शनिवार को प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने व्यापक कार्रवाई की थी। मुंबई से दिल्ली पहुंचने वाले विमान के अंदर ही तीनों नेताओं को हिरासत में लिया गया था। इसके अलावा यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके घर से और कई विपक्षी नेताओं को भी एहतियातन हिरासत में लिया गया था। रविवार को स्थिति सामान्य होने के संकेत मिले, हालांकि सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी रही।
CJP Protest Live: CJP प्रदर्शन क्यों हो रहा है और इसकी मुख्य मांग क्या है?
कॉकरोच जनता पार्टी ने चुनावी नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए गए या छेड़छाड़ की गई। CJP ने इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया है और जंतर-मंतर पर मार्च का आह्वान किया था। शनिवार को निर्धारित कार्यक्रम सुबह दस बजे शुरू होना था, लेकिन पुलिस की कार्रवाई के कारण अधिकांश प्रदर्शनकारी स्थल तक नहीं पहुंच पाए। पार्टी ने पहले से रिकॉर्ड किया गया वीडियो जारी कर अजिंक्य शिंदे को आंदोलन की अगुवाई सौंपी थी। रविवार को भी मुंबई की टीम ने शिवाजी पार्क के पास शाम चार बजे प्रदर्शन का आह्वान किया।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, शनिवार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश-निकास प्रतिबंधित रहे और 245 से अधिक ट्रेनें रद्द की गईं। रविवार से रेल सेवाएं बहाल हो गईं, लेकिन जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल और आंसू गैस की गाड़ियां तैनात रहीं।
अभिजीत दीपके समेत तीन नेताओं को क्यों हिरासत में लिया गया और कैसे रिहा हुए?
दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को बीएनएसएस की धारा 126 और 170 के तहत एहतियातन हिरासत में लिया था। तीनों मुंबई से दिल्ली पहुंचे विमान के अंदर ही पकड़े गए। दीपके ने विमान से ही वीडियो पोस्ट कर अपनी हिरासत की जानकारी दी थी। रविवार सुबह उन्हें दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। तीनों ने एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार के लिए पचास हजार रुपये का जमानती मुचलका भरा। इसके बाद अदालत ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।
पुलिस का कहना है कि अगर मुचलके की शर्तों का उल्लंघन होता है तो जमानत की रकम जब्त हो सकती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि वे प्रदर्शन नहीं कर सकते। रिहाई के बाद तीनों ने मीडिया से बात नहीं की। CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कार के अंदर से बताया कि दोपहर दो बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। ध्रुव राठी को भी रविवार सुबह करीब तीन बजे रिहा कर दिया गया। वे शनिवार को घर से हिरासत में लिए गए थे।
सुप्रीम कोर्ट में क्या सुनवाई हो रही है?
रविवार को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहन की विशेष बेंच दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। पहली याचिका वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने दायर की है। इसमें 9 अक्टूबर के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं करने के आरोप में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार और डीएमआरसी चेयरपर्सन के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई है। दूसरी याचिका राज्यसभा सांसद मेनका गुरुस्वामी ने दायर की है। इसमें विपक्षी नेताओं की एहतियातन हिरासत को चुनौती दी गई है। याचिका में कहा गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के मौलिक अधिकार को दबाने के लिए एहतियातन हिरासत का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, खासकर उन नेताओं के मामले में जो पहले मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
सुनवाई के दौरान कोर्टरूम नंबर 18 से कार्यवाही कोर्टरूम नंबर 5 में शिफ्ट की गई। वकीलों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। कुछ वकीलों ने पुलिस द्वारा मारपीट का आरोप लगाया। जस्टिस बागची ने कहा कि उनके सामने दो मामले हैं, लेकिन कुछ वकील अनलिस्टेड मामलों का जिक्र करना चाहते हैं।
शनिवार को कितने लोग हिरासत में लिए गए और किन नेताओं पर कार्रवाई हुई?
दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान करीब तीन हजार लोगों को हिरासत में लिया गया। बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास अकेले साठ से अधिक प्रदर्शनकारियों को पकड़ा गया। ममता बनर्जी समेत दो अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों को भी हिरासत में लिया गया। अरविंद केजरीवाल को उनके घर के बाहर से हिरासत में लिया गया। कई वामपंथी नेताओं को भी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। पुलिस ने प्रदर्शन की कोशिश के मामले में बीस से अधिक एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों पर हमले की धाराएं शामिल हैं।
रविवार सुबह जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई। प्रदर्शन स्थल की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई। पुलिस ने आंसू गैस की गाड़ियां तैनात कीं और कुछ लोगों को हटाया भी। IGI एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई थी।
आगे क्या हो सकता है और CJP का अगला कदम क्या है?
रिहाई के बाद CJP ने दोपहर दो बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस का ऐलान किया। मुंबई टीम ने शाम चार बजे शिवाजी पार्क के पास विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। पार्टी का रुख साफ है कि आंदोलन जारी रहेगा। अदालत में भरे मुचलके के बावजूद नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार बना रहेगा। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई का नतीजा भी आगे की दिशा तय करेगा। दिल्ली पुलिस ने साफ कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
रविवार को रेल सेवाएं बहाल होने और मेट्रो स्टेशनों पर प्रतिबंध हटने के बावजूद जंतर-मंतर इलाके में सतर्कता बनी हुई है। CJP ने पहले दिन की घटनाओं को लोकतंत्र पर हमला करार दिया है, जबकि पुलिस का पक्ष है कि अनुमति के बिना प्रदर्शन की कोशिश को रोका गया। दोनों पक्षों के बयान और अदालती प्रक्रिया आने वाले दिनों में इस आंदोलन की दिशा तय करेंगे।
Read More Here:-
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

