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Jharkhand Crime News: जामताड़ा साइबर घोटाला बेनकाब, असम से ट्रेन से लाए जाते थे नकली सिम-एटीएम कार्ड, 2500 रुपये में बिकते, ठग ने किए चौंकाने वाले खुलासे

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Jharkhand Crime News: झारखंड के जामताड़ा में साइबर क्राइम की बड़ी कार्रवाई हुई, पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जो असम से नकली सिम कार्ड और एटीएम कार्ड ट्रेन से लाकर बेचता था। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह इन नकली सामानों को 1500 से 2500 रुपये के बीच बेचता था। यह गिरफ्तारी जामताड़ा को साइबर ठगों का गढ़ बनाने वाली गिरोहों पर लगाम लगाने का बड़ा कदम है। एसपी राजकुमार मेठा ने इसे साइबर अपराध के खिलाफ सफल अभियान बताया।

यह मामला तब सामने आया जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली। आरोपी असम से नकली सिम और एटीएम कार्ड लोडकर ट्रेन से जामताड़ा पहुंचा। वह इन्हें साइबर ठगों को सप्लाई करता था, जो फर्जी कॉल और ट्रांजेक्शन से लोगों को ठगते थे। गिरोह का नेटवर्क पश्चिम बंगाल और दूसरे राज्यों तक फैला हुआ था। आरोपी ने कबूला कि वह कभी-कभी फ्लाइट से जाता था, लेकिन कार्ड लाने के लिए ट्रेन का इस्तेमाल करता ताकि चेकिंग से बचे। पुलिस ने तुरंत छापेमारी की और उसे पकड़ लिया।

गिरफ्तारी और जब्त सामान का पूरा ब्योरा

गिरफ्तारी बड़ियापुर-कलझरिया रोड पर हुई। आरोपी के पास से 377 नकली सिम कार्ड, कई मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, इंडिगो फ्लाइट टिकट और दूसरे दस्तावेज बरामद हुए। ये सामान साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल होते थे। आरोपी ने बताया कि असम में एक गिरोह नकली सिम बनाता है, जो वह ट्रेन से लाकर बेचता था। एक सिम की कीमत 1500 से 2500 रुपये तक होती थी, जबकि एटीएम कार्ड भी इसी रेट पर बिकते थे।

एसपी राजकुमार मेठा ने कहा कि यह गिरोह लोगों के बैंक खातों को खाली करने का काम करता था। आरोपी की पूछताछ से दूसरे सदस्यों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने साफ चेतावनी दी कि साइबर ठगों को बख्शा नहीं जाएगा।

साइबर ठगी का नेटवर्क कैसे काम करता था?

आरोपी ने खुलासा किया कि असम से नकली सिम कार्ड ट्रेन से लाए जाते थे। ये सिम फर्जी नाम और पते पर रजिस्टर्ड होते थे। ठग इन्हें इस्तेमाल कर फोन पर फिशिंग कॉल करते, लोगों को लिंक भेजते और पैसे उड़ा लेते। एटीएम कार्ड भी नकली होते थे, जो फर्जी ट्रांजेक्शन के लिए यूज होते। गिरोह का कनेक्शन पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों से था। आरोपी ने कहा कि वह महीने में कई बार सफर करता था।

आगे की कार्रवाई

आरोपी को रिमांड पर लिया गया है। पुलिस दूसरे सदस्यों को पकड़ने के लिए छापे मार रही है। यह कार्रवाई साइबर क्राइम पर लगाम लगाएगी। जामताड़ा अब ठगों का अड्डा नहीं बनेगा।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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