PM POSHAN Scheme Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की थाली में जल्द ही कुछ नया दिखेगा। मिड-डे मील में अब ओट्स बिस्किट, फल, खीर और सांभर-चावल जैसे व्यंजन शामिल किए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक निगम अपने करीब 1,500 स्कूलों में नवंबर से ज्यादा विविधता वाला और पौष्टिक मेन्यू लागू करने की योजना बना रहा है।
स्कूलों की रसोई चलाने वाली नई एजेंसियों से कहा गया है कि वे रोजाना के साधारण भोजन के साथ कम से कम एक ‘विशेष’ व्यंजन जरूर जोड़ें। मकसद है कि पौष्टिक खाना बच्चों को ज्यादा पसंद आए। हफ्ते में दो बार गेहूं और रागी से बना हलवा परोसने की भी योजना है। मौजूदा व्यंजन मेन्यू से हटाए नहीं जाएंगे, बल्कि उन्हें बनाने के तरीके में बदलाव किया जाएगा।
PM POSHAN Scheme Delhi: नवंबर से लागू होगा नया मेन्यू
अधिकारियों ने बताया कि एमसीडी अपने करीब 1,500 स्कूलों में नवंबर से नई व्यंजन सूची लागू करना चाहती है। इसमें ओट्स बिस्किट, फल, खीर और सांभर-चावल जैसे विकल्प शामिल होंगे। ओट्स केक जैसे विकल्पों पर भी विचार चल रहा है।
यह योजना अभी तैयारी के चरण में है। नवंबर में किस तारीख से नया मेन्यू शुरू होगा, इसकी सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। आखिरी फैसला नई एजेंसियों के तय होने के बाद ही साफ हो सकेगा।
हर रसोई में एक ‘विशेष’ व्यंजन अनिवार्य
दिल्ली के स्कूलों की रसोई संभालने वाली नई एजेंसियों से कहा गया है कि वे साधारण दैनिक भोजन के साथ कम से कम एक विशेष व्यंजन जरूर जोड़ें। फल और खीर के अलावा ओट्स केक और बिस्किट जैसे विकल्प इसी सोच का हिस्सा हैं।
एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक रोज एक ही तरह का खाना खाने से बच्चे ऊब जाते हैं। उनका कहना है कि अगर उन्हीं सामग्रियों से बिस्किट जैसी कोई चीज बनाई जाए या भोजन को बच्चों की पसंद के हिसाब से तैयार किया जाए, तो वे उसे ज्यादा चाव से खाएंगे।
हफ्ते में दो बार गेहूं-रागी का हलवा
नई व्यंजन सूची में सांभर-चावल को जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही एजेंसियों से भोजन की तैयारी में भी विविधता लाने को कहा जाएगा। इसके तहत हफ्ते में दो बार गेहूं और रागी से बना हलवा परोसा जाएगा।
हलवे में गेहूं और रागी के अनुपात या उसकी विधि का ब्योरा फिलहाल सामने नहीं आया है। यह भी साफ नहीं है कि किन दिनों हलवा दिया जाएगा। इन बातों का फैसला एजेंसियों के स्तर पर या क्षेत्रीय योजना के तहत हो सकता है।
पुराने व्यंजन रहेंगे जारी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पूरी-आलू, दाल-चावल और छोले-चावल जैसे मौजूदा भोजन जारी रहेंगे। एक अन्य अधिकारी के मुताबिक जिस दिन पूरी-आलू दिया जाता है, उस दिन बच्चे उसे पसंद करते हैं।
इसी वजह से प्रयास किसी व्यंजन को हटाने का नहीं, बल्कि उसे बनाने के तरीके में बदलाव करने का है। निगम चाहता है कि बच्चे सभी प्रकार का भोजन खाएं। क्षेत्रीय स्तर पर तैयार हो रही योजना में पूरी-सब्जी, दाल-चावल, छोले-चावल, राजमा-चावल और कढ़ी-चावल का वितरण जारी रहेगा।
रसोइयां नई एजेंसियों को सौंपने की तैयारी
ये बदलाव ऐसे समय हो रहे हैं, जब एमसीडी अपने स्कूलों की रसोइयों को नई एजेंसियों के समूह को सौंपने की तैयारी कर रही है। इसके लिए करीब दो महीने पहले निविदा जारी की गई थी। चुनी गई रसोइयों का सर्वेक्षण फिलहाल चल रहा है।
अधिकारियों के अनुसार 13 नई कंपनियों के आने की उम्मीद है। अगले सप्ताह तक एजेंसियों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। निगम ने एजेंसियों से कहा है कि वे मौजूदा रसोई ढांचे के भीतर ही काम करते हुए नए व्यंजन जोड़ें।
पीएम पोषण योजना के मानक
केंद्र सरकार की ‘पीएम पोषण’ योजना के पोषण मानकों के तहत प्राथमिक स्तर पर हर बच्चे को रोजाना 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन वाला भोजन देना अनिवार्य है। नया मेन्यू इन्हीं मानकों के दायरे में रहकर तैयार किया जाएगा।
नए व्यंजनों में कितनी कैलोरी और प्रोटीन होगा, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसी तरह बदलाव पर अभिभावकों या शिक्षकों की प्रतिक्रिया का ब्योरा भी सामने नहीं आया है।
PM POSHAN Scheme Delhi: आगे क्या
अब नजर अगले सप्ताह होने वाली एजेंसियों की अंतिम सूची पर रहेगी। इसके बाद ही साफ होगा कि नवंबर से नया मेन्यू किस तरह जमीन पर उतरता है। निगम का जोर इस बात पर है कि भोजन पौष्टिक होने के साथ बच्चों को पसंद भी आए।
सफलता इस पर भी निर्भर करेगी कि एजेंसियां सीमित रसोई ढांचे में नए व्यंजन कितनी गुणवत्ता से तैयार कर पाती हैं। इस पर निगरानी की व्यवस्था के बारे में उपलब्ध जानकारी में कुछ नहीं बताया गया है।
दिल्ली नगर निगम अपने करीब 1,500 स्कूलों में नवंबर से मिड-डे मील का नया मेन्यू लागू करने की योजना बना रहा है। इसमें ओट्स बिस्किट, फल, खीर और सांभर-चावल शामिल होंगे, जबकि हफ्ते में दो बार गेहूं और रागी का हलवा परोसा जाएगा। नई एजेंसियों को हर दिन कम से कम एक विशेष व्यंजन जोड़ने को कहा गया है। पूरी-आलू, दाल-चावल और छोले-चावल जैसे पुराने व्यंजन जारी रहेंगे। 13 नई कंपनियों के अगले सप्ताह तक तय होने की उम्मीद है और पीएम पोषण के पोषण मानक लागू रहेंगे।
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Sanjana Gupta
Hindi Content Writer | New Media Kiran
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