Health News: देश में सिर और गले के कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, खासकर युवाओं में। ग्लोबोकॉन की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, साल 2040 तक भारत में करीब 21 लाख युवा इस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। यह खबर चिंताजनक है, लेकिन सही जानकारी और सावधानी से इस खतरे को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसके लक्षण, कारण और बचाव के आसान तरीके।
सिर और गले के कैंसर के लक्षण
सिर और गले का कैंसर मुंह, गले, नाक, या साइनस में हो सकता है। इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है, क्योंकि समय पर इलाज से जान बच सकती है। कुछ आम लक्षण हैं:
मुंह में छाले: अगर मुंह में छाला या घाव 2-3 हफ्तों तक ठीक न हो।
गले में दर्द: लगातार गले में दर्द या खराश जो ठीक न हो।
गांठ या सूजन: गर्दन या जबड़े में गांठ जो दर्द न करे।
निगलने में तकलीफ: खाना निगलने में दिक्कत या आवाज में बदलाव।
मुंह से बदबू: बार-बार मुंह से बदबू आना।
कैंसर के कारण और जोखिम
सिर और गले का कैंसर होने का सबसे बड़ा कारण है तंबाकू और शराब का सेवन। गुटखा, पान मसाला, सिगरेट और शराब इस बीमारी के खतरे को कई गुना बढ़ा देते हैं। इसके अलावा, खराब खानपान, तनाव और एचपीवी वायरस भी कारण हो सकते हैं। युवाओं में तंबाकू का शुरुआती इस्तेमाल इस बीमारी को बढ़ावा दे रहा है।
बचाव के आसान उपाय
तंबाकू और शराब छोड़ें: सिगरेट, गुटखा और शराब से पूरी तरह दूरी बनाएं।
स्वस्थ खानपान: हरी सब्जियां और फल खाएं, जो कैंसर के खतरे को कम करते हैं।
नियमित जांच: हर 6 महीने में दांतों और गले की जांच करवाएं।
एचपीवी वैक्सीन: खासकर युवाओं को एचपीवी वैक्सीन लेने की सलाह दी जाती है।
मुंह की सफाई: रोजाना ब्रश करें और मुंह की सफाई रखें।
समय पर जागरूकता जरूरी
डॉक्टरों का कहना है कि अगर शुरुआती लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। देरी से बीमारी गंभीर हो सकती है। सिर और गले का कैंसर इलाज योग्य है, बशर्ते समय पर पता चल जाए। जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर आप इस बीमारी से बच सकते हैं।
Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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