Jharkhand Cyclone Alert: बंगाल की खाड़ी में विकसित हुए चक्रवाती तूफान अर्नब का प्रभाव अब झारखंड में साफ दिखाई देने लगा है। बुधवार से राज्य के विभिन्न हिस्सों में घने बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही। गुरुवार सुबह से राजधानी रांची समेत कई जिलों में लगातार हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग के अनुसार यह असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। निम्न दबाव के क्षेत्र से उत्पन्न हुए इस सिस्टम ने आंध्र प्रदेश और यनम के तटीय इलाकों को प्रभावित करने के बाद धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए झारखंड तक अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
राज्य में कई जगहों पर अधिकतम तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण दिन का मौसम अचानक बदल गया है। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग ने संबंधित जिलों में अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अर्नब चक्रवात का झारखंड पर कितना व्यापक असर पड़ रहा है?
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद के मुताबिक 29 अक्टूबर को अर्नब का व्यापक प्रभाव राज्य पर पड़ने की संभावना है। गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा जिलों में भारी बारिश के साथ वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रांची, खूंटी, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम में भी भारी बारिश, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है, जिसके लिए येलो अलर्ट लागू है।
अंडमान सागर से उठकर 23 अक्टूबर को बंगाल की खाड़ी पहुंची हवाओं से यह सिस्टम बना था। 26 अक्टूबर को निम्न दबाव के क्षेत्र से भीषण चक्रवाती तूफान अर्नब विकसित हुआ, जिसने बुधवार सुबह 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंध्र प्रदेश और यनम के तट को प्रभावित किया। अब यह कमजोर होते हुए झारखंड की ओर बढ़ा है। राजधानी रांची में सुबह से ही बारिश हो रही है, जिससे सड़कों पर पानी जमा होने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है।
अब तक कितनी बारिश हुई और तापमान में क्या बदलाव आया?
अब तक रांची में चार मिलीमीटर, लातेहार में आठ मिलीमीटर, जमशेदपुर में नौ मिलीमीटर, मेदिनीनगर में दो मिलीमीटर, चाईबासा में 13 मिलीमीटर और बोकारो में दो मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। बारिश के कारण लगभग सभी जिलों में अधिकतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। रांची का तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस गिर गया है। जमशेदपुर और मेदिनीनगर में 4.4 डिग्री, बोकारो में 3.4 डिग्री तथा चाईबासा में 3.8 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज हुई है।
इस गिरावट से दिन का मौसम ठंडा हो गया है। लोग अचानक बदले मौसम से परेशान हैं। खेतों में खड़ी फसलों और सब्जियों पर भी बारिश का असर पड़ सकता है। कई इलाकों में लोग घरों से कम निकल रहे हैं और बारिश के कारण दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार आने वाले घंटों में और बारिश हो सकती है, खासकर उन जिलों में जहां अलर्ट जारी है।
मौसम विभाग ने आगे के दिनों के लिए क्या पूर्वानुमान जारी किया है?
मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में एक और सिस्टम का निर्माण हो रहा है। इसके प्रभाव से 30 अक्टूबर को राज्य के लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश और वज्रपात की संभावना है। इस दिन के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 31 अक्टूबर को आकाश में बादल छाए रहेंगे और राज्य में कहीं-कहीं हल्की वर्षा हो सकती है।
एक नवंबर से अर्नब का असर धीरे-धीरे कमजोर पड़ने की उम्मीद है। बादल छंटने शुरू होंगे और बारिश की तीव्रता घट जाएगी। पूरी तरह साफ मौसम की उम्मीद तीन नवंबर से जताई जा रही है। तब तक लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। विभाग ने किसानों और आम नागरिकों से मौसम अपडेट पर नजर रखने को कहा है।
लोगों को किन सावधानियों का ध्यान रखना चाहिए?
ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले जिलों में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। तेज हवाओं और वज्रपात के कारण खुले मैदानों में रहने से बचना चाहिए। बिजली के तारों के पास नहीं जाना और पेड़ों के नीचे खड़े न होना बेहतर है। बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है, इसलिए वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के उपाय करें। यदि भारी बारिश होती है तो जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें। स्कूलों और कार्यालयों में भी मौसम को ध्यान में रखकर निर्णय लिए जा सकते हैं। मौसम विभाग नियमित रूप से अपडेट जारी कर रहा है। स्थानीय प्रशासन से संपर्क में रहना और आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है।
अर्नब के कमजोर होने के बाद मौसम कब सामान्य होगा?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अर्नब का प्रभाव एक नवंबर से कमजोर पड़ना शुरू होगा। बादल धीरे-धीरे छंटेंगे और बारिश की संभावना घट जाएगी। तीन नवंबर से मौसम पूरी तरह साफ होने की संभावना जताई गई है। तब तापमान भी सामान्य स्तर की ओर लौट सकता है। फिलहाल ठंड का अहसास बना रहेगा क्योंकि बारिश के बाद हवाएं ठंडी हो गई हैं।
यह सिस्टम झारखंड के लिए अचानक आया बदलाव है। कई इलाकों में लोग लंबे समय से शुष्क मौसम के आदी थे। बारिश से जलस्तर और भूजल पर सकारात्मक असर पड़ सकता है, लेकिन फिलहाल सतर्कता ही सबसे जरूरी है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार अगले 48 से 72 घंटे महत्वपूर्ण रहेंगे। लोग सोशल मीडिया या आधिकारिक चैनलों से अपडेट लेते रहें और अनावश्यक जोखिम न लें।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन भी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। यदि कहीं भारी बारिश से समस्या बढ़ती है तो राहत और बचाव की तैयारी पहले से की जा रही है। आम जनता से अपील है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। अर्नब का यह प्रभाव जल्द ही कमजोर होगा और तीन नवंबर के आसपास सामान्य मौसम लौट आने की उम्मीद है।
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Sanjana Gupta
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