
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में निरमंड के कुर्पन खड्ड और बंजार की तीर्थन नदी में मंगलवार देर शाम बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। इस आपदा में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार के जानी नुकसान की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार, बंजार तीर्थन नदी में आई बाढ़ से बठाहड़ में चार काटेज और तीन से चार वाहन बह गए। वहीं, बागीपुल के गानवी में पुल टूट गया और कई दुकानों व मकानों को नुकसान पहुंचा। गानवी बस अड्डा पानी में डूब गया, जिससे छह से अधिक दुकानें और मकानों में रखा सामान पूरी तरह नष्ट हो गया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बाढ़ का कारण श्रीखंड महादेव की पहाड़ियों में बादल फटना है। इसके चलते कुर्पन खड्ड का जलस्तर अचानक बढ़ गया और प्रशासन को बागीपुल बाजार को खाली कराना पड़ा। राहत और बचाव कार्य के लिए टीमें मौके पर तैनात कर दी गई हैं।
बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने बताया कि दोगड़ा पुल भी बह गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि तीर्थन नदी के किनारे न जाएं। बठाहड़ से लेकर औट तक अलर्ट जारी किया गया है।
गौरतलब है कि पिछले साल 31 जुलाई 2024 को भी इसी इलाके में बादल फटने से भारी तबाही हुई थी, जिसमें नौ लोग बह गए थे। अब जबकि लोग उस त्रासदी से पूरी तरह उबर भी नहीं पाए थे, कुर्पन खड्ड एक बार फिर रौद्र रूप दिखा रही है।
उपायुक्त कुल्लू तोरूल एस. रवीश ने बताया कि भीमडवारी से बागीपुल तक का इलाका खाली करवाया गया है। बंजार में नदी किनारे मकानों को भी खाली कराया गया है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि नदी-नालों से दूर रहें और बिना आवश्यक काम के घर से बाहर न निकलें। कुल्लू में अगले तीन दिनों तक अलर्ट जारी रहेगा।
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