Bihar News: बिहार के सहरसा जिले में पिछले 5 साल से एक पुल अधूरा पड़ा है, जिसके कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। इस पुल का एप्रोच पथ (सड़क से जोड़ने वाला रास्ता) नहीं बनने से लोग बारिश के मौसम में नाव से नदी पार करने को मजबूर हैं। यह खबर सहरसा के गांवों और छोटे कस्बों में रहने वाले लोगों के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि यह उनकी रोजमर्रा की मुश्किलों से जुड़ी है।
अधूरा पुल, परेशान लोग
सहरसा के सलखुआ प्रखंड में गोरदह कोसी बांध से सिमरी बख्तियारपुर को जोड़ने वाला यह पुल 5 साल पहले बनना शुरू हुआ था, लेकिन अब तक पूरा नहीं हुआ। एप्रोच पथ न होने के कारण लोग इस पुल का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से लोग नाव से जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं। इससे स्कूल, अस्पताल और बाजार जाने में दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार ने काम अधूरा छोड़ दिया, और प्रशासन इसकी सुध नहीं ले रहा।
बिहार में पुलों की स्थिति
सहरसा में यह कोई नई समस्या नहीं है। हाल ही में पतरघट में एक पुराना पुल ओवरलोड ट्रैक्टर के कारण ढह गया था। बिहार के कई जिलों, जैसे अररिया और मधेपुरा, में भी चचरी पुल बारिश में बह गए हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बिहार के 46,099 पुलों का ऑडिट हुआ, जिसमें 8,685 पुल खतरनाक पाए गए। सहरसा के इस अधूरे पुल ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
Bihar News: लोगों की मांग और समाधान
स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार जल्द से जल्द इस पुल का काम पूरा करे। ग्रामीणों का कहना है कि अधूरा पुल उनकी जिंदगी को मुश्किल बना रहा है। बारिश में नाव से नदी पार करना खतरनाक है, और कई बार हादसे हो चुके हैं। पथ निर्माण विभाग ने कहा कि वे इस मामले की जांच कर रहे हैं और जल्द काम शुरू करने की योजना है।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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