Petrol-Diesel Price 28 Oct 2026: भारत में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतें हर सुबह करीब 6 बजे संशोधित होती हैं। ये दरें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, रिफाइनिंग खर्च, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, राज्यों का वैट और डीलर कमीशन पर निर्भर करती हैं। इसी वजह से पूरे देश में ईंधन की कीमत एक समान नहीं रहती। अलग-अलग शहरों और राज्यों में उपभोक्ताओं को अलग-अलग दर चुकानी पड़ती है। नीचे दिए गए आंकड़े आज के प्रचलित रिटेल रेट को दर्शाते हैं।
प्रमुख भारतीय शहरों में आज की ईंधन कीमतें
व्यक्तिगत वाहनों के लिए पेट्रोल की कीमत सबसे ज्यादा ट्रैक की जाती है। बड़े शहरों में इसमें काफी अंतर देखने को मिलता है। अहमदाबाद में दर ₹102.15 प्रति लीटर के आसपास है, जबकि हैदराबाद में यह ₹116.15 तक पहुंच जाती है। बेंगलुरु में ₹111.68, मुंबई में ₹111.21 और पुणे में ₹111.90 दर्ज की गई है। नई दिल्ली में ₹102.12, नोएडा में ₹101.96 और लखनऊ में ₹101.86 है। चेन्नई ₹107.76, कोलकाता ₹113.51, जयपुर ₹113.19 और गुरुग्राम ₹102.97 पर है। ये अंतर मुख्य रूप से राज्य करों और स्थानीय डीलर कमीशन की वजह से आता है, न कि ईंधन की गुणवत्ता में कोई बदलाव होने से।
डीजल और सीएनजी भी इसी पैटर्न पर चलते हैं, हालांकि उनकी निरपेक्ष कीमतें अलग रहती हैं। सार्वजनिक परिवहन और मालवाहक वाहनों के ऑपरेटर डीजल पर ज्यादा ध्यान देते हैं, जबकि मेट्रो शहरों में सीएनजी यूजर्स कंप्रेस्ड नेचुरल गैस की दर देखते हैं। भारतीय तेल निगम, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, रिलायंस और इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा रिटेल आउटलेट चलाती हैं।
राज्यवार ईंधन कीमतों की झलक
राज्य स्तर पर अंतर और भी स्पष्ट हो जाता है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में पेट्रोल ₹117 से ₹117.61 के आसपास रहता है। राजस्थान, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, बिहार और केरल में भी दर ₹112 से ₹115 के ऊपर है। इसके उलट पूर्वोत्तर और कुछ उत्तरी राज्यों में कीमतें ₹100 के करीब रहती हैं। अरुणाचल प्रदेश में करीब ₹99.69, दमन और दीव में ₹99.44, उत्तराखंड में ₹100.81 और उत्तर प्रदेश में ₹101.66 दर्ज है। दिल्ली, चंडीगढ़, गुजरात और हरियाणा ₹101 से ₹103 के बीच में हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक, ओडिशा और तमिलनाडु ₹109 से ₹112 के मध्य बैंड में आते हैं। केंद्र की एक्साइज ड्यूटी एक समान होने के बावजूद राज्यों का वैट अलग-अलग होने से ये अंतर बने रहते हैं।
भारत में ईंधन की कीमत कैसे तय होती है?
पंप पर मिलने वाली अंतिम कीमत कई स्तरों में बनती है। शुरुआत अंतरराष्ट्रीय बाजार से आयात किए गए कच्चे तेल की लैंडेड लागत से होती है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां इसे रिफाइन करके पेट्रोल या डीजल बनाती हैं और इसमें प्रोसेसिंग, मार्केटिंग व परिवहन खर्च जोड़ती हैं। इसके बाद केंद्र सरकार एक निश्चित एक्साइज ड्यूटी लगाती है जो हर राज्य में एक जैसी रहती है। फिर हर राज्य अपना वैट जोड़ता है, जो कई रुपये प्रति लीटर तक अलग हो सकता है। आखिर में रिटेल आउटलेट मालिक को डीलर कमीशन मिलता है जो स्टेशन दर स्टेशन थोड़ा अलग हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत रोज बदलती रहती है और राज्य वैट स्वतंत्र रूप से बदल सकते हैं, इसलिए रिटेल रेट रोजाना बदलता रहता है।
ईंधन की कीमतें राज्य दर राज्य क्यों अलग होती हैं?
सबसे बड़ा कारण वैट है। कोई राज्य रिटेल कीमतें कम रखने के लिए वैट कम रखता है, तो कोई राजस्व बढ़ाने के लिए ऊंचा रखता है। डीलर कमीशन और स्थानीय परिवहन खर्च भी एक ही राज्य के अंदर छोटे अंतर पैदा करते हैं। एक्साइज ड्यूटी केंद्रीय होने से राज्यों के बीच बड़ा अंतर नहीं बनाती। नतीजा यह होता है कि दिल्ली से राजस्थान या महाराष्ट्र से कर्नाटक जाते समय पंप पर तुरंत कीमत बदलती दिखती है, भले ही ईंधन एक ही हो।
ईंधन कीमतों में रोजाना उतार-चढ़ाव क्यों आता है?
अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत मुख्य चालक है। जब ग्लोबल बेंचमार्क ऊपर या नीचे जाते हैं, तो भारतीय रिफाइनर अगली सुबह बेस प्राइस एडजस्ट कर देते हैं। रुपये की कमजोरी भी असर डालती है क्योंकि आयातित कच्चा तेल स्थानीय मुद्रा में महंगा पड़ जाता है। केंद्र की एक्साइज या राज्य के वैट में बदलाव से एक बार में बड़ा उछाल आ जाता है। मांग का पैटर्न, रिफाइनरी मेंटेनेंस और इन्वेंटरी लेवल अल्पकालिक दबाव पैदा कर सकते हैं, लेकिन दैनिक संशोधन का मकसद अंतरराष्ट्रीय लागत बदलाव को जल्दी पास करना है।
भारत में सबसे ज्यादा ईंधन कौन सी कंपनियां सप्लाई करती हैं?
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम मिलकर ज्यादातर रिटेल आउटलेट चलाती हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज का अपना स्टेशन नेटवर्क है और इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड जैसी सिटी गैस कंपनियां कई मेट्रो में सीएनजी डिस्ट्रीब्यूशन संभालती हैं। ये सभी कंपनियां लगभग एक जैसे प्राइसिंग फॉर्मूले के तहत कच्चा तेल या रिफाइंड प्रोडक्ट लेती हैं, इसलिए उपभोक्ता को जो अंतर दिखता है वह आमतौर पर टैक्स और कमीशन लेयर का होता है, न कि ब्रांड का।
उपभोक्ता ताजा रेट कैसे ट्रैक कर सकते हैं?
ज्यादातर तेल कंपनियां हर सुबह अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर शहरवार और राज्यवार कीमतें प्रकाशित करती हैं। कई ऑटोमोबाइल पोर्टल भी यही डेटा जल्दी रेफरेंस के लिए इकट्ठा कर देते हैं। संशोधन सुबह 6 बजे होता है, इसलिए उसके बाद चेक करने पर दिन भर लागू रहने वाला रेट मिल जाता है। लंबी दूरी के यात्रियों या फ्लीट ऑपरेटरों के लिए गंतव्य राज्य की कीमत पहले देख लेना कुछ रुपये प्रति लीटर की बचत कर सकता है।
भारत में ईंधन खर्च घरेलू और व्यावसायिक बजट का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहता है। पंप प्राइस के घटकों को समझना रोजाना के बदलाव और राज्यों के बीच बने अंतर दोनों को स्पष्ट करता है। यहां दिए गए रेट आज के प्रचलित रिटेल आंकड़े हैं और अगली सुबह फिर अपडेट हो जाएंगे।
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