
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। महागठबंधन ने कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की शुरुआत की है। इस यात्रा का नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किया, जिसमें विपक्षी दलों के कई बड़े नेता, तेजस्वी यादव और लेफ्ट के नेता भी शामिल हुए।
‘लापता वोट’ का नारा
यात्रा से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया, जिसका शीर्षक ‘लापता वोट’ रखा गया। यह नाम हाल ही में आई फिल्म ‘लापता लेडीज’ से प्रेरित बताया जा रहा है। एक मिनट दो सेकंड के इस वीडियो में राहुल गांधी ने संदेश दिया – “चोरी-चोरी, चुपके-चुपके…अब और नहीं, जनता जाग गई है।”
कांग्रेस का आरोप है कि बिहार में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर हुआ है और विपक्षी वोटों को जानबूझकर हटाया जा रहा है।
16 दिन, 1300 किमी की यात्रा
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यात्रा का खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त से सासाराम से यह यात्रा शुरू हुई है, जो 16 दिन तक चलेगी और लगभग 1300 किमी की दूरी तय करेगी। इस दौरान यात्रा अलग-अलग जिलों से होकर गुजरेगी और 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में इसका समापन होगा।
खेड़ा ने कहा कि यह सिर्फ वोट छिनने की साजिश नहीं है, बल्कि गरीब, आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यकों की पहचान छीनने की योजना है। उन्होंने इसे जनता के अस्तित्व की लड़ाई बताया।
चुनाव आयोग पर निशाना
पवन खेड़ा ने चुनाव आयोग पर भी तंज कसते हुए कहा – “अधिकारियों से निवेदन है कि अपनी लंबी नौकरी को देखते हुए किसी एक राजनीतिक दल के साथ खड़े न हों। अगर आप निष्पक्ष नहीं रहेंगे तो आने वाली पीढ़ियां आपसे सवाल पूछेंगी।”
विपक्ष का पलटवार तेज
महागठबंधन के नेताओं का कहना है कि यह यात्रा जनता को जागरूक करने का बड़ा अभियान है। वहीं, सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को राजनीतिक स्टंट बताते हुए कहा कि विपक्ष जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
इस यात्रा के जरिए बिहार की राजनीति में गर्माहट बढ़ गई है और माना जा रहा है कि इसका असर आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों तक दिखाई दे सकता है।
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