दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। संयुक्त पुलिस आयुक्त नूपुर प्रसाद के हवाले से आवेदन देर से आने और पिछले प्रदर्शन में नियमों का पालन न होने का कारण दिया गया है। सामान्यतः 10 दिन पहले आवेदन की बात कही गई है। नयी दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू बताई गई है। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह युवाओं से डर रही है और आपातकाल जैसे हालात बना रही है। उन्होंने आंदोलन जारी रहने की बात कही।
कौन से 20 जिलों से पुलिसकर्मी भेजे गए?
रिपोर्ट में मेरठ, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, हाथरस, कासगंज, मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, अमरोहा, संभल और बरेली के नाम हैं। संख्या करीब 500 महिला पुलिसकर्मी है। जिलों के अधिकारियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अराजकता फैलाने की कोशिश पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर अफवाह और भ्रामक सूचना की निगरानी भी बताई गई है। ये तैनाती सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है। हर यात्री की जांच या हर सड़क बंद होने का मतलब नहीं।
250 ट्रेनों का आंकड़ा किन शर्तों पर है?
शुक्रवार दोपहर दो बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशन से चलने वाली और 10 अक्टूबर सुबह चार बजे से दोपहर दो बजे के बीच नयी दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली करीब 250 एक्सप्रेस ट्रेनें निरस्त बताई गई हैं। आसपास के शहरों की दैनिक पैसेंजर ट्रेनों के निरस्त होने की जानकारी भी है। गाजियाबाद से रेल से दिल्ली पहुंचने वालों को परेशानी हो सकती है। लेख साफ कहता है कि सभी ट्रेनों को रद्द मानकर न चलें। ट्रेन नंबर डालकर रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या पूछताछ से स्थिति जांचें। संबंधित खबर में 10-11 अक्टूबर को दिल्ली-लखनऊ की तीन ट्रेनों का अलग जिक्र है। वह सूची इस 250 के आंकड़े का हिस्सा साबित नहीं होती।
45 मेट्रो स्टेशन बंद हुए या अनुरोध है?
दिल्ली पुलिस ने डीएमआरसी को पत्र लिखकर जनपथ, बाराखंभा रोड, पटेल चौक और राजीव चौक समेत 45 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने को कहा है। उद्देश्य भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा बताया गया है। लेख फर्क करता है। पुलिस का अनुरोध और स्टेशन वास्तव में बंद होना अलग हो सकता है। यूपी से मेट्रो से दिल्ली जाने वालों को डीएमआरसी की आधिकारिक सूचना से रूट और स्टेशन की पुष्टि करनी चाहिए। 45 का आंकड़ा अनुरोध की सूची है, पुष्टि किए गए बंद स्टेशनों की अंतिम गिनती नहीं।
स्कूल, इंटरनेट और केंद्रीय बल कितने बताए गए?
कुछ स्कूलों में ऑनलाइन कक्षा और कुछ परीक्षाओं के कार्यक्रम में बदलाव की जानकारी है। बिना संस्थान की आधिकारिक सूचना के परीक्षा स्थगित या स्कूल बंद न मानें। जंतर-मंतर के चार किलोमीटर दायरे में शुक्रवार रात 10 बजे से शनिवार रात 10 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद किए जाने की जानकारी है। लेख कहता है कि दिल्ली के सीमित क्षेत्र में इंटरनेट प्रभावित होने का मतलब पूरे उत्तर प्रदेश में इंटरनेट बंद होना नहीं। ऑनलाइन टिकट और डिजिटल भुगतान पहले से व्यवस्थित करने की सलाह दी गई है। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की करीब 221 कंपनियां और उनके तहत 23 हजार से 26 हजार जवानों की तैनाती का उल्लेख है। दिल्ली पुलिस के करीब 20 हजार जवान भी लगाए गए बताए गए हैं। ये उपलब्ध विवरण के आंकड़े हैं।
यूपी से निकलने से पहले क्या जांचें?
ट्रेन का स्टेटस रेलवे की आधिकारिक साइट या पूछताछ से देखें। नोएडा और गाजियाबाद के मार्गों का ट्रैफिक अपडेट लें। बैरिकेडिंग से जाम या अधिक समय लगने की आशंका बताई गई है। मेट्रो के लिए डीएमआरसी की सूचना देखें। स्कूल, कॉलेज और परीक्षा के लिए संबंधित संस्थान से पुष्टि करें। अस्पताल, कार्यालय या परीक्षा केंद्र जाने से पहले संपर्क करें। सुरक्षा जांच से यात्रा लंबी हो सकती है। सड़क, ट्रेन, मेट्रो और इंटरनेट के सभी दावों को आधिकारिक अपडेट के बाद ही अंतिम मानें। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने और दिपके के आरोप दोनों रिपोर्ट में दर्ज हैं। नतीजा अभी तय नहीं।
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