सोमवार, 2 नवंबर 2026
लाइव देखें
हॉट टॉपिक्स
ब्रेकिंग

ओडिशा में दसवीं-बारहवीं के लिए एक बोर्ड बनेगा, बीएसई और सीएचएसई का होगा विलय

15 सितंबर 2026

Big Education Reform In Odisha: ओडिशा की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं के लिए अब एक ही बोर्ड बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। फिलहाल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी बीएसई दसवीं और काउंसिल ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन यानी सीएचएसई बारहवीं की परीक्षाएं चलाते हैं। स्कूल शिक्षा सचिव एन. तिरुमाला नायक ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर दोनों बोर्डों के स्थान पर एक व्यवस्था बनेगी। यह ढांचा केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की तर्ज पर होगा।

Big Education Reform In Odisha: मुख्यमंत्री के निर्देश पर एक बोर्ड का प्रस्ताव

सचिव के अनुसार दसवीं और बारहवीं के लिए एक बोर्ड बनाने का निर्देश मुख्यमंत्री की ओर से आया है। आने वाले दिनों में बीएसई और सीएचएसई अलग-अलग संस्थाओं के रूप में नहीं रहेंगे। दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं एक ही बोर्ड के अधीन होंगी। सरकार का मानना है कि इससे परीक्षा संचालन में एकरूपता आएगी। प्रक्रिया अभी कानून बनाने के चरण में है।

सीबीएसई मॉडल पर चलेगी नई व्यवस्था

प्रस्तावित व्यवस्था सीबीएसई की तरह होगी। जिस प्रकार सीबीएसई दसवीं और बारहवीं दोनों परीक्षाएं स्वयं संचालित करता है, उसी तरह ओडिशा में भी एक बोर्ड दोनों स्तर संभालेगा। पाठ्यक्रम बनाने और परीक्षा प्रबंधन में बड़ी अड़चन नहीं आने का दावा किया गया है। दो बोर्डों का काम एक जगह आने से समन्वय बढ़ने की उम्मीद है। छात्रों को एक ही प्रणाली से जोड़ने की तैयारी है।

ड्राफ्ट कानून तैयार कर रही सरकार

इस बदलाव को लागू करने के लिए सरकार ड्राफ्ट कानून बना रही है। कानून तैयार होने के बाद इसे आगे बढ़ाया जाएगा। बिना कानूनी प्रक्रिया के विलय संभव नहीं है। कार्यालय कहां होगा, इसका फैसला भी जल्द लिया जाएगा। विभाग प्रशासनिक ढांचे पर काम कर रहा है। अंतिम रूप आने के बाद ही समयसीमा साफ होगी।

Big Education Reform In Odisha: दसवीं का पाठ्यक्रम भी बदलेगा

नई व्यवस्था के साथ दसवीं का पाठ्यक्रम बदलने की बात कही गई है। दोनों बोर्डों के कार्य एक होने से पढ़ाई का ढांचा भी नए सिरे से देखा जाएगा। सरकार का जोर समन्वित पाठ्यक्रम पर है। छात्रों को एक स्तर से दूसरे स्तर तक सहज संक्रमण मिल सके, यही उद्देश्य बताया गया है। विस्तृत पाठ्यक्रम बाद में जारी होगा।

मुक्त विद्यालय में जुड़ेंगे संयुक्त पाठ्यक्रम

मुक्त विद्यालय में संयुक्त दो पाठ्यक्रम जोड़ने का प्रस्ताव है। अठारह वर्ष तक मुक्त विद्यालय में मुफ्त शिक्षा मिलने की बात कही गई है। इससे उन छात्रों को राहत मिल सकती है जो नियमित स्कूल से बाहर हैं। सरकार इसे शिक्षा पहुंच बढ़ाने वाला कदम बता रही है। नियम कानून बनने के बाद लागू होंगे।

प्रतियोगी परीक्षाओं पर अनावश्यक खर्च का जिक्र

सचिव ने कहा कि छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अनावश्यक खर्च कर रहे हैं। मुफ्त डिजिटल शिक्षा के लिए सीएचएसई को निर्देश दिया गया है। इस काम के लिए सीएचएसई को दस करोड़ रुपये दिए गए हैं। डिजिटल सामग्री से कोचिंग पर निर्भरता घटाने की कोशिश है। कितना असर पड़ता है, यह आगे के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

Big Education Reform In Odisha: ओडिया माध्यम में वाणिज्य और विज्ञान की पढ़ाई

बारहवीं में छात्र ओडिया माध्यम से वाणिज्य और विज्ञान पढ़ सकेंगे। सचिव का कहना है कि प्लस टू के दौरान छात्र दक्ष बनेंगे। बारहवीं के बाद रोजगार मिलने की उम्मीद जताई गई है। भाषा की सुविधा से ग्रामीण छात्रों को लाभ हो सकता है। यह हिस्सा भी नई शिक्षा व्यवस्था का अंग बनेगा।

ओडिशा में दसवीं और बारहवीं के लिए एक बोर्ड बनाने की तैयारी शिक्षा व्यवस्था का बड़ा फैसला है। बीएसई और सीएचएसई के स्थान पर सीबीएसई जैसी एक प्रणाली प्रस्तावित है। ड्राफ्ट कानून बन रहा है और कार्यालय स्थान का फैसला जल्द होगा। पाठ्यक्रम बदलाव, मुक्त विद्यालय में मुफ्त शिक्षा और डिजिटल पढ़ाई से जुड़े कदम भी साथ चल रहे हैं। कानून पारित होने के बाद ही यह सुधार जमीन पर उतरेगा। छात्रों और स्कूलों के लिए आगे की रूपरेखा विभाग की अधिसूचना से साफ होगी।

Read More Here

Netsha Singh
Author: Netsha Singh

वोटिंग जानकारी लोड हो रही है...

कवरेज: Netsha Singh, News Media Kiran

Netsha Singh

News Media Kiran के लिए लिखते हैं।

अपनी राय दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *