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Odisha News: 17.22 करोड़ चिट फंड मामला: फरार आरोपी देबब्रत दत्ता सिलीगुड़ी से गिरफ्तार

31 अगस्त 2026
Odisha News
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Odisha News: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने 17.22 करोड़ रुपये से अधिक के चिट फंड मामले में वर्षों से फरार चल रहे आरोपी देबब्रत दत्ता को गिरफ्तार कर लिया है। एजेंसी के अनुसार वे तब एम/एस डीएनबी फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के मालिक थे। उन पर दूसरों के साथ मिलकर जमाकर्ताओं से धन जुटाने और 17,22,39,453 रुपये के दुरुपयोग का आरोप है। मामला आरसी 10(एस)/2014-कोल के रूप में दर्ज है। इसमें भारतीय दंड संहिता के साथ पुरस्कार चिट और धन परिचालन योजना प्रतिबंध अधिनियम 1978 के प्रावधान लगाए गए। 28 अगस्त 2026 को उन्हें पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से हिरासत में लिया गया। अब ट्रांजिट रिमांड पर भुवनेश्वर की सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा।

Odisha News: गिरफ्तारी कहां और कब हुई

सीबीआई टीमों ने विशिष्ट सूचना पर सिलीगुड़ी में उनका पता लगाया। 28 अगस्त 2026 को उन्हें हिरासत में लिया गया। लंबे समय तक वे जांच से दूर बताए जाते रहे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें ओडिशा की अदालत ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई।

मामला किस कंपनी से जुड़ा बताया गया है

आरोप पत्र के अनुसार दत्ता उस समय डीएनबी फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के स्वामी थे। एजेंसी का आरोप है कि जमाकर्ताओं से धन इकट्ठा कर राशि का दुरुपयोग किया गया। यह अभियोजन पक्ष का दावा है। अदालत में दोष साबित होना बाकी है।

कितनी राशि का आरोप लगाया गया है

सीबीआई ने 17,22,39,453 रुपये के गबन का उल्लेख किया है। यही आंकड़ा 17.22 करोड़ रुपये के घोटाले के रूप में चर्चा में है। पीड़ितों की संख्या स्रोत में नहीं दी गई। राशि जमाकर्ताओं से जुटाए धन से जोड़ी गई है।

Odisha News: केस कब दर्ज हुआ और क्या कानून लगे

मामला साल 2014 में कोलकाता इकाई के तहत आरसी 10(एस)/2014-कोल के रूप में दर्ज हुआ। भारतीय दंड संहिता के साथ 1978 का चिट और मनी सर्कुलेशन प्रतिबंध कानून लगाया गया। जांच वित्तीय धोखाधड़ी की श्रेणी में चलाई गई। विवरण आरोप पत्र पर आधारित है।

आरोप पत्र और फरार घोषित कब हुए

26 दिसंबर 2022 को आरोप पत्र दाखिल किया गया। सहयोग न करने के कारण दत्ता को फरार घोषित किया गया। 5 अगस्त 2024 को गैर जमानती वारंट जारी हुआ। इसके बाद तलाश तेज रही। गिरफ्तारी में और समय लगा।

Odisha News: भुवनेश्वर अदालत में पेशी क्यों होगी

उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर भुवनेश्वर की सक्षम अदालत में ले जाया जा रहा है। मामला ओडिशा की अदालती प्रक्रिया से जुड़ा बताया गया है। पेशी के बाद अगली तारीख अदालत तय करेगी। रिमांड और जमानत संबंधी फैसला वहीं होगा।

मामला इतने वर्ष क्यों चला

घटनाक्रम एक दशक से अधिक पुराना है। आरोपी के फरार रहने से सुनवाई अधूरी रही। आरोप पत्र 2022 में आया, वारंट 2024 में। 2026 में गिरफ्तारी के बाद मुख्य आरोपी अदालत के सामने आएगा। लंबी अवधि वित्तीय मामलों में आम देखी जाती है।

Odisha News: जांच एजेंसी इसे क्यों महत्वपूर्ण मान रही है

सीबीआई ने कहा है कि गिरफ्तारी लंबे समय से चले मामले में बड़ा कदम है। एजेंसी का जोर उन अभियुक्तों पर है जो अनियमित धन योजनाओं से जनता का भरोसा तोड़ते हैं। यह एजेंसी का बयान है। अदालत बाद में गुण-दोष तय करेगी।

17.22 करोड़ रुपये के चिट फंड मामले में फरार बताए गए देबब्रत दत्ता को सीबीआई ने सिलीगुड़ी से गिरफ्तार कर लिया है। उन पर डीएनबी फूड प्रोसेसिंग से जुड़े जमाकर्ताओं के 17,22,39,453 रुपये के दुरुपयोग का आरोप है। मामला 2014 का है, आरोप पत्र 2022 में दाखिल हुआ और 2024 में गैर जमानती वारंट जारी हुआ। 28 अगस्त 2026 की गिरफ्तारी के बाद उन्हें भुवनेश्वर की अदालत में पेश किया जाएगा। आरोप अभी अभियोजन के स्तर पर हैं। आगे की तस्वीर अदालती कार्यवाही से तय होगी।

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Netsha Singh
Author: Netsha Singh

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कवरेज: Netsha Singh, News Media Kiran

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News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

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