Janmashtami 2026 Rare Planetary Yog: भाद्रपद कृष्ण अष्टमी पर मनाई जाने वाली जन्माष्टमी इस वर्ष 4 सितंबर 2026 शुक्रवार को देशभर में मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रीकृष्ण का जन्म अष्टमी, रोहिणी नक्षत्र और निशीथ काल में हुआ था। इस बार तिथि और नक्षत्र का संयोग बन रहा है। ज्योतिष गणना में कुछ ग्रहों की स्थिति अनुकूल बताई गई है। यह मान्यता है, निश्चित फल नहीं। निशीथ पूजा का मुहूर्त रात 11:56 से अगले दिन 12:41 तक बताया गया है। मध्यरात्रि करीब 12:18 बजे जन्म का मुख्य क्षण माना गया है।
Janmashtami 2026 Rare Planetary Yog: अष्टमी तिथि कब से कब तक रहेगी
अष्टमी 4 सितंबर की रात 2:25 बजे से शुरू होकर 5 सितंबर की रात 12:13 बजे तक रहने की बात कही गई है। पंचांग घर-घर थोड़ा भिन्न हो सकता है। व्रत और पूजा स्थानीय पंचांग से मिलाकर तय करें।
रोहिणी नक्षत्र का समय
रोहिणी 4 सितंबर की रात 12:29 बजे से रात 11:04 बजे तक रहेगा। अष्टमी के साथ यह संयोग पर्व को धार्मिक दृष्टि से खास माना जा रहा है। नक्षत्र और तिथि दोनों एक ही रात में पड़ना मान्यता में महत्वपूर्ण है।
निशीथ पूजा का मुहूर्त कितना है
पंचांग विवरण के अनुसार पूजा 4 सितंबर रात 11:56 बजे से 5 सितंबर रात 12:41 बजे तक है। अवधि करीब 46 मिनट बताई गई है। इसी अंतराल में लड्डू गोपाल का अभिषेक और जन्मोत्सव मनाने की परंपरा है।
Janmashtami 2026 Rare Planetary Yog: जन्म का मुख्य क्षण कब माना गया
मध्यरात्रि करीब 12:18 बजे श्रीकृष्ण जन्म का मुख्य क्षण माना गया है। व्रत रखने वाले परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार 5 सितंबर को सूर्योदय के बाद पारण कर सकते हैं। मंदिर का समय घर से अलग हो सकता है।
ग्रह स्थिति ज्योतिष में क्या कही गई
चंद्रमा वृषभ राशि में, गुरु कर्क में और सूर्य सिंह राशि में स्थित बताए जा रहे हैं। शुक्र तुला राशि में रहने की बात है। मंगल और शुक्र से नवपंचम योग बनने का उल्लेख है। ये ज्योतिष गणना हैं। इन्हें निश्चित भविष्य न मानें।
मथुरा-वृंदावन में क्या आयोजन होगा
मथुरा में मध्यरात्रि पर भव्य जन्मोत्सव बताया गया है। वृंदावन के प्रमुख मंदिरों में महाभिषेक, विशेष पूजा और दर्शन का आयोजन होगा। 5 सितंबर को नंदोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह रहने की बात कही गई है। भीड़ और सुरक्षा के नियम मंदिर प्रशासन तय करेगा।
Janmashtami 2026 Rare Planetary Yog: वृषभ राशि के लिए क्या संकेत दिए गए
ज्योतिष मान्यता में वृषभ को मानसिक शांति, धन-धान्य में वृद्धि और स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव के संकेत बताए गए हैं। यह विश्वास है। खर्च और सेहत के फैसले सामान्य समझ से लें।
कर्क और कन्या पर क्या कहा गया
कर्क के लिए करियर में प्रगति, आत्मविश्वास और अचानक धन लाभ के अवसर बन सकते हैं, ऐसा उल्लेख है। कन्या के लिए कारोबार में बड़ी डील और रुके कार्य पूरे होने से आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना कही गई है। गारंटी नहीं है।
Janmashtami 2026 Rare Planetary Yog: धनु राशि की मान्यता
धनु के लिए धार्मिक यात्रा के योग, वैवाहिक जीवन में मधुरता और संतान पक्ष से शुभ समाचार का उल्लेख है। यात्रा और परिवार के निर्णय अपनी स्थिति देखकर करें। ज्योतिष भविष्यवाणी निश्चित घटना नहीं है।
जन्माष्टमी 2026 शुक्रवार 4 सितंबर को मनाई जाएगी। अष्टमी 4 सितंबर रात 2:25 से 5 सितंबर रात 12:13 तक और रोहिणी उसी रात 12:29 से 11:04 तक बताया गया है। निशीथ पूजा 11:56 से 12:41 तक करीब 46 मिनट है। मुख्य क्षण करीब 12:18 माना गया है। पारण 5 सितंबर सूर्योदय के बाद स्थानीय पंचांग से करें। मथुरा-वृंदावन में जन्मोत्सव और नंदोत्सव होगा। चार राशियों के संकेत ज्योतिष मान्यता हैं, निश्चित फल नहीं।
News Desk Declaration / Disclaimer
घोषणा: इस खबर में दी गई पूजा तिथि, मुहूर्त और धार्मिक नियम पंचांग एवं प्रचलित धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। पूजा के मुहूर्त में शहर और स्थान के अनुसार कुछ अंतर हो सकता है। पाठकों से अनुरोध है कि पूजा-अनुष्ठान से जुड़ी किसी भी विशेष जानकारी के लिए अपने स्थानीय पंचांग या विद्वान आचार्य से पुष्टि करें। News Media Kiran किसी धार्मिक मान्यता को व्यक्तिगत या वैज्ञानिक सलाह के रूप में प्रस्तुत नहीं करता।
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