Jhalawar Govt School: झालावाड़ के सरकारी स्कूल की छत गिरने से 5 बच्चों की मौत, कई गंभीर घायल
झालावाड़ के पीपलोदी सरकारी स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान छत ढहने से 5 बच्चों की मौत, बचाव कार्य जारी, सरकार ने की जांच की घोषणा।

Jhalawar Govt School: आज सुबह राजस्थान के झालावाड़ जिले में एक दुखद घटना घटी। मनोहरथाना ब्लॉक के पीपलोदी गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल की छत अचानक ढह गई। इस हादसे में 5 बच्चों की मौत हो गई, जबकि कई छात्र और शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना सुबह करीब 7:30 बजे तब हुई, जब स्कूल में प्रार्थना सभा चल रही थी। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
Jhalawar Govt School: प्रार्थना सभा के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीपलोदी के सरकारी स्कूल में सुबह की प्रार्थना सभा के समय बच्चे उपस्थित थे। अचानक स्कूल की पुरानी और जर्जर छत का एक हिस्सा जोरदार आवाज के साथ ढह गया। इस दौरान वहां 30 से ज्यादा छात्र-छात्राएं और शिक्षक मौजूद थे। छत गिरने से कई बच्चे और एक शिक्षक मलबे में दब गए। हादसे के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में फंसे बच्चों को बाहर निकालने की कोशिश की।
बचाव कार्य और मेडिकल सहायता
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। घायल बच्चों और शिक्षकों को तुरंत मनोहरथाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल लोगों को झालावाड़ के बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया। चिकित्सा विभाग ने अब तक पांच बच्चों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों में पायल (14 वर्ष), प्रियंका (14 वर्ष), कार्तिक (8 वर्ष), और हरीश (8 वर्ष) शामिल हैं।
सरकार का रुख और जांच के आदेश
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने घायल बच्चों के लिए उचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने घोषणा की कि इस घटना की गहन जांच होगी ताकि छत गिरने के कारणों का पता लगाया जा सके। स्थानीय निवासियों का दावा है कि स्कूल भवन लंबे समय से जर्जर हालत में था और इसकी मरम्मत के लिए कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
क्या है आगे की स्थिति?
फिलहाल, बचाव कार्य जारी है, और मलबे में फंसे अन्य लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने घायलों और मृतकों की सूची जारी की है। इस हादसे ने सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की गहन जांच का आश्वासन दिया है।