Bihar Flood: बिहार में मॉनसून के दौरान आई बाढ़ ने अब सिर्फ खेत-खलिहान और घर-बार ही नहीं, बल्कि स्कूल जाने वाले बच्चों की पढ़ाई को भी बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ का पानी स्कूल परिसरों और आने-जाने वाली मुख्य सड़कों में घुसने से सैकड़ों सरकारी स्कूल बंद पड़े हैं। कहीं 15 दिनों से ज्यादा समय से पढ़ाई ठप है तो कहीं छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूलों को अस्थायी तौर पर बंद करना पड़ा है। कोसी, गंडक, गंगा, बागमती, सोन और घाघरा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से हर साल दोहराई जाने वाली यह स्थिति इस बार भी हजारों बच्चों के शैक्षणिक सत्र को पीछे धकेल रही है।
Bihar Flood: खगड़िया में हफ्तों से बंद हैं स्कूल
बाढ़ प्रभावित खगड़िया जिले में स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले 15 दिनों से ज्यादा समय से स्कूल बंद पड़े हैं, जिसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। पहले से पिछड़ा हुआ सिलेबस बाढ़ के कारण और अधिक प्रभावित हुआ है। शिक्षकों का भी कहना है कि जब स्कूल परिसर में पानी घुस जाता है, तो छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल बंद करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचता।
पटना और आसपास के इलाकों में भी हालात गंभीर
राजधानी पटना के मनेर प्रखंड में नदी किनारे बसे इलाकों में करीब 41 स्कूल बाढ़ की वजह से बंद हैं, जबकि मोकामा में सात और दानापुर व फतुहा में करीब एक दर्जन स्कूलों में ताला लगा हुआ है। पटना से महज 20 से 25 किलोमीटर दूर राघोपुर में भी बाढ़ का पानी कई स्कूलों में घुस चुका है, जहां पिछले सप्ताह से पढ़ाई ठप पड़ी है। जमालपुर के गांवों में भी स्कूल परिसरों के साथ-साथ सड़कों पर भी खतरनाक स्तर तक पानी भर गया है, जिसके चलते वहां के स्कूल औपचारिक या अनौपचारिक रूप से बंद कर दिए गए हैं।
भोजपुर, भागलपुर और समस्तीपुर में सैकड़ों स्कूल प्रभावित
भोजपुर जिले में प्रशासन ने सात प्रखंडों में बाढ़ से प्रभावित 187 स्कूलों की पहचान की है, जहां छात्रों का दाखिला पास के सुरक्षित स्कूलों में कराने के निर्देश दिए गए हैं। भागलपुर के नवगछिया प्रखंड में कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से 26 स्कूलों में पढ़ाई बाधित हुई है। वहीं समस्तीपुर में गंगा नदी के उफान के चलते 45 स्कूलों में शिक्षण कार्य पूरी तरह ठप हो गया है।
सारण, पश्चिमी चंपारण और बेगूसराय भी बाढ़ की चपेट में
सारण जिले के दिघवारा प्रखंड में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद कई स्कूल पानी में डूब गए हैं। पश्चिमी चंपारण के योगापट्टी प्रखंड स्थित सिसवा गांव का एक मिडिल स्कूल तो 15 जुलाई से ही बंद पड़ा है, क्योंकि परिसर में बाढ़ का पानी भर गया था। पिछले महीने बेगूसराय जिले में भी 80 से अधिक स्कूल बंद करने पड़े थे, जहां मुख्य रास्तों में पानी भरने से एक सप्ताह से ज्यादा समय तक पढ़ाई बाधित रही।
Bihar Flood: प्रशासन के पास है स्कूल बंद करने का अधिकार
हर साल आने वाली बाढ़ को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन नियमों के तहत जिलाधिकारियों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद करने का अधिकार दिया है। जरूरत पड़ने पर शिक्षकों और छात्रों के आवागमन के लिए नावों की व्यवस्था करने का निर्देश भी दिया गया है। बिहार के 12 जिलों में करीब 27 लाख लोग इस बाढ़ से प्रभावित हैं और अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। गंगा, कोसी और गंडक सहित पुनपुन, सोन और दरधा जैसी सहायक नदियां भी कई जगह खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
कुल मिलाकर बिहार में इस साल की बाढ़ ने राज्य के शैक्षणिक ढांचे पर गहरा असर डाला है। प्राइमरी से लेकर हाई स्कूल तक हजारों बच्चे लगातार अपनी पढ़ाई से दूर हो रहे हैं, जिससे उनका शैक्षणिक सत्र बुरी तरह पिछड़ता जा रहा है। दर्जनों गांव जलमग्न होने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने के बीच बच्चों की शिक्षा को पटरी पर लाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। नदियों का जलस्तर स्थिर होने और बाढ़ का पानी उतरने के बाद ही स्कूलों के दोबारा सामान्य रूप से खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
Read More Here:-
CG News: छत्तीसगढ़ बना देश का इकलौता टिन उत्पादक राज्य, लिथियम खदान से 50 साल में 4 लाख करोड़ राजस्व
JTET 2026: अब सीसीटीवी युक्त स्कूल-कॉलेजों में ही होगी परीक्षा, 4.40 लाख परीक्षार्थी होंगे शामिल
Bihar Politics: क्या नीतीश के कहने पर बने थे सम्राट चौधरी सीएम? खुद मुख्यमंत्री ने तोड़ी चुप्पी
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

