High Protein Foods for Women: 30 साल की उम्र पार करते ही महिलाओं के शरीर में कुछ ऐसे बदलाव शुरू हो जाते हैं, जिन पर अक्सर किसी का ध्यान ही नहीं जाता। मसल्स धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगते हैं, हड्डियों में पहले जैसी मजबूती नहीं रहती और हार्मोनल उतार-चढ़ाव भी परेशान करने लगते हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर इन बदलावों की असली वजह क्या है, और क्या इन्हें सही डाइट के जरिए रोका जा सकता है? फिटनेस एक्सपर्ट्स की मानें तो इसका जवाब हमारी रोजमर्रा की थाली में ही छिपा है।
फिटनेस एक्सपर्ट श्वेतांबरी शेट्टी के मुताबिक भारतीय खानपान में कार्ब्स की मात्रा तो भरपूर होती है, लेकिन प्रोटीन की कमी अक्सर बनी रहती है। यही असंतुलन उम्र बढ़ने के साथ शरीर पर भारी पड़ने लगता है। ऐसे में डाइट में हाई-प्रोटीन फूड्स को शामिल करना सिर्फ एक सुझाव नहीं, बल्कि जरूरत बन जाता है।
High Protein Foods for Women: क्यों जरूरी हो जाती है हाई प्रोटीन डाइट
श्वेतांबरी शेट्टी के अनुसार 30 साल की उम्र के बाद हर दशक में महिलाओं के शरीर में करीब 3 से 8 प्रतिशत तक मसल्स मास घटने लगता है। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे चलती रहती है, लेकिन मेनोपॉज के बाद इसकी रफ्तार अचानक तेज हो जाती है। इसके पीछे की वजह भी दिलचस्प है, असल में एस्ट्रोजन हार्मोन मांसपेशियों की रक्षा करने का काम करता है, लेकिन मेनोपॉज के बाद शरीर में इसका स्तर काफी गिर जाता है। यही वह मोड़ है जहां से मसल्स लॉस अचानक तेज हो जाता है, और यही वजह है कि इस उम्र के बाद डाइट में बदलाव करना जरूरी हो जाता है। अगर इस दौरान महिलाएं अपनी डाइट में हाई प्रोटीन फूड्स को शामिल करें, तो मांसपेशियों को मजबूत रखा जा सकता है, हड्डियों का घनत्व बचाया जा सकता है और वजन व मेटाबॉलिज्म को भी नियंत्रण में रखा जा सकता है।
पनीर बन सकता है सबसे आसान विकल्प
जो महिलाएं शाकाहारी हैं, उनके लिए पनीर प्रोटीन का एक शानदार और आसान स्रोत माना जाता है। यह सिर्फ प्रोटीन ही नहीं, बल्कि कैल्शियम से भी भरपूर होता है, जो हड्डियों की सेहत के लिए उतना ही जरूरी है। जानकार बताते हैं कि 100 ग्राम पनीर में करीब 18 ग्राम तक प्रोटीन मौजूद रहता है। रोजाना की डाइट में पनीर को शामिल करना खासतौर पर शाकाहारी महिलाओं के लिए प्रोटीन की कमी पूरी करने का सबसे सरल तरीका माना जाता है।
कुछ महिलाओं को डेयरी प्रोडक्ट्स से एलर्जी होती है, तो कुछ वीगन लाइफस्टाइल अपनाती हैं। ऐसी महिलाओं के लिए टोफू एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यह सोयाबीन के दूध से तैयार किया जाने वाला प्लांट बेस्ड फूड है, जो प्रोटीन की कमी को पूरा करने में मदद करता है। मामला कुछ इस तरह से है कि टोफू न सिर्फ प्रोटीन देता है, बल्कि उन महिलाओं के लिए भी सुरक्षित विकल्प बनता है, जिन्हें दूध से बनी चीजें सूट नहीं करतीं।
अंडा और सोयाबीन भी हैं प्रोटीन के बेहतरीन स्रोत
अंडे को हमेशा से एक सुपरफूड माना जाता रहा है, और प्रोटीन के मामले में यह वाकई खरा उतरता है। एक अंडे में लगभग 6 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, यानी दिन में दो अंडे खाने से करीब 12 ग्राम प्रोटीन आसानी से मिल जाता है। इसके अलावा अंडे के पीले हिस्से में विटामिन डी भी मौजूद होता है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए अलग से फायदेमंद है। वहीं जो महिलाएं अंडा नहीं खातीं, उनके लिए सोयाबीन एक बेहतरीन विकल्प बन सकता है। शाकाहारी फूड्स में सोयाबीन को सबसे ज्यादा प्रोटीन वाला माना जाता है, और रोजाना करीब तीस ग्राम सोयाबीन का सेवन प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में मददगार साबित हो सकता है।
भारतीय रसोई में दाल, चना, छोले और राजमा जैसी चीजें रोज इस्तेमाल होती हैं, लेकिन इनके पोषण मूल्य को अक्सर कम आंका जाता है। असल में इन सभी में भरपूर मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है। रोजाना एक कटोरी पकी हुई दाल खाने से शरीर को करीब 11 से 15 ग्राम तक प्लांट प्रोटीन मिल सकता है, जो मांसपेशियों की मजबूती के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। देखने पर लगता है कि दालें उन महिलाओं के लिए भी आसान विकल्प हैं, जो रोजाना अलग से प्रोटीन सप्लीमेंट लेना पसंद नहीं करतीं।
High Protein Foods for Women: उम्र के साथ बढ़ती सतर्कता की जरूरत
30 की उम्र पार करने के बाद शरीर में होने वाले बदलाव अक्सर धीरे-धीरे सामने आते हैं, इसलिए इन्हें नजरअंदाज करना आसान लगता है। लेकिन अगर समय रहते डाइट में सुधार न किया जाए, तो आगे चलकर मसल्स कमजोरी और हड्डियों से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। यही वजह है कि फिटनेस एक्सपर्ट्स बार-बार यही सलाह देते हैं कि रोजमर्रा के खाने में प्रोटीन की मात्रा को लेकर जागरूक रहना जरूरी है, न कि सिर्फ बीमारी आने के बाद इस पर ध्यान देना।
कुल मिलाकर देखा जाए तो 30 की उम्र के बाद महिलाओं के लिए हाई प्रोटीन डाइट कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक जरूरत बन जाती है। पनीर, टोफू, अंडा, सोयाबीन और दालों जैसे आसानी से मिलने वाले फूड्स के जरिए इस जरूरत को घर बैठे ही पूरा किया जा सकता है। मसल्स मास घटने और हड्डियों के कमजोर होने की प्रक्रिया को पूरी तरह रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन सही खानपान से इसे काफी हद तक धीमा जरूर किया जा सकता है। बेहतर यही होगा कि डाइट में कोई भी बड़ा बदलाव करने से पहले एक बार डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह जरूर ली जाए, ताकि यह बदलाव शरीर के अनुकूल और सुरक्षित रहे।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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