Odisha News: ओडिशा में 3,406.25 करोड़ रुपये के निवेश से बड़ा सेमीकंडक्टर विनिर्माण संयंत्र लगने जा रहा है। फाल्ता स्पेशल इकोनॉमिक जोन की यूनिट अप्रूवल कमेटी ने तमिलनाडु स्थित एसआईसीसेम प्राइवेट लिमिटेड के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह स्वीकृति समिति की 217वीं बैठक में मिली। इकाई खोरधा के आईडीसीओ इन्फोवैली-टू में बनेगी और फाल्ता एसईजेड के अधीन रहेगी। यहां सिलिकॉन कार्बाइड डायोड और मॉसफेट बनेंगे। केंद्र 700 करोड़ और राज्य सरकार 350 करोड़ रुपये की पूंजीगत सब्सिडी देगी। शेष 1,956.25 करोड़ रुपये प्रवर्तक लगाएंगे।
Odisha News: मंजूरी कहां और कैसे मिली
फाल्ता एसईजेड की यूनिट अप्रूवल कमेटी ने प्रस्ताव स्वीकार किया। मंगलवार को जारी बयान में 217वीं बैठक का उल्लेख है। इकाई फाल्ता एसईजेड के क्षेत्राधिकार में काम करेगी। खोरधा को यह परियोजना राज्य के उभरते सेमीकंडक्टर केंद्र से जोड़कर देखा जा रहा है।
संयंत्र कहां लगेगा
प्रस्तावित प्लांट आईडीसीओ इन्फोवैली-टू, खोरधा में स्थापित होगा। इसके लिए 21.889 एकड़ से अधिक भूमि चिह्नित है। स्थान औद्योगिक परिसर में होने से आधारभूत ढांचा और एसईजेड सुविधा दोनों उपलब्ध रहेंगे। निर्माण आगे की औपचारिकता पूरी होने के बाद बढ़ेगा।
क्या बनेगा इस इकाई में
यहां सिलिकॉन कार्बाइड यानी एसआईसी सेमीकंडक्टर उपकरण बनेंगे। इनमें एसआईसी डायोड और एसआईसी मॉसफेट शामिल हैं। ये उत्पाद उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स और पावर डिवाइस के काम आते हैं। देश में ऐसी क्षमता बढ़ाने को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Odisha News: सालाना उत्पादन क्षमता
संयंत्र से सालाना 48 लाख एसआईसी डायोड बनने का अनुमान है। एसआईसी मॉसफेट की क्षमता 9.12 करोड़ यूनिट प्रति वर्ष बताई गई है। यह आंकड़ा परियोजना के प्रस्ताव पर आधारित है। वास्तविक उत्पादन इकाई चालू होने के बाद तय कार्यक्रम से जुड़ेगा।
पैसे का बंटवारा कैसे है
कुल लागत 3,406.25 करोड़ रुपये है। केंद्र सरकार 700 करोड़ रुपये की पूंजीगत सब्सिडी देगी। ओडिशा सरकार 350 करोड़ रुपये देगी। बचे 1,956.25 करोड़ रुपये प्रवर्तक कंपनी लगाएगी। तीनों हिस्से मिलकर परियोजना का वित्तीय ढांचा बनाते हैं।
Odisha News: निर्यात और विदेशी मुद्रा
अगले पांच वर्षों में 7,043 करोड़ रुपये का निर्यात टर्नओवर अनुमानित है। इसी अवधि में करीब 4,523 करोड़ रुपये शुद्ध विदेशी मुद्रा अर्जित होने का अनुमान है। परियोजना को निर्यात केंद्रित उच्च तकनीक उद्योग से जोड़ा जा रहा है।
देश और राज्य के लिए मतलब
यह इकाई भारत की घरेलू सेमीकंडक्टर क्षमता को मजबूत करने वाली मानी जा रही है। ओडिशा में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को भी इससे सहारा मिलने की उम्मीद है। फाल्ता एसईजेड पूंजीगत और तकनीक आधारित निवेश लाने में भूमिका निभा रहा है।
Odisha News: आगे क्या देखना होगा
मंजूरी मिलने के बाद भूमि विकास, संयंत्र निर्माण और मशीन स्थापना के चरण आएंगे। सब्सिडी और एसईजेड नियमों के अनुपालन पर काम चलेगा। उत्पादन शुरू होने पर ही रोजगार और निर्यात के अनुमान जमीन पर दिखेंगे।
ओडिशा के खोरधा में 3,406.25 करोड़ रुपये का सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने की मंजूरी मिल गई है। तमिलनाडु की एसआईसीसेम प्राइवेट लिमिटेड इन्फोवैली-टू में सिलिकॉन कार्बाइड डायोड और मॉसफेट बनाएगी। केंद्र और राज्य मिलाकर 1,050 करोड़ रुपये की सब्सिडी देंगे, शेष राशि प्रवर्तक लगाएंगे। पांच वर्ष में हजारों करोड़ के निर्यात का अनुमान है। फाल्ता एसईजेड के दायरे में यह परियोजना राज्य के तकनीक उद्योग को नई दिशा दे सकती है। निर्माण और उत्पादन शुरू होने पर असर साफ होगा।
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