NEET MDS 2026 Cutoff: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने NEET MDS 2026 के लिए क्वालिफाइंग कटऑफ घटा दी है। 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए सभी तीन मुख्य कैटेगरी की क्वालिफाइंग परसेंटाइल को 20.576 अंक कम कर दिया गया है। इससे उन उम्मीदवारों को पोस्टग्रेजुएट डेंटल एडमिशन के लिए क्वालिफाई करने का अतिरिक्त मौका मिल गया है जो पहले तय न्यूनतम सीमा को पार नहीं कर पाए थे। यह फैसला जनरल, EWS, SC, ST, OBC और संबंधित श्रेणियों के दिव्यांग उम्मीदवारों पर लागू होगा।
NEET MDS 2026 की नई कटऑफ कितनी है?
संशोधित कटऑफ के अनुसार अनारक्षित और EWS कैटेगरी के लिए क्वालिफाइंग परसेंटाइल 50 से घटकर 29.424 हो गई है। नई कटऑफ स्कोर 234 (960 में से) निर्धारित की गई है। SC, ST और OBC कैटेगरी (इनमें शामिल दिव्यांग उम्मीदवारों सहित) के लिए परसेंटाइल 40 से घटकर 19.424 हो गई है और कटऑफ स्कोर 200 हो गया है। अनारक्षित श्रेणी के दिव्यांग उम्मीदवारों (UR-PwD) के लिए परसेंटाइल 45 से घटकर 24.424 हो गई है तथा नई कटऑफ 218 तय की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय का यह फैसला उन उम्मीदवारों को राहत देता है जो पुरानी सीमा के आसपास स्कोर कर चुके थे लेकिन क्वालिफाई नहीं हो पाए थे।
कटऑफ कम होने का मतलब क्या है?
क्वालिफाइंग परसेंटाइल वह न्यूनतम सीमा है जिसे उम्मीदवार को एडमिशन प्रक्रिया में शामिल होने के लिए पार करना होता है। इसे कम करने से पहले के मानदंडों के अनुसार क्वालिफाई न हो पाने वाले उम्मीदवार भी अब पात्र हो सकते हैं। हालांकि कटऑफ पार कर लेने से MDS सीट मिलने की कोई गारंटी नहीं है। एडमिशन मेरिट रैंक, उपलब्ध सीटों की संख्या, पात्रता शर्तों और काउंसलिंग के नियमों पर निर्भर करेगा। जिन उम्मीदवारों का स्कोर नई सीमा के ऊपर है वे अब काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के योग्य हो जाएंगे, लेकिन अंतिम चयन मेरिट लिस्ट के आधार पर ही होगा।
NEET MDS रैंक में कोई बदलाव होगा?
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने स्पष्ट किया है कि 2 जून को जारी रिजल्ट नोटिफिकेशन के साथ घोषित NEET-MDS 2026 की रैंक में कोई बदलाव नहीं होगा। मंत्रालय ने परीक्षा प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि वे कम क्वालिफाइंग परसेंटाइल के आधार पर संशोधित रिजल्ट जारी करें। मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) से कहा गया है कि वह इस पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करे। उम्मीदवारों को संशोधित रिजल्ट और काउंसलिंग से जुड़े अपडेट के लिए NBEMS की आधिकारिक वेबसाइट और MCC पोर्टल नियमित रूप से चेक करना चाहिए। उन्हें इन्फॉर्मेशन बुलेटिन में बताई गई पात्रता शर्तों को भी पूरा करना होगा।
किन उम्मीदवारों को फायदा होगा?
यह राहत उन सभी कैटेगरी के उम्मीदवारों को मिलेगी जो पहले की कटऑफ के आसपास स्कोर कर चुके थे। जनरल और EWS के साथ आरक्षित वर्ग और दिव्यांग उम्मीदवारों को भी समान रूप से लाभ होगा। खासकर उन छात्रों के लिए यह मौका महत्वपूर्ण है जो डेंटल पोस्टग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश के लिए लंबे समय से तैयारी कर रहे थे और पुरानी सीमा से थोड़ा पीछे रह गए थे। काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने के बाद मेरिट के अनुसार सीट आवंटन होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने दस्तावेज और पात्रता की जांच समय पर कर लें ताकि काउंसलिंग में कोई अड़चन न आए।
आगे क्या प्रक्रिया रहेगी?
NBEMS संशोधित रिजल्ट जारी करेगा जिसमें नई कटऑफ के आधार पर क्वालिफाइड उम्मीदवारों की सूची शामिल होगी। इसके बाद MCC काउंसलिंग शेड्यूल जारी करेगा और रजिस्ट्रेशन शुरू होगा। उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइटों पर अपडेट देखते रहना चाहिए क्योंकि समय-सीमा सीमित हो सकती है। कटऑफ में कमी से अधिक उम्मीदवार प्रक्रिया में शामिल होंगे, इसलिए प्रतिस्पर्धा मेरिट रैंक पर निर्भर रहेगी। जिन छात्रों ने पहले क्वालिफाई नहीं किया था उन्हें अब अपने स्कोर की दोबारा जांच करनी चाहिए और यदि नई सीमा पार होती है तो काउंसलिंग की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
NEET MDS 2026 की कटऑफ में कमी से कई उम्मीदवारों को पोस्टग्रेजुएट डेंटल एडमिशन का अतिरिक्त अवसर मिला है। रैंक अपरिवर्तित रहने और संशोधित रिजल्ट जारी होने के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उम्मीदवारों को आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखते हुए पात्रता पूरी करनी चाहिए।
Read More Here
- बच्चों के इंटरनेट इस्तेमाल पर Supreme Court की अहम टिप्पणी, कहा- यह उनका भी मौलिक अधिकार
- CG News: छत्तीसगढ़ में पूर्व अग्निवीरों को पुलिस समेत 3 विभागों में मौका, चयन और उम्र छूट पर बड़ा अपडेट
- ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग को लेकर गम्हरिया में जोरदार प्रदर्शन, जनप्रतिनिधियों ने जताया अतिक्रमण का डर
- नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी का बड़ा ऐलान, गरीब परिवारों को हर महीने 12 से 15 हजार रुपये की मदद का वादा
