Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 14 राजनीतिक पार्टियों के कार्यकर्ताओं को इकट्ठा करके डेढ़ किलोमीटर के दायरे में आठ हजार लोगों की भीड़ जुटाने से कोई देश की आवाज नहीं बन सकता। शाह ने कांग्रेस को गांवों, खेतों और दूर-दराज के इलाकों से जुड़ने की सलाह दी। उनका बयान ऐसे समय आया है जब विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को वापस लेने की मांग पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान ये बातें कहीं। उन्होंने साफ कहा कि फेब्रिकेटेड मीडिया इवेंट और झूठ की गूंज से देश की जनता का विश्वास हासिल नहीं किया जा सकता। शाह के अनुसार देश की आवाज केवल शहरों तक सीमित नहीं है।
अमित शाह का सीधा हमला
#WATCH | Delhi | On Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, Union Home Minister Amit Shah says, “You cannot win the trust of the nation’s people through fabricated media events and ‘Jhooth Ki Goonj’. You cannot become the voice of the nation merely by mobilizing the cadres of fourteen parties to gather a crowd of eight thousand within a span of one and a half kilometers. I urge the Congress party to realize that the voice of the nation also resides in the fields and farms, in the villages, in remote hills and forests, and along the riverbanks—areas where you have no reach. There are many states in the country—such as Bihar, Uttar Pradesh, and Tamil Nadu—where the people have rejected and defeated the Congress party for decades. Even today, the negative politics the Congress is pursuing will not benefit them. They need to understand the public and connect with the people…”
— ANI (@ANI) October 13, 2026
गृह मंत्री ने कहा कि 14 पार्टी का कैडर इकट्ठा करके डेढ़ किलोमीटर के क्षेत्र में आठ हजार की भीड़ जुटाकर राहुल गांधी देश की आवाज नहीं बन सकते। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसी भीड़ से जनता का भरोसा नहीं जीता जा सकता। शाह के बयान में कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि असली आवाज खेत-खलिहानों, गांवों, दूर-दराज की पहाड़ियों, जंगलों और नदियों के किनारे बसती है।
कांग्रेस को गांवों से जुड़ने की सलाह
अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी से अपील करते हुए कहा कि उसे यह समझना चाहिए कि देश की आवाज केवल शहरों में नहीं होती। कई इलाके हैं जहां कांग्रेस की पहुंच नहीं है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में लोगों से सीधे जुड़ना जरूरी है। शाह के अनुसार केवल मीडिया इवेंट आयोजित करने से काम नहीं चलता। जनता का विश्वास पाने के लिए जमीनी स्तर पर काम करना पड़ता है।
बिहार, यूपी और तमिलनाडु का जिक्र
गृह मंत्री ने कांग्रेस पर हमला करते हुए बिहार, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु का भी नाम लिया। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में जनता ने दशकों तक कांग्रेस को नकारा और चुनावों में हराया है। शाह ने इन राज्यों का उदाहरण देकर कांग्रेस की स्थिति पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि इन जगहों पर कांग्रेस की पकड़ कमजोर रही है।
राजनीतिक संदर्भ और विपक्ष का प्रदर्शन
शाह का यह बयान उस समय आया जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को वापस लेने की मांग को लेकर विपक्षी दल प्रदर्शन कर रहे हैं। राहुल गांधी समेत INDIA गठबंधन के कई नेताओं ने इस मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग को घेरा है। शाह के बयान को इसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
अमित शाह के इन बयानों से सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ा है। कांग्रेस की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गृह मंत्री का जोर जमीनी जुड़ाव पर है जबकि विपक्ष अपनी मांगों को लेकर सक्रिय है। आने वाले दिनों में इस बयान का राजनीतिक असर दिख सकता है। जनता के बीच कांग्रेस और भाजपा दोनों अपनी बात पहुंचाने की कोशिश में लगे हैं। शाह के शब्दों से साफ है कि वे कांग्रेस की मौजूदा रणनीति को नाकाफी मानते हैं। इस पूरे मामले में दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम नजर आ रहे हैं। आगे की राजनीतिक गतिविधियों से तय होगा कि यह बहस कहां तक जाती है।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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