डेस्क: टैक्स विभाग के मुताबिक, कड़े वैरिफिकेशन प्रोसेस, बड़े अमाउंट वाले क्लेम्स, और ई-फाइलिंग पोर्टल की तकनीकी गड़बड़ियां इस देरी के पीछे हैं। लेकिन, इस प्रक्रिया में जो सबसे बड़ा नुकसान होता है, वह सिर्फ वित्तीय नहीं बल्कि मनोवैज्ञानिक (psychological) भी है। रिफंड का इंतज़ार — एक ‘अनिश्चितता का तनाव’ रोज़ाना बैंक बैलेंस चेक करना,...
