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Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट ने वाहनों में प्रेशर हॉर्न और फ्लैग रॉड पर लगाया बैन, जानें वजह

झारखंड हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा के लिए प्रेशर हॉर्न, फ्लैग रॉड पर प्रतिबंध लगाया।

Jharkhand News:  झारखंड उच्च न्यायालय ने एक अहम निर्णय में वाहनों में प्रेशर हॉर्न, मल्टी-टोन हॉर्न और फ्लैग रॉड के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्देश राज्य में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और सड़क सुरक्षा संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखकर जारी किया गया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को सख्त निर्देश दिए हैं कि वह इस नियम का पालन सुनिश्चित करे। यह खबर उन लोगों के लिए खास है जो रोज़मर्रा की जिंदगी में वाहनों के तेज़ हॉर्न की आवाज़ से परेशान हैं।

क्यों लिया गया यह फैसला?

हाईकोर्ट ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि प्रेशर हॉर्न और मल्टी-टोन हॉर्न से होने वाला तेज़ शोर न केवल लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा था, बल्कि यह सड़क दुर्घटनाओं को भी बढ़ावा दे रहा था। तेज़ आवाज़ से ड्राइवरों का ध्यान भटकता है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, फ्लैग रॉड और अतिरिक्त लाइट्स का इस्तेमाल वाहनों को आकर्षक बनाने के लिए किया जा रहा था, लेकिन यह सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है। कोर्ट ने माना कि ये चीजें दूसरों के लिए खतरा पैदा करती हैं।

कोर्ट के निर्देश और सरकार की जिम्मेदारी

झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि वह सभी वाहनों की जांच करे और प्रेशर हॉर्न, मल्टी-टोन हॉर्न, फ्लैग रॉड और गैर-कानूनी लाइट्स को तुरंत हटाए। पुलिस और परिवहन विभाग को इस नियम को लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। कोर्ट ने यह भी कहा कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस फैसले से न केवल शोर प्रदूषण कम होगा, बल्कि सड़कों पर सुरक्षा भी बढ़ेगी।

आम लोगों पर क्या होगा असर?

यह फैसला आम लोगों के लिए राहत की खबर है। खासकर छोटे शहरों और गांवों में रहने वाले लोग, जो तेज़ हॉर्न की आवाज़ से परेशान रहते हैं, अब चैन की सांस ले सकेंगे। इसके अलावा, सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है। यह नियम न केवल ड्राइवरों को सावधान रहने के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि पर्यावरण को भी स्वच्छ और शांत बनाएगा।

आगे क्या?

झारखंड सरकार ने इस आदेश को लागू करने के लिए तुरंत कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। परिवहन विभाग जल्द ही अभियान चलाकर वाहनों की जांच करेगा। लोगों से अपील की गई है कि वे इस नियम का पालन करें और अपने वाहनों से प्रेशर हॉर्न और फ्लैग रॉड हटाएं। यह कदम न केवल कानून का पालन है, बल्कि समाज के लिए एक जिम्मेदारी भी है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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