Cooking Tips: खाना बनाना अपने आप में एक कला है, लेकिन जब कोई नया-नया कुकिंग की दुनिया में कदम रखता है, तो जाने-अनजाने कई ऐसी छोटी-छोटी गलतियां हो जाती हैं जो पूरे स्वाद को बिगाड़ कर रख देती हैं। त्योहारों का सीजन हो या घर में कोई खास मौका, हर कोई चाहता है कि उसकी बनाई गई डिश की तारीफ सभी करें, लेकिन जरा सी लापरवाही सब कुछ खराब कर सकती है। मामला कुछ इस तरह से है कि लोग अक्सर सोचते हैं कि खाना पकाना सिर्फ सामग्री को मिलाना है, जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट होती है। आखिर वे कौन सी आम कुकिंग मिस्टेक्स हैं जो आपके अच्छे-भले खाने का टेस्ट पलभर में फीका कर देती हैं, इसके बारे में हर नौसिखिए रसोइया को जरूर पता होना चाहिए।
जानकारों का मानना है कि कुकिंग में समय, तापमान और मसालों का सही संतुलन ही किसी भी रेसिपी को बेहतरीन बनाता है। यदि आप भी पहली बार किचन में हाथ आजमा रहे हैं या फिर अक्सर आपकी बनाई सब्जियां और दालें उतनी स्वादिष्ट नहीं बन पाती हैं, तो आपको अपनी इन छोटी-छोटी आदतों पर गौर करने की जरूरत है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर वे कौन सी पांच बड़ी भूल हैं जिनसे हर बिगिनर्स को बचना चाहिए ताकि उनका खाना हमेशा परफेक्ट बने? आइए सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं उन जरूरी कुकिंग टिप्स और गलतियों के बारे में जो आपकी रसोई का पूरा गणित बदल सकती हैं।
Cooking Tips: चावल को जरूरत से ज्यादा देर तक पानी में भिगोकर रखना
चावल को पकाने से पहले भिगोना एक अच्छी आदत है क्योंकि इससे दाने खिले-खिले और आकार में दोगुने बनकर तैयार होते हैं। लेकिन कई लोग समय का ध्यान रखे बिना चावल को एक घंटे या उससे भी ज्यादा समय के लिए पानी में छोड़ देते हैं। ऐसा करने से चावल जरूरत से ज्यादा गल जाते हैं और पकने के बाद एकदम चिपचिपे या स्टिकी से बन जाते हैं, जो खाने में बिल्कुल भी अच्छे नहीं लगते। चावलों को हमेशा ज्यादा से ज्यादा आधे घंटे तक ही पानी में भिगोना चाहिए ताकि उनकी बनावट सही बनी रहे।
जब आप इस छोटी सी बात को नजरअंदाज करते हैं, तो आपकी बिरयानी या पुलाव का पूरा टेक्सचर खराब हो जाता है। इसलिए अगली बार जब भी आप चावल बनाएं, तो भिगोने के समय का विशेष ध्यान रखें ताकि आपके चावल हमेशा खिले-खिले और परफेक्टुक बनकर तैयार हों।
कटी हुई सब्जियों को प्लास्टिक बैग में लंबे समय तक स्टोर करना
भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर समय बचाने के लिए सब्जियों को पहले से ही काटकर प्लास्टिक बैग में भरकर रख देते हैं। भले ही यह तरीका आपको व्यस्त दिनों में थोड़ा आराम दे दे, लेकिन ऐसा करने से सब्जियों के सारे न्यूट्रिशन और उनकी नेचुरल फ्रेशनेस खत्म हो जाती है। सब्जियों का प्राकृतिक पानी सूख जाता है और खासतौर पर पानी वाली सब्जियां जैसे तोरई या लौकी बहुत जल्दी खराब होने लगती हैं। कई बार तो कटी हुई सब्जियां सड़ भी जाती हैं, जिन्हें बनाने पर न तो वह स्वाद मिलता है और न ही सेहत का लाभ।
यदि आपको सब्जियों को कुछ दिनों के लिए संभालकर रखना ही है, तो उन्हें प्लास्टिक में बंद करने के बजाय किसी सूखे कपड़े में लपेटकर रखना ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है। ताजा कटी हुई सब्जियां ही हमेशा खाने में बेहतरीन स्वाद और पौष्टिकता प्रदान करती हैं।
कुकर में सीटी आते ही फौरन गैस बंद करने की हड़बड़ी
दाल, राजमा या छोले जैसी चीजें जिन्हें पकने में थोड़ा लंबा समय लगता है, उन्हें बनाते वक्त लोग अक्सर बड़ी गलती कर बैठते हैं। जैसे ही कुकर की पहली या तय सीटी बजती है, लोग बिना एक पल गंवाए तुरंत गैस का चूल्हा बंद कर देते हैं। ऐसा करने से कई बार खाना अंदर से अधपका रह जाता है और मसालों का असली स्वाद उसमें नहीं आ पाता है। किसी भी चीज को कुकर में पकाते वक्त सीटियों के आने के बाद एक से दो मिनट का संयम रखना चाहिए और उसके बाद गैस की फ्लेम बंद करनी चाहिए।
इस छोटी सी सावधानी से कुकर के अंदर भाप का प्रेशर एकदम से बाहर नहीं निकलता और वह अंदर ही अंदर खाने को अच्छी तरह से गला देता है। जब आप इस नियम को अपनाते हैं, तो आपकी दाल और राजमा का स्वाद पूरी तरह से निखर कर सामने आता है।
सीधे गर्म तेल में गरम मसाला डाल देना
भारतीय रसोई में मसालों का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर किया जाता है, लेकिन कई लोग जल्दबाजी में सीधे खौलते हुए तेल में सूखा गरम मसाला डाल देते हैं। ऐसा करने से मसाला एक ही झटके में जल जाता है और न तो अपनी सही महक छोड़ पाता है और न ही अपना पूरा स्वाद दे पाता है। मसालों को हमेशा सही समय पर यानी जब प्याज और टमाटर पककर तेल छोड़ने लगें, तब डालना चाहिए।
यह एक ऐसा अप्रत्याशित और अहम मोड़ है जो आपके खाने के स्वाद को पूरी तरह बदल सकता है। जब मसाले अपनी सही स्टेज पर पकते हैं, तो वे अपनी बेहतरीन खुशबू से पूरे घर को महका देते हैं। इसलिए गरम तेल में सीधे मसाले झौंकने की अपनी इस पुरानी आदत को तुरंत बदल दीजिए।
Cooking Tips: कुकिंग के बीच में ठंडा या रूम टेंपरेचर का पानी डालना
खाना बनाते वक्त सबसे बड़ी गलती यह की जाती है कि जब ग्रेवी गाढ़ी होने लगे या पानी कम पड़े, तो उसमें सादा ठंडा पानी मिला दिया जाता है। यह कच्चा पानी आपकी सब्जी, दाल या छोले जैसी किसी भी स्वादिष्ट डिश का स्वाद एक पल में फीका कर देता है। रूम टेंपरेचर का पानी जब उबलते हुए मसालों और कड़ाही पर गिरता है, तो कुकिंग का पूरा तापमान अचानक नीचे गिर जाता है और पकने की प्रक्रिया रुक जाती है। इससे न केवल खाना देर से पकता है बल्कि स्वाद पर भी इसका बहुत बुरा असर पड़ता है।
हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए कि कुकिंग के दौरान जब भी जरूरत पड़े, हल्का उबला हुआ गर्म पानी ही इस्तेमाल करें। ऐसा करने से तापमान संतुलित रहता है और खाने का स्वाद भी कई गुना बढ़ जाता है।
यह समझना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है कि रसोई में काम करते वक्त छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना कितना ज्यादा जरूरी होता है। थोड़ी सी समझदारी और सही तरीकों को अपनाकर आप अपने साधारण खाने को भी किसी फाइव स्टार होटल जैसा स्वादिष्ट बना सकते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आप अपनी अगली कुकिंग में इन जरूरी टिप्स को कितनी जल्दी अमल में लाते हैं।