Kal Ka Mausam 27 October: चक्रवात अर्नब का खतरा, कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट
By Sanjna Gupta | News Media Kiran
प्रकाशित: · 5 मिनट में पढ़ें
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26 अक्टूबर 2026
Kal Ka Mausam 27 October
Kal Ka Mausam 27 October: मानसून की विदाई के बाद अब बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती सिस्टम मौसम का मिजाज बदलने की तैयारी में है। मौसम विभाग (IMD) के पूर्वानुमान पर आधारित रिपोर्ट्स के मुताबिक मंगलवार, 27 अक्टूबर को देश के कई हिस्सों में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी हुई है। सबसे ज्यादा असर पूर्वी तटीय राज्यों में दिखने का अनुमान है, जबकि उत्तर भारत में भी मौसम करवट ले सकता है।
अलर्ट वाले राज्यों की संख्या और हवा की रफ्तार को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स में थोड़ा फर्क है। इसलिए बाहर निकलने या यात्रा की योजना बनाने से पहले अपने जिले का ताजा बुलेटिन देख लेना समझदारी है। नीचे सवाल-जवाब के रूप में पूरी तस्वीर दी गई है।
Kal Ka Mausam 27 October: चक्रवात अर्नब कहां से गुजरेगा और कितना खतरनाक हो सकता है?
रिपोर्ट्स के अनुसार पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना सिस्टम तेज होकर गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। अनुमान है कि यह आंध्र प्रदेश के बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के पास तट को पार करेगा। उस समय इसकी हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, और झोंकों में यह 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है।
तेज हवा से कच्चे मकानों, बिजली के खंभों और पेड़ों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। इसलिए तटीय इलाकों में प्रशासन आमतौर पर पहले से तैयारी शुरू कर देता है। मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सलाह भी दी जाती है।
27 अक्टूबर को किन राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट है?
रेफरेंस रिपोर्ट के मुताबिक बारिश और आंधी की चेतावनी का दायरा काफी बड़ा है। इसमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, झारखंड, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, असम, सिक्किम, मेघालय, त्रिपुरा, केरल, तमिलनाडु और अरुणाचल प्रदेश शामिल बताए गए हैं।
हालांकि हर राज्य में असर एक जैसा नहीं होगा। ओडिशा, आंध्र प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में चक्रवात का सीधा प्रभाव ज्यादा रहने की संभावना है। उत्तर और मध्य भारत में मुख्य रूप से बादल, बौछारें और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में कुछ जगह भूस्खलन का जोखिम और ऊंचाई पर बर्फबारी की संभावना भी जताई गई है।
दिल्ली और उत्तर भारत में कल मौसम कैसा रहेगा?
दिल्ली में कल बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा के झोंके चलने का अनुमान है। अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम करीब 17 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। बारिश के चलते सुबह-शाम के ट्रैफिक में सुस्ती और कुछ निचले इलाकों में जलभराव हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, मथुरा, झांसी, कानपुर, गोरखपुर और प्रयागराज समेत कई जिलों के लिए चेतावनी बताई गई है। लखनऊ का अधिकतम तापमान लगभग 32 और न्यूनतम लगभग 20 डिग्री रह सकता है। उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर के ऊपरी इलाकों में रात का तापमान काफी नीचे जा सकता है। इसलिए पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोग मौसम और सड़क की स्थिति देखकर ही निकलें।
बिहार, झारखंड, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में कितना असर दिखेगा?
बिहार में पटना, गया, भागलपुर, दरभंगा, पूर्णिया और आसपास के जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की हवा के साथ बारिश की आशंका जताई गई है। झारखंड में रांची, जमशेदपुर, धनबाद और हजारीबाग जैसे शहरों के लिए करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी की चेतावनी है।
ओडिशा के गजपति, गंजाम, मलकानगिरी, कोरापुट और रायगढ़ा जिलों में 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा के साथ भारी बारिश का अनुमान है। आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम, काकीनाडा, कृष्णा, गुंटूर, बापटला और पूर्वी गोदावरी में हवा की गति करीब 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित होने और खड़ी फसलों को नुकसान की आशंका भी जताई गई है।
तूफान और बारिश के दौरान क्या सावधानियां बरतें?
पहली बात, अफवाहों से बचें और सिर्फ IMD या राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की सूचनाओं पर भरोसा करें। तेज हवा के दौरान कमजोर ढांचे, होर्डिंग, पेड़ और बिजली के तारों से दूर रहें। मोबाइल, पावर बैंक और जरूरी दवाइयां पहले से तैयार रखें। किसान कटी हुई फसल को सुरक्षित जगह पर रखें और खेतों से पानी निकासी का इंतजाम करें।
यात्रा करने वाले लोग ट्रेन और फ्लाइट की ताजा स्थिति जांच लें। तटीय इलाकों में रहने वाले लोग प्रशासन की निकासी या शिविर संबंधी सलाह को गंभीरता से लें। मछुआरों को अगले आदेश तक समुद्र में नहीं जाना चाहिए।
मौसम का रुख हर कुछ घंटों में बदल सकता है, इसलिए अपडेट पर नजर बनाए रखें। जैसे-जैसे IMD के नए बुलेटिन आते हैं, चक्रवात की दिशा और तीव्रता को लेकर तस्वीर और साफ होती जाएगी।
Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.
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