Rajasthan Politics: राजस्थान के खैरथल में नगर परिषद चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। सभापति पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे पूर्व नेता प्रतिपक्ष विक्रम चौधरी उर्फ विक्की भाजपा में शामिल हो गए। केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने दिल्ली स्थित आवास पर उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर पार्टी में एंट्री दी। दावा है कि 11 अन्य पार्षद भी भाजपा में आए हैं, जिनमें पांच-छह कांग्रेस के बताए जा रहे हैं। उनके नाम अभी सार्वजनिक नहीं हुए। 45 वार्डों में कांग्रेस के 20, भाजपा के आठ और 17 निर्दलीय पार्षद जीते थे। कांग्रेस की राह आसान लग रही थी, लेकिन इस टूट से समीकरण बदल गया है।
Rajasthan Politics: विक्रम चौधरी की एंट्री कैसे हुई
विक्रम चौधरी कांग्रेस से सभापति पद के दावेदार माने जा रहे थे। चुनाव परिणाम के बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। भूपेंद्र यादव ने दिल्ली में उन्हें दुपट्टा ओढ़ाया। स्थानीय स्तर पर यह घटना बोर्ड गठन से पहले आई है।
11 पार्षदों वाले दावे की स्थिति
भाजपा खेमे से दावा किया जा रहा है कि 11 और पार्षद पार्टी में शामिल हुए हैं। इनमें पांच से छह कांग्रेस के बताए गए हैं। फिलहाल इनके नाम सामने नहीं आए हैं। दावे की पुष्टि नाम आने के बाद ही पूरी तरह हो सकेगी।
45 वार्डों का पुराना समीकरण
नगर परिषद में कुल 45 वार्ड हैं। कांग्रेस के 20 पार्षद जीते थे। भाजपा के आठ और निर्दलीय 17 रहे। बहुमत के लिए संख्या जुटाना दोनों दलों के लिए महत्वपूर्ण था। कांग्रेस के लिए शुरुआत में राह सरल दिख रही थी।
Rajasthan Politics: बोर्ड गठन पर क्या असर
11 पार्षदों के आने के दावे के बाद भाजपा के लिए सभापति चुनना और बोर्ड बनाना आसान माना जा रहा है। कांग्रेस की संख्या घटने से समीकरण पलट सकता है। अंतिम तस्वीर पार्षदों के रुख और नामांकन के बाद साफ होगी।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष का बयान
जिलाध्यक्ष बलराम यादव ने कहा कि विक्रम के भाजपा में शामिल होने की जानकारी मिली है। उनसे संपर्क नहीं हो पाया। ज्यादातर पार्षद किलेबंदी में हैं। पार्टी उन्हें वापस लाने की कोशिश कर रही है।
टीकाराम जूली का आरोप
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि भाजपा जनादेश नहीं मान रही। पुलिस और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया। उन्होंने कहा कि डरा-धमकाकर कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों को तोड़ने की कोशिश हो रही है। उनके मुताबिक बोर्ड कांग्रेस का ही बनेगा।
नीमराना और बूंदी का विवाद
जूली ने कहा कि नीमराना में उनके उम्मीदवार के परिजन को पुलिस ले गई, लोगों ने थाने पर धरना दिया। उन्होंने एसपी से बात की। एक दिन पहले उनके क्षेत्र के पार्षद को उठाने दो थानेदार आए थे, उन्हें वापस ले आए। भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया गया।
Rajasthan Politics: मंगलवार को दो जगह हंगामा
बूंदी के कापरेन में निर्दलीय पार्षद राधिका मीणा को दस्तयाब करने पहुंची पुलिस का परिजनों और कांग्रेस नेताओं ने विरोध किया। नीमराना में निर्दलीय प्रत्याशी सुमन के जेठ को थाने लाने की सूचना पर ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर धरना दिया। दोनों घटनाएं बाड़ेबंदी के आरोपों से जुड़ी बताई जा रही हैं।
खैरथल नगर परिषद में बोर्ड गठन से पहले विक्रम चौधरी के भाजपा में जाने से कांग्रेस का समीकरण बिगड़ गया है। 20 पार्षदों वाली स्थिति अब दावे और प्रतिदावे के बीच है। भाजपा 11 और पार्षदों के शामिल होने का दावा कर रही है, नाम अभी नहीं आए हैं। कांग्रेस पार्षदों को वापस लाने की कोशिश में है। विपक्ष पुलिस कार्रवाई और दबाव के आरोप लगा रहा है। बूंदी और नीमराना में भी निर्दलीयों को लेकर विवाद हुआ। सभापति पद की लड़ाई अब संख्या और पार्षदों के अंतिम रुख पर टिकी है।
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