Delhi Metro News: दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर और नई दिल्ली क्षेत्र में प्रस्तावित प्रदर्शनों को देखते हुए 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का प्रस्ताव दिया है। ट्रांसपोर्ट रेंज के संयुक्त आयुक्त रजनीश गुप्ता ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर शुक्रवार, 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से शनिवार को हालात सामान्य होने तक इन स्टेशनों को बंद रखने का अनुरोध किया है। प्रस्ताव सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के मद्देनजर है। यात्रियों को आखिरी समय में डीएमआरसी की आधिकारिक अपडेट देखनी चाहिए, क्योंकि पत्र अनुरोध है और अंतिम संचालन आदेश मेट्रो निगम की तरफ से आता है।
बंद होने वाली सूची में जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, नई दिल्ली, राजिव चौक, कश्मीरी गेट, यमुनापार के कई स्टेशन और रोहिणी-रिठाला तक के नाम शामिल हैं। पुलिस का आकलन है कि शनिवार को जंतर-मंतर के आसपास भारी ट्रैफिक जाम हो सकता है। कॉकरोच जनता पार्टी ने प्रदर्शन का आह्वान किया है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया गठबंधन की तरफ से भी इसी मुद्दे पर कार्यक्रम चल रहे हैं। जुलाई के प्रदर्शन में भी कुछ स्टेशन बंद करने पड़े थे, इसलिए इस बार रोक रात से ही लगाने की बात कही गई है।
पुलिस ने डीएमआरसी को क्या लिखा है?
पत्र में प्रवेश और निकास दोनों द्वार बंद करने की मांग है। समय सीमा शुक्रवार रात 9 बजे से शुरू होकर शनिवार को स्थिति सामान्य होने तक रखी गई है। कोई निश्चित शाम का घंटा पत्र में नहीं बताया गया। यानी खोले जाने का फैसला भीड़ और कानून-व्यवस्था के आकलन पर निर्भर करेगा। संयुक्त आयुक्त रजनीश गुप्ता ने यह चिट्ठी सुरक्षा व्यवस्था के तहत भेजी है। मेट्रो ट्रेनें लाइन पर चलती रहें या संबंधित स्टेशन पर बिना रुके निकलें, यह संचालन का तकनीकी फैसला डीएमआरसी का है। यात्री अनुभव में फर्क तब पड़ता है जब प्लेटफॉर्म से बाहर निकलना या अंदर घुसना बंद हो।
जुलाई में सीजेपी के जंतर-मंतर कार्यक्रम के दौरान नई दिल्ली जिला प्रभावित हुआ था। पुलिस बंदोबस्त के बावजूद हजारों लोग पहुंच गए थे और कुछ स्टेशन अस्थायी रूप से बंद करने पड़े। उसी अनुभव को आधार बनाकर इस बार रोक पहले से मांगी गई है। प्रस्ताव में संभावित प्रदर्शन और भीड़ के व्यवहार का जिक्र है। अनुमति न दिए जाने के बावजूद लोग मेट्रो से केंद्रीय दिल्ली पहुंच सकते हैं, इसी आशंका से स्टेशन सूची लंबी रखी गई है।
कौन से 57 स्टेशन सूची में हैं?

केंद्रीय दिल्ली और प्रशासनिक इलाके में जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, नई दिल्ली, सेवा तीर्थ (उद्योग भवन), मंडी हाउस, बाराखंबा रोड, आईटीओ, दिल्ली गेट, खान मार्केट, आरके आश्रम मार्ग, झंडेवालान, सुप्रीम कोर्ट, इंद्रप्रस्थ और शिवाजी स्टेडियम शामिल हैं। आईएनए दोनों लाइनों पर बताया गया है। हौज खास, जोर बाग, अर्जनगढ़, सराय काले खान-निजामुद्दीन, लाजपत नगर, जंगपुरा, आश्रम, कालिंदी कुंज, जसोला, जामिया मिलिया इस्लामिया और ओखला विहार दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी गलियारे से जुड़े हैं।
पुरानी दिल्ली और मध्य क्षेत्र में चावड़ी बाजार तथा जामा मस्जिद हैं। करोल बाग, राजेंद्र प्लेस, विश्वविद्यालय, विधानसभा, सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, इंदरलोक, जीटीबी नगर, कन्हैया नगर, नेताजी सुभाष प्लेस, आजादपुर, आदर्श नगर, जहांगीरपुरी, हैदरपुर बादली मोड़ और मजलिस पार्क उत्तरी लाइनों पर हैं। शालीमार बाग, सीलमपुर, मौजपुर, जाफराबाद, वेलकम, यमुना विहार, खजूरी खास और शाहदरा यमुनापार की कनेक्टिविटी रोकते हैं। रिठाला, रोहिणी ईस्ट और रोहिणी वेस्ट पश्चिमी-उत्तरी छोर पर हैं। सूची पुलिस पत्र पर आधारित है। स्टेशन का आधिकारिक नाम डीएमआरसी बोर्ड पर थोड़ा अलग दिख सकता है।
शनिवार को ट्रैफिक और प्रदर्शन का असर क्या पड़ेगा?
जंतर-मंतर और नई दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में शनिवार को कार्यक्रम प्रस्तावित है। सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर लोगों को बुला रही है। इंडिया गठबंधन की तरफ से भी प्रदर्शन का सिलसिला है। पुलिस ने नई दिल्ली जिले में इन कार्यक्रमों की इजाजत नहीं दी है और गुरुवार रात से एहतियाती हिरासत शुरू की थी। मेट्रो बंद करने का प्रस्ताव उसी कड़ी का हिस्सा है, ताकि भीड़ रेल नेटवर्क से संसद मार्ग और जनपथ की तरफ न बढ़े।
सड़क पर असर अलग पड़ेगा। स्टेशन बंद होने से ऑटो, कैब और बस की मांग बढ़ सकती है। पुलिस ने शनिवार को भारी जाम की आशंका जताई है। कार्यालयों, अदालतों और बाजारों का रुटीन ट्रेन-समय से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट, आईटीओ, मंडी हाउस और कश्मीरी गेट जैसी जगहों का नाम सूची में होने से वकीलों, छात्रों और दफ्तर जाने वालों को वैकल्पिक रास्ता पहले से देखना होगा। रात 9 बजे के बाद की ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों पर असर शुक्रवार देर शाम से शुरू हो सकता है।
यात्री शुक्रवार रात और शनिवार सुबह क्या करें?
राजीव चौक, नई दिल्ली, कश्मीरी गेट और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट इंटरचेंज हैं। इनमें से किसी का द्वार बंद हुआ तो लाइन बदलने की सुविधा भी रुक सकती है। आईएनए पर दोनों लाइनें सूची में हैं, इसलिए हौज खास-जोर बाग वाला रास्ता और पीली लाइन वाला कनेक्शन दोनों प्रभावित हो सकते हैं। यमुनापार से आने वाले यात्री शाहदरा, जाफराबाद या वेलकम पर रुक सकते हैं और आगे सड़क से जाना पड़ सकता है। रोहिणी और रिठाला की तरफ से आने वालों को आजादपुर या नेताजी सुभाष प्लेस से पहले उतरने की योजना रखनी चाहिए, यदि पत्र के मुताबिक द्वार बंद हों।
डीएमआरसी ऐप, स्टेशन पर चिपका नोटिस और आधिकारिक सोशल अकाउंट ही अंतिम स्थिति बताएंगे। पुलिस पत्र और मेट्रो की अधिसूचना में कभी-कभी एक-दो स्टेशन का फर्क रह जाता है। ऑफिस और अदालत की उपस्थिति वाले लोग शुक्रवार शाम को नजदीकी खुले स्टेशन और बस रूट मिला लें। रात 9 बजे के बाद सेंट्रल दिल्ली छोड़ने वाले ट्रेन के अंदर ही वैकल्पिक स्टेशन पूछ लें, क्योंकि निकास बंद होने पर प्लेटफॉर्म पर भीड़ रुक सकती है।
यह बंद कितनी देर चल सकता है?
पत्र में शनिवार को स्थिति सामान्य होने तक की भाषा है। जुलाई में बंद कुछ घंटों का रहा था, क्योंकि भीड़ उतरने के बाद स्टेशन खोले गए। इस बार रात से शुरू करने का मतलब है कि शनिवार सुबह की पहली भीड़ ही स्टेशन के बाहर रहे। यदि प्रदर्शन स्थल तक लोग नहीं पहुंचते या कार्यक्रम जल्दी समाप्त होता है, तो दोपहर तक द्वार खुल सकते हैं। यदि टकराव लंबा खिंचता है, तो शाम तक पाबंदी रह सकती है।
57 स्टेशनों की यह सूची केंद्रीय दिल्ली तक सीमित नहीं है। दक्षिणी कैंपस, जामिया, ओखला, यमुनापार और रोहिणी को जोड़कर पुलिस ने प्रवेश के कई रास्ते काटने की कोशिश की है। यात्रियों के लिए व्यावहारिक संदेश यही है कि 9 अक्टूबर रात 9 बजे के बाद इन नामों पर उतरने या चढ़ने की योजना न रखें और शनिवार सुबह निकलने से पहले मेट्रो की ताजा सूचना देख लें। प्रदर्शन का राजनीतिक पक्ष अलग है। स्टेशन बंद करने का प्रस्ताव सुरक्षा पत्र पर टिका है और अंतिम ताला डीएमआरसी की पुष्टि के बाद ही माना जाना चाहिए।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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