Jharkhand News: झारखंड की राजधानी रांची में नगर निगम ने होल्डिंग टैक्स के बकायेदारों पर सख्ती दिखाई है। नगर निगम ने 500 बड़े बकायेदारों की सूची जारी की और उन्हें 10 दिनों के अंदर बकाया चुकाने का आदेश दिया। यह सूची नगर निगम की वेबसाइट पर अपलोड की गई है। अगर समय पर पैसे नहीं चुकाए गए, तो झारखंड नगरपालिका अधिनियम 2011 की धारा 184 के तहत कानूनी कदम उठाए जाएंगे। यह कार्रवाई रांची नगर निगम द्वारा राजस्व बढ़ाने और बकायेदारों पर नकेल कसने के लिए है। बकायेदारों में कई बड़े नाम हैं, जिन्हें अब चेतावनी दी गई है।
बकायेदारों की सूची और बकाया राशि
सूची में सबसे कम बकाया 86,426.36 रुपये है, जबकि सबसे ज्यादा 16,54,297.88 रुपये। इन बकायेदारों में कई शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं, जो ट्रस्ट के नाम पर चलते हैं। इन संस्थानों को होल्डिंग टैक्स में 50 प्रतिशत छूट मिलती है, लेकिन कई सालों से वे टैक्स नहीं चुका रहे हैं। सूची के टॉप 20 बकायेदारों में मेसर्स बिरला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (16.54 लाख), सरस्वती शिशु विद्या मंदिर (14.89 लाख), डीएवी पब्लिक स्कूल (10.79 लाख), सेंट जेवियर्स स्कूल (9.87 लाख) और अन्य स्कूल और संस्थान शामिल हैं। ये संस्थान छात्रों से करोड़ों रुपये फीस लेते हैं, लेकिन सरकारी टैक्स नहीं देते। नगर निगम का कहना है कि यह छूट का दुरुपयोग है।
कानूनी कार्रवाई की तैयारी में नगर निगम
नगर निगम ने साफ कहा कि अगर 10 दिनों में बकाया नहीं चुकाया गया, तो कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे पहले भी नोटिस भेजे गए थे, लेकिन अब यह अंतिम चेतावनी है। अधिकारियों का कहना है कि होल्डिंग टैक्स शहर के विकास के लिए जरूरी है। बकायेदारों को वेबसाइट पर अपनी डिटेल्स चेक करने और जल्द पेमेंट करने की सलाह दी गई है।
Jharkhand News: क्या है लोगों की प्रतिक्रिया?
यह कदम रांची नगर निगम द्वारा सख्ती दिखाने का हिस्सा है। लोग कहते हैं कि अमीर संस्थानों को टैक्स चुकाना चाहिए, ताकि शहर का विकास हो। बकायेदारों को अब चेतावनी का पालन करना होगा, वरना कानूनी मुश्किलें आएंगी।

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