Godda Minor Gang Rape Case: झारखंड के गोड्डा जिले में एक गंभीर घटना सामने आई है। महागामा थाना क्षेत्र में बुधवार रात एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार पीड़िता पाकुड़ जिले की रहने वाली है और दुर्गा पूजा के मौके पर अपनी मौसी के यहां आई हुई थी। वह ऊर्जानगर इलाके के मेले से अपने दो पुरुष रिश्तेदारों के साथ मौसी के घर लौट रही थी। जियाजोरी जंगल के पास पहुंचते ही करीब आधा दर्जन लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने साथ मौजूद दोनों पुरुषों की पिटाई की और उन्हें भागने पर मजबूर किया। इसके बाद उन्होंने बारी-बारी से नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और उसके गले से चांदी की चेन भी छीन ली।
मामला प्रकाश में आने के बाद पीड़िता की मां ने महागामा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पोक्सो अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। थाना प्रभारी अभिनव आनंद के मुताबिक अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष आरोपियों की तलाश के लिए तलाशी अभियान जारी है। गिरफ्तार आरोपी स्थानीय क्षेत्र के ही निवासी बताए जा रहे हैं और उनकी उम्र 19 से 30 वर्ष के बीच है। आरोपियों की निशानदेही पर छीनी गई चांदी की चेन भी बरामद कर ली गई है। पीड़िता की मेडिकल जांच हो चुकी है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
गोड्डा की घटना कब और कहां हुई?
घटना 21 अक्टूबर 2026 की रात महागामा थाना क्षेत्र के जियाजोरी जंगल के पास हुई। नाबालिग लड़की अपनी मौसी के घर से ऊर्जानगर मेला देखने गई थी। मेला देखने के बाद वह दो पुरुष रिश्तेदारों के साथ वापस लौट रही थी। जंगल वाले रास्ते में आरोपियों ने उन्हें रोका। पुलिस का कहना है कि वारदात बुधवार रात हुई और अगले दिन शिकायत दर्ज हुई। स्थान जियाजोरी का घना जंगल बताया गया है, जहां रात के समय आवाजाही कम होती है। यह इलाका महागामा से कुछ दूरी पर है और मेले के दौरान भीड़ बढ़ने से लोग अलग-अलग रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत मौके का निरीक्षण किया और सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
आरोपियों ने किस तरह वारदात को अंजाम दिया?
पुलिस और शिकायतकर्ता के बयान के मुताबिक छह लोगों ने तीनों को रोका। उन्होंने साथ मौजूद पुरुषों की मारपीट की और उन्हें डरा-धमकाकर भगा दिया। इसके बाद आरोपियों ने नाबालिग को जंगल की ओर घसीटा और बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात के दौरान उन्होंने लड़की के गले से चांदी की चेन भी छीन ली। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि आरोपियों ने नाबालिग को घने जंगल में ले जाकर घटना को अंजाम दिया। आरोपी स्थानीय क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। गिरफ्तार पांच लोगों में मोहसिन अंसारी (लगभग 22 वर्ष), मो. जहूर अंसारी (लगभग 27 वर्ष), मो. अवाज अंसारी (लगभग 19 वर्ष) और मो. मोतीम अंसारी जैसे नाम शामिल हैं। पुलिस ने इनकी उम्र 19 से 30 वर्ष के बीच बताई है। शेष एक आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
महागामा थाने के प्रभारी अभिनव आनंद के अनुसार शिकायत मिलते ही मामला बीएनएस और पोक्सो के तहत दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान और निशानदेही के आधार पर छीनी गई चांदी की चेन बरामद की गई। विशेष टीम बनाकर शेष आरोपियों की तलाश शुरू की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और फोरेंसिक सबूत, बयान और अन्य सामग्री एकत्र की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। स्थानीय स्तर पर भी इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है ताकि आगे कोई घटना न हो। पोक्सो मामलों में पुलिस को विशेष प्रक्रिया का पालन करना होता है, जिसमें पीड़िता का बयान सुरक्षित तरीके से दर्ज करना शामिल है।
पीड़िता की वर्तमान स्थिति क्या है?
पीड़िता की मेडिकल जांच पूरी हो चुकी है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है और इलाज चल रहा है। डॉक्टरों और पुलिस के अनुसार उसकी हालत स्थिर है। नाबालिग होने के कारण उसका बयान विशेष अधिकारी की मौजूदगी में दर्ज किया जा रहा है। परिवार को भी सहयोग दिया जा रहा है। कानून के अनुसार नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाती। पुलिस और प्रशासन का फोकस उसके इलाज और सुरक्षा पर है। परिवार ने शिकायत दर्ज कराकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। ऐसे मामलों में काउंसलिंग और पुनर्वास की भी व्यवस्था की जाती है।
इस मामले में कौन से कानून लागू किए गए हैं?
मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पोक्सो अधिनियम (Protection of Children from Sexual Offences Act) के प्रावधान लागू किए गए हैं। पोक्सो नाबालिगों के यौन शोषण के मामलों में सख्त सजा का प्रावधान करता है। सामूहिक दुष्कर्म के मामलों में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई होती है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू की है। ऐसे मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का प्रावधान भी है। आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत फैसला सुनाएगी। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लिया है और आगे की पूछताछ चल रही है।
इस घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। मेले और त्योहारों के दौरान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जंगल वाले रास्तों पर रात के समय गश्त बढ़ाई जानी चाहिए। प्रशासन से अपेक्षा है कि वह त्वरित और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करे ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके। पुलिस का दावा है कि वह सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई करेगी। आगे की जांच और कोर्ट की प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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