
Jharkhand News: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश ने पूरे राज्य को प्रभावित किया है। इस बारिश की वजह से नदियां और जलप्रपात उफान पर आ गए हैं। राज्य के कई मशहूर जलप्रपातों में पानी का स्तर बहुत बढ़ गया है, जिससे खतरा बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे इन जगहों पर जाने से बचें।
किन जलप्रपातों में आया उफान

झारखंड की राजधानी रांची और उसके आसपास के इलाकों में बारिश का सबसे ज्यादा असर पड़ा है। यहां के प्रमुख जलप्रपात जैसे जोन्हा फॉल्स, हुंडरू फॉल्स, दशम फॉल्स, सीता फॉल्स और रिमिक्स फॉल्स में पानी बहुत तेज बह रहा है। इन जगहों पर हर साल हजारों पर्यटक घूमने आते हैं, लेकिन इस समय स्थिति खतरनाक हो गई है। बारिश की वजह से चट्टानें फिसलन भरी हो गई हैं और पानी अचानक बढ़ सकता है। प्रशासन ने बताया कि अन्य छोटे-बड़े जलप्रपात भी प्रभावित हैं।
बारिश का कारण और प्रभाव
मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड में मानसून की वजह से भारी बारिश हो रही है। इस बारिश से न सिर्फ जलप्रपात उफान पर हैं, बल्कि कई गांवों में पानी भर गया है। सड़कें बंद हो गई हैं और लोगों को घरों में रहने की सलाह दी जा रही है। जलप्रपातों के आसपास रहने वाले लोग भी सतर्क हैं, क्योंकि तेज बहाव से दुर्घटना का डर है। पिछले साल भी ऐसी बारिश में कुछ हादसे हो चुके हैं, इसलिए इस बार प्रशासन पहले से तैयार है।
प्रशासन की चेतावनी और सलाह
जिला प्रशासन ने साफ-साफ कहा है कि पर्यटक और स्थानीय लोग जलप्रपातों के करीब न जाएं। तेज जलधारा और फिसलन वाली चट्टानों से गिरने का खतरा है। अचानक पानी बढ़ने से जान का नुकसान हो सकता है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित जगहों पर रहें और मौसम की खबरों पर नजर रखें। पुलिस और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। अगर कोई मुश्किल हो तो तुरंत पुलिस या आपातकालीन सेवाओं से संपर्क करें।
सुरक्षा के लिए क्या करें
प्रशासन ने कुछ आसान टिप्स भी दिए हैं। बारिश के समय बाहर न निकलें, खासकर पहाड़ी इलाकों में। अगर घूमने जा रहे हैं तो पहले मौसम चेक करें। बच्चों और बुजुर्गों को साथ लेकर जोखिम न लें। आपात स्थिति में 100 नंबर पर पुलिस को कॉल करें या 108 पर एम्बुलेंस बुलाएं। राज्य सरकार ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और लोगों की मदद के लिए टीमें तैनात हैं।