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EPS Pension Calculation: ₹22 हजार सैलरी और 20 साल नौकरी पर कितनी बनेगी पेंशन? वेज सीलिंग पर चर्चा तेज

EPS Pension Calculation: कर्मचारी पेंशन योजना यानी ईपीएस रिटायरमेंट के बाद मासिक पेंशन का सरकारी खाका है। जागरण की इस रिपोर्ट के अनुसार ईपीएफ कवरेज की बेसिक सैलरी अधिकतम सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है। उसी आधार पर 22,000 रुपये पेंशन योग्य सैलरी और 20 साल की सेवा पर मासिक पेंशन करीब 6,915 रुपये निकाली गई है। नियमित पेंशन के लिए कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य सेवा जरूरी बताई गई है। यह स्कीम गणना है, बैंक में पड़ी पक्की रकम नहीं।

पेंशन का फॉर्मूला रिपोर्ट में कैसे लिखा है?

ईपीएफओ के अनुसार मासिक पेंशन बराबर पेंशन योग्य सैलरी गुणा पेंशन योग्य सेवा, भाग 70। पेंशन योग्य वेतन आखिरी 60 महीनों के औसत वेतन पर निकलता है। पेंशन योग्य सेवा उन सालों की संख्या है, जिनमें ईपीएस में योगदान रहा। केवल आज की सैलरी को सूत्र में डालना औसत से अलग पड़ सकता है। 22,000 रुपये का आंकड़ा तब लगता है, जब योगदान सीलिंग से नीचे असली सैलरी पर माना जाए और औसत भी उतना ही रहे।

20 साल पर 6,915 रुपये कैसे बने?

रिपोर्ट की गणना है: 22,000 गुणा 22, भाग 70, बराबर 6,915। 20 साल की सेवा पर 2 साल का बोनस सर्विस ईयर जोड़ने की बात कही गई है। इसलिए गुणक 20 नहीं, 22 लिया गया। बिना बोनस के वही सूत्र 22,000 गुणा 20, भाग 70, करीब 6,286 रुपये देता है। लेख 20 साल से ज्यादा नौकरी पर भी दो साल का बोनस जोड़ता है। पेंशन हर महीने करीब 6,915 रुपये की बताई गई है। इसे गारंटी तभी मानें, जब स्कीम नियम, औसत वेतन और सेवा रिकॉर्ड मेल खाएं।

कंपनी का 8.33 प्रतिशत अब कितना बताया गया है?

बेसिक का 12 प्रतिशत पीएफ में जाता है और कंपनी भी 12 प्रतिशत मिलाती है। कंपनी के हिस्से में 8.33 प्रतिशत ईपीएस फंड और 3.67 प्रतिशत ईपीएफ खाते में जाता है। पुरानी 15,000 रुपये की लिमिट पर कंपनी का ईपीएस योगदान अधिकतम करीब 1,250 रुपये बताया गया। नई 25,000 रुपये की लिमिट पर रिपोर्ट 2,088 रुपये जमा होने की बात कहती है। 22,000 रुपये सैलरी पर 8.33 प्रतिशत करीब 1,833 रुपये बनता है। 2,088 रुपये सीलिंग का ऊपरी आंकड़ा है, हर 22,000 रुपये वाली सैलरी का नहीं।

वेज सीलिंग बढ़ने का फायदा किसे दिखेगा?

जिनका योगदान पुरानी 15,000 रुपये की छत पर रुक जाता था, उनके पेंशन योग्य वेतन की ऊपरी सीमा बढ़ने पर सूत्र का पहला अंक बड़ा हो सकता है। 22,000 रुपये पहले ही 15,000 से ऊपर और 25,000 से नीचे है। फायदा तभी गणित में आएगा, जब नियोक्ता नई छत तक ईपीएस योगदानactually काटे। केवल खबर पढ़कर पुराना योगदान अपने आप नई पेंशन नहीं बन जाता। आखिरी 60 महीनों का औसत भी कम रह सकता है।

इस कैलकुलेशन को अंतिम पेंशन क्यों न मानें?

फॉर्मूला, 10 साल की न्यूनतम सेवा और 20 साल पर दो साल का वजन रिपोर्ट में है। 6,915 रुपये की राशि 22,000 औसत और 22 भारित साल मानकर निकली है। सीलिंग 15,000 से 25,000 और ईपीएस में 2,088 रुपये का जिक्र लेख का है। पासबुक, सेवा इतिहास और ईपीएफओ की अधिसूचना मिलाए बिना यह स्लिप नहीं है। कम सेवा, टूटा योगदान या कम औसत वेतन आंकड़ा घटा देगा।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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