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MP News : प्रेमी-प्रेमिका के झगड़े से खुला एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक घोटाला, छह गिरफ्तार

MP News : महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी एमपीएससी की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में बड़ा पेपर लीक घोटाला सामने आया है। मुंबई क्राइम ब्रांच ने एमपीएससी के तीन अधिकारियों समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे मामले का खुलासा एक प्रेमी-प्रेमिका के बीच हुए विवाद और ब्रेकअप के बाद हुआ। परीक्षार्थी ऋतुजा पाटिल के पिता ने कोचिंग संचालक से प्रश्नपत्र खरीदा था।

ऋतुजा ने इसे अपने प्रेमी गौरव पाटिल के साथ साझा किया। परीक्षा में ऋतुजा का चयन हो गया लेकिन गौरव फेल हो गया। दोनों के रिश्ते टूटने के बाद गौरव ने एमपीएससी को ईमेल के जरिए शिकायत भेज दी। जांच शुरू होने पर पूरा सिंडिकेट सामने आ गया। आयोग ने अब पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है और परीक्षा दोबारा कराई जाएगी।

MP News : कैसे सामने आया पूरा मामला

परीक्षार्थी ऋतुजा पाटिल के पिता अमृत पाटिल ने कोचिंग संचालक प्रवीण पाटिल से प्रश्नपत्र हासिल किया। ऋतुजा ने यह पेपर अपने प्रेमी गौरव पाटिल को भी दे दिया। परीक्षा में ऋतुजा सफल रही जबकि गौरव का चयन नहीं हो पाया। दोनों के बीच विवाद बढ़ा और रिश्ता टूट गया। इसके बाद गौरव ने एमपीएससी को ईमेल भेजकर पेपर लीक की शिकायत कर दी। शिकायत वापस लेने की कोशिश के बावजूद जांच आगे बढ़ी और सिंडिकेट का पर्दाफाश हो गया।

किन-किन लोगों को किया गया गिरफ्तार

मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एमपीएससी के अवर सचिव अभिजीत लेंडवे, सहायक कक्ष अधिकारी गोपाल मराठे और विश्वेश्वर नकाते शामिल हैं। कोचिंग संचालक प्रवीण पाटिल को कथित मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है। परीक्षार्थी ऋतुजा के पिता अमृत पाटिल और सिंडिकेट से जुड़े एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है। तीन अधिकारियों की गिरफ्तारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

MP News : परीक्षा से पहले मिली थीं शिकायतें

ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा के आयोजन को लेकर आयोग को 22 से 26 जुलाई के बीच कई ईमेल शिकायतें मिली थीं। कुछ अभ्यर्थियों और जनप्रतिनिधियों ने दावा किया था कि कुछ उम्मीदवारों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र या प्रश्न मिल गए थे। इन शिकायतों के बाद जांच में पता चला कि प्रश्नों से जुड़ी सामग्री इंटरनेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर भी उपलब्ध हो गई थी। इन शिकायतों ने जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा।

भर्ती प्रक्रिया रद्द, दोबारा होगी परीक्षा

एमपीएससी ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती की पूरी प्रक्रिया रद्द कर दी है। परीक्षा अब दोबारा आयोजित की जाएगी। पहले आवेदन कर चुके उम्मीदवारों को दोबारा आवेदन करने या अतिरिक्त फीस जमा करने की जरूरत नहीं होगी। नई परीक्षा की तारीख आयोग बाद में घोषित करेगा। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को राहत मिली है जिन्होंने मेहनत से तैयारी की थी लेकिन घोटाले की वजह से प्रक्रिया प्रभावित हुई।

MP News : पेपर लीक सिंडिकेट कैसे काम करता था

जांच में सामने आया कि कोचिंग संचालक और आयोग के कुछ अधिकारियों के बीच साठगांठ थी। प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले ही चुनिंदा लोगों तक पहुंचाने का नेटवर्क सक्रिय था। पैसे लेकर पेपर बेचने का आरोप लगा है। प्रेमी-प्रेमिका के बीच निजी विवाद ने इस पूरे नेटवर्क को उजागर कर दिया। ऐसे मामलों में निजी झगड़े कभी-कभी बड़े घोटालों का सबूत बन जाते हैं।

अभ्यर्थियों और व्यवस्था पर असर

इस घोटाले ने महाराष्ट्र की भर्ती व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई मेहनती अभ्यर्थी ऐसे मामलों की वजह से निराश होते हैं। पेपर लीक जैसी घटनाएं परीक्षा की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती हैं। आयोग अब सख्ती बरतते हुए नई परीक्षा की तैयारी करेगा। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है।

MP News : जांच एजेंसियों की भूमिका महत्वपूर्ण

मुंबई क्राइम ब्रांच की त्वरित कार्रवाई से सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ। ईमेल शिकायत के आधार पर जांच शुरू हुई और सबूत जुटाए गए। अधिकारियों समेत कई लोगों की गिरफ्तारी ने संकेत दिया है कि व्यवस्था के अंदर भी गड़बड़ी थी। ऐसे मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी घटनाएं न हों।

एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक का बड़ा घोटाला प्रेमी-प्रेमिका के ब्रेकअप के बाद सामने आया। मुंबई क्राइम ब्रांच ने तीन अधिकारियों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया। प्रश्नपत्र खरीदने और बांटने का नेटवर्क सक्रिय था। आयोग ने पूरी भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है और परीक्षा दोबारा कराई जाएगी। पुराने आवेदकों को दोबारा आवेदन या फीस की जरूरत नहीं होगी। इस घटना ने भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। जांच आगे बढ़ रही है और आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया चलेगी। मेहनती अभ्यर्थियों के हित में पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना अब जरूरी हो गया है।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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