Odisha Student Union Polls: ओडिशा के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव आठ साल के लंबे अंतराल के बाद फिर से हो रहे हैं। आज 10 अक्टूबर 2026 को उम्मीदवारों के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख है। नामांकन पत्रों की जांच के बाद वैध उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी गई है।
राज्य भर में कुल 8325 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए थे। इनमें से 1175 नामांकन खारिज हो गए जबकि 7168 उम्मीदवारों को कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर चुनाव लड़ने के योग्य घोषित किया गया है। यह आंकड़ा बताता है कि छात्र राजनीति में रुचि फिर से बढ़ रही है।
पिछली बार ये चुनाव 2017 में हुए थे। आठ साल बाद फिर से चुनाव होने से छात्रों को अपने प्रतिनिधियों को चुनने का मौका मिल रहा है। राज्य के कई शैक्षणिक संस्थानों में इस प्रक्रिया को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है।
नामांकन की प्रक्रिया और खारिज होने वाले आंकड़े क्या बताते हैं?
नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जांच का चरण आया। कुल 8325 नामांकन पत्रों में से 1175 को खारिज कर दिया गया। खारिज होने के कारणों में दस्तावेजों की कमी या अन्य नियमों का पालन न होना शामिल हो सकता है, हालांकि आधिकारिक विवरण में केवल संख्या दी गई है। वैध घोषित 7168 उम्मीदवार अब कॉलेज और विश्वविद्यालय दोनों स्तरों पर चुनाव मैदान में हैं।
इन वैध उम्मीदवारों में 1149 अध्यक्ष पद के लिए और 758 महासचिव पद के लिए लड़ रहे हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि प्रमुख पदों पर प्रतिस्पर्धा काफी तेज है। बाकी पदों पर भी बड़ी संख्या में छात्र नामांकन दाखिल कर चुके हैं। नामांकन वापसी की आज की अंतिम तारीख के बाद अंतिम सूची और स्पष्ट हो जाएगी।
बिना विरोध के चुने गए उम्मीदवारों की स्थिति क्या है?
चुनाव प्रक्रिया में एक बड़ा हिस्सा बिना विरोध के तय हो गया है। कॉलेज स्तर पर कुल 1620 उम्मीदवारों को बिना विरोध के चुना गया है। विश्वविद्यालय स्तर पर 33 उम्मीदवारों ने बिना किसी प्रतिद्वंद्वी के जीत हासिल कर ली है। ये आंकड़े बताते हैं कि कई संस्थानों में या तो पर्याप्त प्रतिस्पर्धा नहीं हुई या अन्य उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिए।
बिना विरोध के चुने जाने का मतलब है कि इन उम्मीदवारों को मतदान की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे सीधे अपने पदों पर काबिज हो जाएंगे। यह स्थिति उन क्षेत्रों में देखी जा रही है जहां छात्र संगठनों की सक्रियता कम रही या नामांकन की प्रक्रिया सीमित रही। राज्य भर में यह संख्या काफी बड़ी है और यह चुनाव के समग्र रुझान को प्रभावित कर सकती है।
कहां और कैसे होंगे प्रत्यक्ष चुनाव?
राज्य में कुल 13 विश्वविद्यालयों और 328 कॉलेजों में प्रत्यक्ष चुनाव होंगे। इन संस्थानों में छात्र सीधे अपने प्रतिनिधियों को वोट देकर चुनेंगे। बाकी 205 संस्थान अन्य प्रक्रियाओं के जरिए छात्र प्रतिनिधियों का चयन करेंगे। यह व्यवस्था विभिन्न संस्थानों की संरचना और नियमों के अनुसार तय की गई है।
प्रत्यक्ष चुनाव वाले संस्थानों में मतदान 15 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। मतदान के तुरंत बाद दोपहर 2 बजे से मतगणना शुरू हो जाएगी। चुने गए प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण समारोह अगले दिन यानी 16 अक्टूबर को होगा। यह पूरा कार्यक्रम एक दिन में पूरा होने वाला है ताकि परिणाम जल्द से जल्द सामने आ सकें।
14 अक्टूबर को उम्मीदवारों को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। ‘व्हाई आई स्टैंड फॉर’ नामक बैठकों में वे अपने विचार और एजेंडा छात्रों के सामने रखेंगे। यह प्रक्रिया छात्रों को उम्मीदवारों की सोच समझने का अवसर देगी।
आठ साल के अंतराल के बाद इन चुनावों का क्या महत्व है?
आखिरी छात्र संघ चुनाव 2017 में हुए थे। उसके बाद आठ साल तक ये चुनाव नहीं हुए। इस लंबे अंतराल ने छात्र राजनीति को प्रभावित किया। अब फिर से चुनाव होने से छात्रों को संगठित होकर अपने मुद्दे उठाने और प्रतिनिधित्व चुनने का मौका मिल रहा है। राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में यह बदलाव छात्रों की भागीदारी बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।
बड़ी संख्या में नामांकन दाखिल होना और कई उम्मीदवारों का बिना विरोध चुना जाना दोनों ही बातें महत्वपूर्ण हैं। जहां प्रतिस्पर्धा है वहां छात्रों के पास विकल्प हैं, वहीं जहां नहीं है वहां प्रक्रिया सरल रही। कुल मिलाकर यह चुनाव छात्रों के बीच जागरूकता और सक्रियता का संकेत दे रहे हैं।
अब आगे का कार्यक्रम क्या रहेगा?
आज नामांकन वापसी की अंतिम तारीख है। इसके बाद अंतिम वैध उम्मीदवारों की सूची और स्पष्ट हो जाएगी। 14 अक्टूबर को उम्मीदवार अपनी बात रखेंगे। 15 अक्टूबर को मतदान और मतगणना दोनों हो जाएंगे। अगले दिन शपथ ग्रहण होगा। यह सारा कार्यक्रम तय समय पर पूरा होने की उम्मीद है।
राज्य भर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के इंतजाम किए हैं। चुनाव शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हों, इस पर जोर दिया जा रहा है। छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है क्योंकि चुने गए प्रतिनिधि संस्थानों में छात्रों की आवाज बनेंगे।
ओडिशा में छात्र संघ चुनावों की वापसी लंबे समय से प्रतीक्षित थी। आंकड़े बताते हैं कि प्रक्रिया बड़े पैमाने पर चल रही है। 8325 नामांकन से लेकर 7168 वैध उम्मीदवार और 1653 बिना विरोध चुने गए प्रतिनिधि तक, हर संख्या इस चुनाव के व्यापक स्वरूप को दर्शाती है। 15 अक्टूबर को होने वाला मतदान इन चुनावों का सबसे महत्वपूर्ण चरण होगा।
छात्रों की भागीदारी और चुने गए प्रतिनिधियों की भूमिका आगे संस्थानों के माहौल को प्रभावित करेगी। आठ साल बाद यह प्रक्रिया छात्रों को एक बार फिर से संगठित होने का मौका दे रही है। नामांकन वापसी की आज की तारीख के बाद सभी की नजर 15 अक्टूबर के मतदान पर टिकेगी।
Read More Here
- Donald Trump: नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर ट्रंप नाराज, बोले- मैंने 8 युद्ध रुकवाए, फिर भी नहीं मिला सम्मान
- CG News: सूरजपुर हत्याकांड में 3 को सजा-ए-मौत, 1 को उम्रकैद; मां और बेटी की हुई थी हत्या, शरीर पर मिले थे 61 चोटों के निशान
- Jharkhand Crime Update: दुमका के काठीकुंड में 14 वर्षीय छात्रा की हत्या से सनसनी, घर से 500 मीटर दूर झाड़ी में मिला शव
- Delhi CJP Protest Live: जंतर-मंतर पर भारी किलेबंदी, ध्रुव राठी हिरासत में, कई रूटों पर लंबा जाम

