https://whatsapp.com/channel/0029VajZKpiKWEKiaaMk4U3l
awarenessTrending
Trending

घाटशिला कॉलेज में हिरोशिमा दिवस

घाटशिला कॉलेज में हिरोशिमा दिवस

घाटशिला, 8अगस्त: घाटशिला कॉलेज के भौतिकी विभाग के द्वारा हिरोशिमा दिवस के अवसर पर एक विचारोत्तेजक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को युद्ध की भीषणता, परमाणु हथियारों की विनाशलीला और विज्ञान के मानवीय एवं कल्याणकारी उपयोग के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कॉलेज के प्राचार्य प्रो. पी.के. गुप्ता ने अपने भाषण में कहा कि युद्ध और हिंसा मानव सभ्यता के लिए अत्यंत विनाशकारी हैं। उन्होंने कहा कि “विज्ञान का मूल उद्देश्य मानवता की सेवा है, न कि उसके विनाश का माध्यम। छात्रों को चाहिए कि वे विज्ञान का प्रयोग समाज के उत्थान और शांति स्थापना के लिए करें।”

डॉ. कन्हाई बारिक, सहायक प्राध्यापक, भौतिकी विभाग, ने हिरोशिमा दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। उन्होंने विस्तार से बताया कि किस प्रकार द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम चरण में, जब जर्मनी पहले ही आत्मसमर्पण कर चुका था और जापान भी लगभग तैयार था, अमेरिका ने ‘मैनहट्टन प्रोजेक्ट’ के तहत बनाए गए परमाणु बमों को हिरोशिमा और नागासाकी पर गिरा दिया।

इन बम विस्फोटों में लाखों निर्दोष लोगों की जानें गईं और यह घटना आज भी मानवता के लिए एक काला अध्याय बनी हुई है। इस विभक्ति घटना का निंदा अल्बर्ट आइंस्टीन नील बोहर जैसे वैज्ञानिक किए थे । मैनहैटन प्रोजेक्ट के डायरेक्टर ओपनहैमर तो अपने आप को गुनहगार समझने लगे, उन्होंने कहा था मुझे लग रहा मेरे हाथ खून से सना है। वे अपने आप को एक घर के अंदर बंद कर लिए थे। वह कभी नहीं चाहते थे कि इस बम का इस्तेमाल युद्ध में हो।

डॉ. बारिक ने अपने संबोधन में समकालीन वैश्विक परिप्रेक्ष्य की भी चर्चा की और कहा कि “आज भी विश्व के अनेक हिस्सों में युद्ध जारी हैं, जो कि अधिकांशतः कुछ चुनिंदा पूंजीपतियों के हितों की रक्षा के लिए लड़े जा रहे हैं। इन युद्धों के कारण न केवल मानव जीवन संकट में है, बल्कि पर्यावरण पर भी गहरा दुष्प्रभाव पड़ रहा है। युद्धों से बढ़ता CO₂ उत्सर्जन ग्लोबल वार्मिंग जैसी गंभीर समस्या को और विकराल बना रहा है। अतः आज का दिन हमें यह सीख देता है कि हम भविष्य में कभी हिरोशिमा और नागासाकी जैसी त्रासदियों को दोहराने न दें।” आज भी विश्व के बहुत सारे वैज्ञानिक युद्ध और बम का विरोध कर रहे हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सभी छात्र-छात्राओं को एक संकल्प दिलाया गया।

शपथ का अंश:

“हम, घाटशिला कॉलेज के छात्र-छात्राएँ, यह शपथ लेते हैं कि—
हम हिरोशिमा और नागासाकी की त्रासदी को सदा स्मरण रखेंगे,
दुनिया में शांति, सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने का प्रयास करेंगे,
युद्ध, हिंसा और घृणा के हर रूप को अस्वीकार करेंगे,
ज्ञान और विज्ञान का उपयोग केवल मानवता के कल्याण के लिए करेंगे,
और एक ऐसा विश्व बनाने का संकल्प लेंगे जो परमाणु हथियारों और भय से मुक्त हो।

इस अवसर पर रसायन शास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद सज्जाद, वनस्पति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. संजय तिवारी, इंटरमीडिएट संकाय की शिक्षिकाएं श्रीमती मल्लिका शर्मा और श्री शाहिद इकबाल समेत सैकड़ों छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!