Delhi Solar Subsidy 2026: राजधानी दिल्ली में अब आम लोगों के लिए मुफ्त बिजली हासिल करना पहले से कहीं ज्यादा आसान होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत दिल्ली सरकार ने स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के अंतर्गत ‘दिल्ली पीएम सूर्य घर’ पंजीकरण पोर्टल की शुरुआत की, जिसका पता solar.delhi.gov.in रखा गया है। इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए राजधानी के करीब 2.30 लाख परिवारों को मुफ्त रूफटॉप सोलर पैनल उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से दिल्ली आने वाले समय में देश की ‘सोलर कैपिटल’ के रूप में अपनी पहचान बना सकेगी। पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के सिद्धांत पर आधारित रखी गई है, जिससे प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जा सके।
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देंगी संयुक्त सब्सिडी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पोर्टल लॉन्च के दौरान स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को दोहरे स्तर पर आर्थिक सहायता मिलेगी। केंद्र सरकार की ओर से 3 किलोवॉट तक के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर 78,000 रुपये तक की सब्सिडी पहले से दी जा रही है। इसी कड़ी में दिल्ली सरकार ने भी बराबर राशि, यानी 78,000 रुपये की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी देने का फैसला किया है। इस तरह दोनों सरकारों की सब्सिडी जोड़ने पर उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर 1.56 लाख रुपये तक की संयुक्त आर्थिक मदद मिल सकेगी। खास बात यह है कि जिन परिवारों की औसत मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक है, वे बिना किसी प्रारंभिक खर्च के 3 किलोवॉट तक का सोलर सिस्टम अपने घर पर लगवा सकेंगे।
सोसायटियों के लिए बढ़ाई गई सब्सिडी राशि
पीएम सूर्य घर योजना का दायरा केवल अकेले मकानों तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसमें ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों को भी शामिल किया गया है। सोसायटियों के कॉमन एरिया में सोलर पैनल लगाने के लिए पहले जहां 2,000 रुपये प्रति किलोवॉट की सब्सिडी दी जाती थी, उसे अब बढ़ाकर 11,000 रुपये प्रति किलोवॉट कर दिया गया है। यह बदलाव सोसायटियों में रहने वाले लोगों के लिए सोलर ऊर्जा को और आकर्षक विकल्प बना सकता है। इसके साथ ही जगह की कमी झेल रहे छोटे घरों को ध्यान में रखते हुए 2 किलोवॉट तक के सोलर सिस्टम पर भी खास जोर दिया जा रहा है, ताकि समाज के हर वर्ग तक इस योजना का लाभ पहुंच सके।
कम बिजली खपत वालों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन
योजना की एक और खास बात यह है कि इसमें कम बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को भी प्रोत्साहित करने की व्यवस्था रखी गई है। जिन परिवारों की मासिक बिजली खपत 0 से 200 यूनिट के बीच है, उनके लिए अतिरिक्त बिजली बचाने पर विशेष वित्तीय प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। इसका मकसद न सिर्फ लोगों को सोलर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करना है, बल्कि बिजली की बचत करने की आदत को भी बढ़ावा देना है। इस तरह की व्यवस्था दिल्ली को पर्यावरण के अनुकूल और ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर शहर बनाने की दिशा में एक ठोस पहल मानी जा रही है।
पंजीकरण प्रक्रिया रहेगी सरल और डिजिटल
दिल्ली सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को आम लोगों के लिए जितना संभव हो उतना आसान बनाने की कोशिश की है। पोर्टल पर पंजीकरण के लिए उपभोक्ताओं को केवल अपना सीए यानी कंज्यूमर अकाउंट नंबर दर्ज करना होगा, जिसके बाद आगे की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जा सकेगी। इससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने और कागजी कार्रवाई में उलझने से राहत मिलेगी। पंजीकरण ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर हो रहा है, इसलिए जो उपभोक्ता जल्दी आवेदन करेंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर योजना का लाभ मिलने की संभावना ज्यादा रहेगी।
पांच साल तक वेंडर संभालेगा रखरखाव
सोलर सिस्टम लगवाने के बाद उपभोक्ताओं को उसके रखरखाव को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं होगी। योजना के तहत शुरुआती पांच वर्षों तक सोलर सिस्टम के संचालन और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी संबंधित वेंडर की होगी। इसका सीधा फायदा यह होगा कि आम उपभोक्ताओं को तकनीकी दिक्कतों या खराबी की स्थिति में खुद परेशान नहीं होना पड़ेगा, बल्कि इसकी जवाबदेही वेंडर कंपनी के पास रहेगी। इस व्यवस्था से लोगों का सोलर पैनल पर भरोसा और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि रखरखाव को लेकर पहले से ही स्पष्ट जिम्मेदारी तय कर दी गई है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया 25 साल तक मिलेगा फायदा
दिल्ली सरकार में ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने इस पहल को ऐतिहासिक करार दिया है। उनका कहना है कि इस योजना के माध्यम से दिल्लीवासियों को न केवल अगले 25 वर्षों तक मुफ्त बिजली मिलेगी, बल्कि इससे उनके लिए आय का एक नया स्रोत भी खुलेगा। दरअसल, सोलर पैनल से जरूरत से ज्यादा उत्पन्न होने वाली बिजली को ग्रिड में वापस भेजकर आर्थिक लाभ कमाया जा सकता है। इस तरह यह योजना न सिर्फ बिजली बिल घटाने का जरिया बनेगी, बल्कि दीर्घकालिक तौर पर परिवारों की आमदनी बढ़ाने में भी सहायक साबित हो सकती है।
दिल्ली को सोलर कैपिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली सरकार की यह पहल केवल बिजली बिल कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे व्यापक सोच पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की भी है। बड़ी संख्या में परिवारों के रूफटॉप सोलर पैनल अपनाने से न केवल पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता घटेगी, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में दिल्ली देश के अन्य राज्यों के लिए सौर ऊर्जा अपनाने का एक मॉडल राज्य बनकर उभरे। इसके साथ ही राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े को बढ़ाने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने जैसी पहलों से भी यह स्पष्ट होता है कि सरकार स्वच्छ ऊर्जा के मोर्चे पर एक साथ कई दिशाओं में काम कर रही है।
कुल मिलाकर पीएम सूर्य घर योजना के तहत लॉन्च किया गया यह नया पोर्टल दिल्ली के लाखों परिवारों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त सब्सिडी से बिना किसी शुरुआती खर्च के सोलर पैनल लगवाने का रास्ता अब पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। सोसायटियों, छोटे घरों और कम बिजली खपत वाले परिवारों को ध्यान में रखकर बनाई गई यह योजना समाज के हर तबके तक पहुंचने की कोशिश करती दिख रही है। अगर पंजीकरण प्रक्रिया और वेंडर आधारित रखरखाव व्यवस्था सुचारू रूप से चलती है, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली वाकई सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश की अगुवाई करती नजर आ सकती है।
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Sanjana Gupta
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