Top 5 This Week

Related Posts

Nepal Flash Flood: नेपाल की मुश्किल घड़ी में साथ आई दुनिया, जानें कौन सा देश दे रहा कितनी मदद

Nepal Flash Flood: नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, और इस मुश्किल घड़ी में अब पूरी दुनिया उसके साथ खड़ी नजर आ रही है। भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई इस प्रलयंकारी बाढ़ से नेपाल का इंफ्रास्ट्रक्चर बुरी तरह तबाह हो गया है। सैकड़ों की तादाद में लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं। सड़कें, पुल और बड़ी-बड़ी इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गई हैं। ऐसे कठिन समय में भारत, चीन, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे कई देश मदद के लिए आगे आए हैं, लेकिन किस देश ने आखिर कितनी और किस तरह की मदद भेजी है, यह जानना दिलचस्प होगा।

नेपाल सरकार भी अपनी तरफ से राहत कार्यों में जुटी हुई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नेपाल के वित्त मंत्रालय के सह-सचिव घनश्याम उपाध्याय ने बताया कि सरकार के पास चालू वित्त वर्ष के बजट में आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए 20 अरब नेपाली रुपये का कोष पहले से मौजूद था। इसी कोष का इस्तेमाल अब बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, टेंट और दवाओं जैसी तत्काल राहत सामग्री खरीदने, हेलीकॉप्टर रेस्क्यू और मलबा हटाने के काम में किया जा रहा है।

Nepal Flash Flood: भारत ने भेजी 47.5 टन से ज्यादा राहत सामग्री

पड़ोसी देश होने के नाते भारत ने इस संकट में सबसे तेजी से कदम बढ़ाए हैं। अब तक भारत की ओर से 47.5 टन से अधिक मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री, यानी एचएडीआर सामग्री नेपाल भेजी जा चुकी है। इसके अलावा भारत ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में टूटे संपर्क मार्गों को दोबारा जोड़ने के लिए बेली ब्रिज और प्रीफैब ट्रस ब्रिज देने की भी पेशकश की है। भारत की एनडीआरएफ की कई टीमें जरूरी उपकरणों के साथ पहले से ही नेपाल में तैनात होकर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

चीन ने भेजी टनल रेस्क्यू एक्सपर्ट्स की टीम

Nepal Flash Flood
Nepal Flash Flood

भारत के साथ-साथ चीन भी इस आपदा में नेपाल की मदद के लिए आगे आया है। चीन ने टनल रेस्क्यू के लिए अपने विशेषज्ञों की एक टीम नेपाल भेजी है, ताकि भूमिगत सुरंगों में फंसे लोगों को बाहर निकाला जा सके। इसके साथ ही चीन ने नेपाल को नकद आर्थिक सहायता की भी पेशकश की है। यहां एक दिलचस्प पहलू यह भी है कि नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में भी इसी बाढ़ के चलते नुकसान पहुंचा है, इसलिए चीन दोनों तरफ के हालात को देखते हुए राहत सामग्री के साथ-साथ तकनीकी सहयोग भी मुहैया करा रहा है।

अमेरिका और ब्रिटेन ने की वित्तीय सहायता की घोषणा

इस आपदा में सिर्फ पड़ोसी देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के बड़े देश भी नेपाल की मदद के लिए सामने आए हैं। अमेरिका और ब्रिटेन, दोनों ने ही इस मुश्किल वक्त में नेपाल के लिए तत्काल वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और ब्रिटिश विदेश मंत्री ने मानवीय सहायता के साथ-साथ लापता नागरिकों की खोजबीन में भी हरसंभव सहयोग देने की इच्छा जताई है। जानकार बताते हैं कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी आपदा प्रबंधन में काफी अहम भूमिका निभाती है, खासकर तब जब लापता लोगों की तलाश और पहचान करनी हो।

ऑस्ट्रेलिया और साउथ कोरिया से मांगी गई खास मदद

इस पूरी राहत मुहिम में एक थोड़ा अलग और अप्रत्याशित पहलू भी सामने आया है। नेपाल सरकार ने ऑस्ट्रेलिया और साउथ कोरिया से डीएनए टेस्टिंग और फोरेंसिक जांच के विशेषज्ञों की मांग की है। इसके पीछे की वजह यह है कि आपदा में मारे गए कई लोगों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, और इसके लिए एडवांस फोरेंसिक तकनीक की जरूरत पड़ रही है। इसके अलावा जापान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे देशों ने भी नेपाल सरकार से सीधा संपर्क करके राहत सामग्री और जरूरी सामान भेजने की प्रतिबद्धता जताई है।

विश्व बैंक और एडीबी ने भी बढ़ाया मदद का हाथ

सिर्फ देश ही नहीं, बल्कि कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाएं भी इस त्रासदी से निपटने में नेपाल का साथ दे रही हैं। विश्व बैंक ने नेपाल के लिए एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की है, जिससे तत्काल राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में मदद मिलेगी। वहीं एशियन डेवलपमेंट बैंक यानी एडीबी ने नेपाल को दीर्घकालिक वित्तीय सहायता का प्रस्ताव दिया है। इस मदद का मकसद सिर्फ मौजूदा संकट से निपटना नहीं, बल्कि भविष्य में आने वाली किसी भी आपदा से बेहतर तरीके से निपटना, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाना और अर्ली-वार्निंग सिस्टम को और बेहतर करना भी है।

Nepal Flash Flood: आम लोगों के लिए क्यों मायने रखती है यह अंतरराष्ट्रीय एकजुटता

नेपाल जैसे छोटे और पहाड़ी देश के लिए इतनी बड़ी आपदा से अकेले निपटना आसान नहीं होता। ऐसे में जब भारत, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देश और विश्व बैंक, एडीबी जैसी संस्थाएं एक साथ मदद के लिए आगे आती हैं, तो इससे राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी आती है। भारत के लिए यह मदद इसलिए भी अहम है क्योंकि नेपाल से सीमा साझा करने वाले भारतीय राज्यों में भी बाढ़ का असर पहुंच सकता है, इसलिए नेपाल की मदद करना सीधे तौर पर भारत के अपने हित से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

कुल मिलाकर देखा जाए तो नेपाल की इस आपदा ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि मुश्किल वक्त में पड़ोसी और मित्र देश किस तरह एक-दूसरे का साथ निभाते हैं। भारत की तेज प्रतिक्रिया से लेकर चीन के तकनीकी सहयोग और अमेरिका-ब्रिटेन की वित्तीय मदद तक, हर देश अपने-अपने स्तर पर नेपाल को इस संकट से उबारने में जुटा है। साथ ही विश्व बैंक और एडीबी जैसी संस्थाएं दीर्घकालिक मदद के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही हैं कि भविष्य में नेपाल इस तरह की आपदाओं का बेहतर तरीके से सामना कर सके। अब सबकी नजर इस पर है कि राहत और पुनर्निर्माण का यह पूरा अभियान आने वाले दिनों में किस रफ्तार से आगे बढ़ता है।

Read More Here:- 

Uttarakhand Politics: उत्तराखंड शुद्धिकरण विवाद, राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में FIR दर्ज

Bihar Politics: तेज प्रताप बोले- ‘शेर का बेटा हूं, डरने वाला नहीं’, मंत्री संजय सिंह ने भेजा 50 करोड़ का मानहानि नोटिस

Odisha News: 17.22 करोड़ चिट फंड मामला: फरार आरोपी देबब्रत दत्ता सिलीगुड़ी से गिरफ्तार

Delhi Gangrape: दिल्ली में इंसानियत शर्मसार! चलती स्लीपर बस में 16 साल की छात्रा से गैंगरेप, 47 KM तक छिपी रही वारदात

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

Sanjna Gupta
Sanjna Guptahttp://newsmediakiran.com
Sanjana Gupta Hindi Content Writer | New Media Kiran Sanjana Gupta is a Hindi Content Writer at New Media Kiran, creating accurate, engaging, and reader-friendly news and web content for digital platforms. She specializes in well-researched Hindi articles that keep audiences informed and interested.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles