BJD U-Turn on Odisha Bandh: भुवनेश्वर। कल के ओडिशा बंद को लेकर बीजू जनता दल का रुख थोड़ी देर में बदल गया। नवीन निवास में बैठक के बाद विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मल्लिक ने कहा था कि इंडिया ब्लॉक की ओर से बुलाए गए बंद को BJD समर्थन देगी। उन्होंने यह भी कहा कि BJD इंडिया ब्लॉक में है। कुछ समय बाद उन्होंने अपना मत बदल दिया। नया बयान है कि पार्टी कांग्रेस के बंद आह्वान का समर्थन नहीं करेगी। कम अंतराल में आए दो अलग बयानों से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
पहले समर्थन की घोषणा और फिर अचानक फैसले का बदलना सवाल बन गया है। दोनों बयानों के बीच बदलाव की कोई स्पष्ट वजह प्रमिला मल्लिक की ओर से नहीं बताई गई। वरिष्ठ पत्रकार प्रसन्न महान्ति का कहना है कि पिछली सरकार के समय के अलग-अलग भ्रष्टाचार मामलों को लेकर BJD दबाव में हो सकती है। यह उनकी पढ़त है, पार्टी की आधिकारिक सफाई नहीं।
पहला बयान क्या था?
नवीन निवास की बैठक के बाद प्रमिला मल्लिक ने साफ सूचना दी कि कल का ओडिशा बंद, जिसे इंडिया ब्लॉक ने बुलाया है, BJD के समर्थन वाला होगा। इसी क्रम में उन्होंने पार्टी को इंडिया ब्लॉक में होने की बात भी कही। बयान विपक्षी एकजुटता के संकेत की तरह पढ़ा गया। ओडिशा में BJD लंबे समय से गठबंधन से अलग पहचान रखती आई है, इसलिए यह वाक्य ज्यादा चर्चा में आया।
फैसला कब और कैसे पलटा?
थोड़ी देर बाद प्रमिला मल्लिक ने कहा कि BJD कल के कांग्रेस बंद का समर्थन नहीं करेगी। आह्वान को कांग्रेस का बताकर दूरी बनाई गई। पहले वाक्य में इंडिया ब्लॉक था, दूसरे में कांग्रेस। शब्दों का यह फर्क भी चर्चा में है। समर्थन से इनकार तक का समय कम रहा, इसलिए यू-टर्न कहा जा रहा है।
बदलाव की निर्दिष्ट वजह नहीं बताई गई। न बैठक का दूसरा ब्योरा आया, न अध्यक्ष नवीन पटनायक का अलग बयान। फिलहाल आधिकारिक लाइन दूसरा बयान है—बंद का समर्थन नहीं।
इंडिया ब्लॉक वाली बात का अब क्या मतलब है?
पहला बयान पार्टी को गठबंधन में बता रहा था। दूसरा बयान कांग्रेस के कार्यक्रम से अलग हो गया। दिल्ली में SIR विरोध मार्च में BJD सांसदों की मौजूदगी के बाद भी पार्टी कह चुकी है कि वह इंडिया ब्लॉक का हिस्सा नहीं है। बंद वाला पहला वाक्य उसी सफाई से टकराता दिखा। दूसरा बयान पुरानी लाइन के करीब है।
ओडिशा में कांग्रेस और BJD प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। बंद में साथ आना स्थानीय संगठन के लिए आसान संदेश नहीं था। यू-टर्न को उसी दूरी की वापसी भी पढ़ा जा रहा है।
पत्रकार प्रसन्न महान्ति ने दबाव की बात क्यों कही?
वरिष्ठ पत्रकार प्रसन्न महान्ति का कहना है कि पूर्व सरकार के समय के विभिन्न अनियमितताओं को लेकर BJD दबाव में हो सकती है। उन्होंने बदलाव की यही संभावित वजह बताई। पार्टी ने इस पढ़त पर सहमति या खंडन जारी नहीं किया है।
दबाव की बात अटकल है। रिकॉर्ड पर दो बयान हैं और बीच की स्पष्टता नहीं है। राजनीतिक महल में सवाल यही है कि पहला ऐलान किसके निर्देश पर हुआ और दूसरा किसके बाद पलटा।
कल के बंद पर अब BJD की लाइन क्या है?
ताजा बयान के अनुसार BJD कांग्रेस के बंद आह्वान का समर्थन नहीं करेगी। पहले का समर्थन वापस लिया जा चुका माना जा रहा है। कार्यकर्ता मैदान में उतरेंगे या नहीं, यह दूसरे बयान के बाद अनिश्चित है।
आधे घंटे के अंतराल ने चर्चा बढ़ा दी है। गठबंधन में होने वाला वाक्य और बंद से इनकार वाला वाक्य एक साथ रिकॉर्ड पर हैं। जब तक नवीन पटनायक या पार्टी कोई तीसरा स्पष्टीकरण न दे, आधिकारिक स्थिति इनकार वाली है। बंद का राजनीतिक असर कल सड़क पर दिखेगा।
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