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Odisha News: ओडिशा सरकार की नई पुनर्वास नीति, भूमि खोने वालों को मिलेंगे कई विकल्प

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Odisha News: ओडिशा सरकार जल्द ही एक नई पुनर्वास और पुनर्स्थापन (आर एंड आर) नीति लेकर आ रही है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य है कि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित लोगों को अपनी पसंद के हिसाब से कई विकल्प चुनने का मौका मिले। सरकार चाहती है कि लोग सिर्फ पैसे पर निर्भर न रहें, बल्कि लंबे समय तक चलने वाले फायदे पा सकें।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि नई नीति में भूमि के बदले भूमि, परियोजना में हिस्सेदारी या नई नौकरी जैसे विकल्प होंगे। प्रभावित व्यक्तियों को इन विकल्पों में से एक का चयन करने अथवा नकद राशि लेने का अधिकार होगा। मंत्री ने कहा कि केवल धनराशि को ही मुआवजा समझने की पारंपरिक सोच को बदलना आवश्यक है। अक्सर देखा गया है कि लोग नकद राशि को शीघ्र खर्च कर देते हैं और बाद में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

नीति के फायदे और कैसे काम करेगी

इस नीति से खासकर आदिवासी भाइयों को लाभ मिलेगा, जो पैसा से ज्यादा जमीन को महत्व देते हैं। मंत्री पुजारी ने बताया कि आदिवासी समुदाय के पास अक्सर व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक कौशल या संसाधनों का अभाव होता है, जिसके कारण प्राप्त धनराशि जल्द ही समाप्त हो जाती है। नई योजना के तहत, जहां संभव हो, जमीन के बदले जमीन देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हालांकि, यह कोई बाध्यता नहीं होगी- प्रभावित लोग चाहें तो नकद मुआवजा भी ले सकते हैं।

परियोजना में हिस्सेदारी का मतलब है कि प्रभावित व्यक्ति कंपनी या प्रोजेक्ट में अपना हिस्सा पा सकें, जिससे उन्हें लगातार कमाई होती रहे। सरकार फैसला थोपेगी नहीं, बल्कि लोगों की राय लेकर काम करेगी। सूत्रों के मुताबिक, यह नीति सितंबर में विधानसभा के मानसून सत्र से पहले कैबिनेट से पास हो सकती है।

लोगों के लिए आसान और स्थायी मदद

ओड़िशा सरकार की यह पहल भूमि-हीन होने वाले लोगों को सशक्त बनाने में मदद करेगी। प्रभावित व्यक्तियों को अब तीन विकल्प दिए जाएंगे – नकद मुआवजा, वैकल्पिक भूमि या परियोजना में हिस्सेदारी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि आदिवासी क्षेत्रों में जमीन का विशेष महत्व होता है, इसीलिए नई नीति को विशेष रूप से उनकी आवश्यकताओं को केंद्र में रखकर तैयार किया जा रहा है।

Sanjna Gupta
Author: Sanjna Gupta

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