CG News: रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा की प्रभारी स्मृति ईरानी के आगामी रायपुर दौरे से पहले पार्टी नेताओं को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों को साफ कहा गया है कि वे सोशल मीडिया पर अपने व्यक्तिगत प्रचार के बजाय केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करें।
सूत्रों के अनुसार पार्टी की आईटी सेल सभी वरिष्ठ नेताओं की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखेगी। पोस्ट की गई सामग्री और सक्रियता के आधार पर एक स्पेशल रिपोर्ट या रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। इसे मिशन 2028-29 की तैयारियों से जोड़ा जा रहा है।
स्मृति ईरानी कब आ रही हैं रायपुर?
नवनियुक्त प्रदेश भाजपा प्रभारी स्मृति ईरानी 25 और 26 अक्टूबर को दो दिवसीय दौरे पर रायपुर आ रही हैं। प्रदेश प्रभारी बनने के बाद यह उनका पहला छत्तीसगढ़ दौरा होगा। पहली ही बैठक में वे मिशन विधानसभा और लोकसभा चुनाव के लिए रणनीति पर चर्चा कर सकती हैं। दौरे से पहले ही उन्होंने संगठन पदाधिकारियों के साथ बैठक में यह संदेश साफ कर दिया है।
आईटी सेल क्या निगरानी करेगी?
पार्टी की आईटी सेल नेताओं और पदाधिकारियों के सोशल मीडिया हैंडल पर पैनी नजर रखेगी। पोस्ट की गई सामग्री और उनकी सक्रियता के आधार पर रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। इसका मकसद व्यक्तिगत ब्रांडिंग की जगह सरकारी योजनाओं और पार्टी की नीतियों का व्यापक प्रचार सुनिश्चित करना है। इस रिपोर्ट को आगामी चुनावों की तैयारियों से जोड़ा जा रहा है।
दौरे के दौरान क्या होगा?
दौरे के दौरान स्मृति ईरानी पूर्व सांसदों और विधायकों से वन-टू-वन चर्चा करेंगी और उनके कामकाज का रिपोर्ट कार्ड लेंगी। संगठनात्मक सूत्रों के मुताबिक इस समीक्षा के बाद प्रदेश के 60 से अधिक पूर्व सांसदों और विधायकों को नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। लक्ष्य बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करना है। स्थानीय निकाय चुनावों की कमान संगठन महामंत्री कर्मवीर ने संभाल रखी है।
कांग्रेस ने क्या कहा?
इस दौरे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए महंगाई जैसे मुद्दों पर स्मृति ईरानी की चुप्पी पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जो नेत्री स्वयं चूकी हुई हों वे क्या रणनीति बनाएंगी। भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने कहा कि प्रदेश प्रभारी के आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह है और पार्टी अपने लक्ष्यों को लेकर काम कर रही है।
इस दौरे का क्या महत्व है?
पिछले महीने छत्तीसगढ़ और हरियाणा का प्रभार मिलने के बाद यह दौरा राज्य में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने और बूथ स्तर तक कसावट लाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर हुए सांगठनिक फेरबदल के बाद भाजपा अपने सियासी समीकरणों को मजबूत करने में जुटी है। दौरे के राजनीतिक मायने खास बताए जा रहे हैं।
स्मृति ईरानी के रायपुर दौरे से पहले भाजपा नेताओं को व्यक्तिगत प्रचार छोड़कर सरकारी योजनाओं का प्रचार करने का निर्देश दिया गया है। आईटी सेल सोशल मीडिया पर नजर रखेगी और रिपोर्ट कार्ड तैयार करेगी। यह कदम मिशन 2028-29 की तैयारी से जुड़ा बताया जा रहा है।
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