्जी थाना क्षेत्र में कैंप से करीब 200 मीटर दूर बोदराजपदर नाला के पास प्रक्रिया चल रही थी। दुर्घटनावश एक विस्फोटक का अंश उड़कर पास में आ गिरा और उसमें ब्लास्ट हो गया।
घायल जवानों के नाम और चोट का ब्योरा क्या है?
एटीटी टीम के एएसआई एम. के. तिवारी और सीआरपीएफ की 50वीं वाहिनी के एएसआई अनीश खान को गंभीर चोटें आईं। निरीक्षक अमरनाथ मिश्रा और प्रधान आरक्षक कुलदीप राज को सामान्य चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद प्राथमिक उपचार देकर चारों को शासकीय अस्पताल कोन्टा पहुंचाया गया। गंभीर घायलों को जरूरत पड़ने पर उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर करने की तैयारी है। फिलहाल उपचार कोन्टा में जारी बताया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने क्या लिखा?
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुख जताया और जवानों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। आधिकारिक एक्स अकाउंट पर उन्होंने लिखा कि सुकमा जिले के कोंटा इलाके में एलार्मडगु कैंप के पास आईईडी को निष्क्रिय करते समय सीआरपीएफ के चार जवान घायल हुए। उचित इलाज की व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय रिपोर्ट प्रक्रिया को बचे विस्फोटकों का विनष्टीकरण बताती है। सीएम के पोस्ट में आईईडी निष्क्रिय करने का शब्द है। दोनों ब्योरे सार्वजनिक हैं।
जांच और रेफरल की स्थिति क्या है?
ब्लास्ट का कारण दुर्घटनावश गिरे अंश को बताया गया है। जानबूझकर हमले की पुष्टि इस खबर में नहीं है। घायलों के नाम, यूनिट और अस्पताल का पता प्रारंभिक रिपोर्ट में है। उच्च संस्थान में रेफरल जरूरत पड़ने पर होगा। स्थिति नियंत्रण में बताई गई है। आगे की चिकित्सा अपडेट अस्पताल या बल के बुलेटिन से मिलेगी।
Read More Here
- By Election Result 2026: नंदीग्राम-रेजीनगर में भाजपा आगे, नगांव में बड़ी बढ़त, तमिलनाडु में टीवीके-एआईएडीएमके के बीच कड़ी टक्कर
- UP News: लखनऊ के पास वंदे भारत से टकराई गाय, नोज कोन टूटा; ट्रेन में सवार यात्रियों के साथ क्या हुआ?
- Petrol-Diesel Price 9 Oct 2026: दिल्ली में पेट्रोल ₹102 के पार, CNG के भाव में कितना फर्क? जानें आज के रेट
- Friday Puja Vidhi: मां लक्ष्मी की शुक्रवार वाली उपासना, सफेद फूल, दीपक और दान की परंपरा में क्या माना जाता है

