
देशभर में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल लगातार वोट चोरी का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग और बीजेपी पर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच, मध्य प्रदेश के रीवा से बीजेपी सांसद जनार्दन मिश्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे खुद एक पुराने मामले का हवाला देकर इस विवाद को और हवा देते नजर आ रहे हैं।
सांसद ने उठाया पुराना मामला
जनार्दन मिश्र ने मऊगंज जिले में एक पार्टी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वोट चोरी का सबसे बड़ा उदाहरण रीवा जिले में सामने आया था। उन्होंने बताया कि साल 2003 की वोटर लिस्ट में ऐसा मामला उजागर हुआ, जिसमें एक कमरे में 100-200 नहीं बल्कि 1100 वोटर दर्ज थे। यह मामला रीवा जिले की मनगवां विधानसभा सीट से जुड़ा था।
कांग्रेस सरकार के समय हुआ था खुलासा
उस वक्त प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे। जब यह मामला सामने आया, तो बीजेपी ने इसे लेकर जोरदार विरोध किया। केंद्र सरकार ने भी हस्तक्षेप किया और बाद में चुनाव आयोग ने फर्जी वोटरों के नाम सूची से हटाए।
इस विवाद का असर चुनावी नतीजों में भी दिखा। मनगवां सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी को हार का सामना करना पड़ा, जबकि बीजेपी के गिरीश गौतम विजयी रहे। इतना ही नहीं, प्रदेश भर में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता पराजित हुए और उमा भारती के नेतृत्व में बीजेपी ने सरकार बनाई।
आज, जब कांग्रेस और विपक्षी दल फिर से चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं, तो 2003 का यह मामला दोबारा सुर्खियों में आ गया है। जनार्दन मिश्र का वीडियो विपक्ष के आरोपों को बल देता है, वहीं बीजेपी इसे कांग्रेस के शासनकाल की गड़बड़ी बताकर पलटवार कर रही है।
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