Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखने और नंदीग्राम से इस्तीफा देने के फैसले का खुलासा किया। साथ ही ममता बनर्जी को चुनावी राजनीति से दूर रहने और घर पर आराम करने की सलाह दी। इस दौरान उन्होंने अपने पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या का जिक्र करते हुए दो करोड़ रुपये की सुपारी के स्रोत पर सवाल उठाए। नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनावों में भाजपा की भारी जीत के बाद ये बयान और भी महत्वपूर्ण हो गए हैं।
शुभेंदु ने नंदीग्राम सीट क्यों छोड़ी और भवानीपुर क्यों रखी?
शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अगर वे भवानीपुर छोड़ देते तो ममता बनर्जी को उपचुनाव लड़ने का एक और मौका मिल जाता। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को उन्होंने दो बार हराया है, उसे फिर से मैदान में उतरने का अवसर नहीं देना चाहते थे। 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भवानीपुर में ममता बनर्जी को करीब 15 हजार वोटों के अंतर से हराया था। 2021 में भी नंदीग्राम में उन्होंने उन्हें हराया था। उनके मुताबिक, भवानीपुर रखना इसलिए जरूरी था ताकि विपक्षी नेता को फिर से राजनीति में वापसी का रास्ता न मिल सके। नंदीग्राम के लोगों को उन्होंने समझाया कि यह फैसला रणनीतिक था और उनके वादे हसीरानी रथ के जरिए पूरे होंगे।
ममता बनर्जी को घर पर आराम करने की सलाह क्यों दी गई?
मुख्यमंत्री ने ममता बनर्जी की उम्र का हवाला देते हुए कहा कि उनकी उम्र 75 साल से ज्यादा हो चुकी है। अब चुनावी मैदान में उतरने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने सलाह दी कि वे घर पर आराम करें और चुनावी राजनीति से हट जाएं। यह बयान तब आया जब उपचुनावों में विपक्ष पूरी तरह से विफल रहा। शुभेंदु का कहना था कि उन्होंने ममता को एक और चुनाव लड़ने का मौका जानबूझकर नहीं दिया। राजनीतिक हलकों में इसे पूर्व मुख्यमंत्री को राजनीतिक रूप से किनारे करने की कोशिश माना जा रहा है।
नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनावों का क्या नतीजा रहा?
नंदीग्राम उपचुनाव में भाजपा की हसीरानी रथ (चंद्रनाथ रथ की मां) ने 1.22 लाख वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। रेजीनगर में शंकरव सरकार ने भी बड़ी जीत हासिल की। दोनों जगहों पर विपक्ष कोई प्रभावी चुनौती नहीं दे सका। नंदीग्राम में मतदान से पहले ही विपक्षी अभियान कमजोर पड़ गया था, जबकि रेजीनगर में कई उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। इन जीतों से भाजपा की ताकत और बढ़ी है। शुभेंदु ने कहा कि नंदीग्राम की जनता नाराज थी लेकिन फैसला समझाने के बाद हसीरानी रथ को भारी समर्थन मिला। वे उनके जरिए क्षेत्र के विकास के वादे पूरे करेंगे।
चंद्रनाथ रथ हत्या मामले में 2 करोड़ की सुपारी का क्या मतलब है?
शुभेंदु अधिकारी ने अपने पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मई 2026 में हुई हत्या का जिक्र किया। रथ उनकी निजी सहायक थे और भाजपा सत्ता में आने के कुछ दिन बाद मध्यमग्राम में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई ने शूटरों और कॉन्ट्रैक्ट किलर्स समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। अब सवाल यह है कि दो करोड़ रुपये की सुपारी कहां से आई। उन्होंने पूछा कि क्या यह रकम कैमक स्ट्रीट, कालीघाट या डायमंड हार्बर से आई थी। कैमक स्ट्रीट में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी का कार्यालय है, कालीघाट ममता बनर्जी का निवास है और डायमंड हार्बर अभिषेक का लोकसभा क्षेत्र है। उनका इशारा स्पष्ट रूप से तृणमूल खेमे की ओर था। उन्होंने कहा कि एक बार स्रोत पता चल जाए तो जांच पूरी हो जाएगी।
विपक्ष दोनों सीटों पर क्यों असफल रहा?
शुभेंदु के अनुसार नंदीग्राम में विपक्ष का चुनाव अभियान मतदान से पहले ही ध्वस्त हो गया था। रेजीनगर में भी उनके उम्मीदवार प्रभावी नहीं रहे और कई की जमानत जब्त हुई। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष कोई चुनौती पेश करने में नाकाम रहा। उपचुनाव के नतीजे भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और स्थानीय समर्थन को दर्शाते हैं। हसीरानी रथ की जीत को भावनात्मक और राजनीतिक दोनों मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे मारे गए सहयोगी की मां हैं।
इन बयानों का राजनीतिक महत्व क्या है?
ये बयान पश्चिम बंगाल की राजनीति में तनाव बढ़ा रहे हैं। शुभेंदु एक तरफ ममता बनर्जी को राजनीतिक रूप से रिटायर होने की सलाह दे रहे हैं तो दूसरी तरफ हत्या मामले में तृणमूल पर निशाना साध रहे हैं। नंदीग्राम जैसे प्रतीकात्मक सीट पर भारी जीत से उनकी स्थिति और मजबूत हुई है। भवानीपुर रखना रणनीतिक कदम माना जा रहा है। आगे की राजनीति में इन आरोपों और सुपारी के स्रोत की जांच पर नजर रहेगी। विपक्ष इन दावों का जवाब दे सकता है, लेकिन फिलहाल मुख्यमंत्री के बयान चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।
Read More Here:-
Odisha News: बालेश्वर पेट्रोल पंप पर टैंक काटते समय धमाका, कर्मचारी की मौत; कैसे हुआ दर्दनाक हादसा?
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

